Bihar Panchayat Election 2026: बिहार में होने वाले पंचायत चुनाव 2026 इस बार कई मायनों में खास होने जा रहे हैं। पहली बार राज्य में पंचायत स्तर के चुनाव इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) के जरिए कराए जाएंगे। अब तक पंचायत चुनाव बैलेट पेपर से होते थे, लेकिन इस बार तकनीक का बड़ा इस्तेमाल देखने को मिलेगा। बिहार राज्य निर्वाचन आयोग ने इस बदलाव को लेकर अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं और इसे चुनाव प्रणाली में एक बड़े सुधार के रूप में देखा जा रहा है।
सबसे खास बात यह है कि इस बार सामान्य EVM नहीं, बल्कि एस-3 मॉडल की मल्टी पोस्ट EVM का उपयोग किया जाएगा। पंचायत चुनाव में एक साथ कई पदों—जैसे मुखिया, सरपंच, वार्ड सदस्य आदि—के लिए मतदान होता है। इसी को ध्यान में रखते हुए हर बूथ पर 6 बैलेट यूनिट लगाई जाएंगी। यानी मतदाता अलग-अलग पदों के लिए अलग-अलग मशीन पर वोट देंगे, जबकि इन सभी मशीनों को एक कंट्रोल यूनिट से संचालित किया जाएगा। इससे वोटिंग प्रक्रिया ज्यादा व्यवस्थित और तेज होने की उम्मीद है।
निर्वाचन आयोग के अनुसार, अप्रैल महीने के भीतर सभी जिलों को EVM उपलब्ध करा दी जाएंगी। इसके बाद इन मशीनों को कड़ी सुरक्षा के बीच रखा जाएगा। हर स्ट्रॉन्ग रूम में 24 घंटे CCTV निगरानी रहेगी, ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी या छेड़छाड़ की संभावना को पूरी तरह खत्म किया जा सके।
हाल ही में राज्य निर्वाचन आयुक्त दीपक प्रसाद ने सभी जिलों के जिलाधिकारियों (DM) के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए एक अहम समीक्षा बैठक की। इस बैठक में उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि EVM के सुरक्षित भंडारण से लेकर उनकी तकनीकी जांच तक हर प्रक्रिया तय समय पर पूरी की जाए।
EVM के उपयोग से पहले फर्स्ट लेवल चेकिंग (FLC) की प्रक्रिया भी बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। आयोग ने निर्देश दिया है कि यह जांच राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में की जाए, ताकि पारदर्शिता बनी रहे और किसी को भी चुनाव प्रक्रिया पर संदेह न हो।
इसके साथ ही, 2011 की जनगणना के आधार पर वार्डवार जनसंख्या का सत्यापन भी किया जा रहा है। आयोग ने सभी जिलों को निर्देश दिया है कि इस डेटा को अपडेट कर आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड किया जाए, ताकि चुनाव की तैयारी पूरी तरह सटीक और पारदर्शी हो सके।
चुनाव के समय की बात करें तो संभावना है कि पंचायत चुनाव नवंबर-दिसंबर 2026 में कराए जाएंगे। यानी अभी से प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं, ताकि समय आने पर किसी तरह की परेशानी न हो।
EVM के इस्तेमाल से कई फायदे भी होंगे। इससे वोटों की गिनती तेज होगी, परिणाम जल्दी आएंगे और फर्जी मतदान या मतपत्रों की गड़बड़ी जैसी समस्याएं कम होंगी। हालांकि, कुछ लोग इस बदलाव को लेकर सवाल भी उठा सकते हैं, लेकिन आयोग का दावा है कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और सुरक्षित होगी।




