Bihar Panchayat Election 2026 : बिहार में पंचायत और नगरपालिका चुनाव 2026 को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग इस बार बड़ा तकनीकी बदलाव करने जा रहा है। चुनाव प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, तेज और आधुनिक बनाने के उद्देश्य से पहली बार अत्याधुनिक मल्टी पोस्ट एस-3 मॉडल ईवीएम का इस्तेमाल किया जाएगा। इस नई मशीन की सबसे खास बात यह होगी कि मतदाता एक ही बार में अलग-अलग पदों के लिए आसानी से वोट डाल सकेंगे। आयोग का दावा है कि इससे मतदान प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक सरल और व्यवस्थित हो जाएगी।
नई ईवीएम व्यवस्था को सफलतापूर्वक लागू करने के लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने व्यापक तैयारी शुरू कर दी है। इसी क्रम में 25 मई से तीन दिनों का विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इस ट्रेनिंग के जरिए चुनाव कार्य में लगे अधिकारियों और कर्मचारियों को नई मशीन के संचालन की पूरी जानकारी दी जाएगी। आयोग का मानना है कि चुनाव से पहले कर्मचारियों को तकनीकी रूप से दक्ष बनाना बेहद जरूरी है, ताकि मतदान के दौरान किसी प्रकार की समस्या सामने न आए।
पहले चरण में राज्य के पांच जिलों को इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए चुना गया है। इनमें पटना, पूर्वी चंपारण, औरंगाबाद, सारण और सिवान शामिल हैं। इन जिलों के नगर परिषद और नगर पंचायत क्षेत्रों से संभावित निर्वाची पदाधिकारी, जिला स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स और अन्य संबंधित अधिकारी प्रशिक्षण में हिस्सा लेंगे। आयोग की योजना है कि यहां प्रशिक्षित किए गए अधिकारी बाद में अपने-अपने जिलों में जाकर अन्य कर्मचारियों और मतदान कर्मियों को ट्रेनिंग देंगे।
राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव मुकेश कुमार सिन्हा ने बताया कि तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान मशीन के तकनीकी पहलुओं से लेकर मतदान प्रक्रिया तक हर बिंदु की विस्तार से जानकारी दी जाएगी। ट्रेनिंग पूरी होने के बाद मास्टर ट्रेनर्स अपने जिलों में बूथ स्तर तक कर्मचारियों को प्रशिक्षित करेंगे। इसके साथ ही सभी प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारियों की भागीदारी भी अनिवार्य की गई है, ताकि पंचायत स्तर पर भी प्रशिक्षित कर्मियों की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके।
नई मल्टी पोस्ट एस-3 मॉडल ईवीएम को खासतौर पर पंचायत और निकाय चुनावों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। स्थानीय निकाय चुनावों में मतदाताओं को कई पदों के लिए मतदान करना पड़ता है। ऐसे में अलग-अलग प्रक्रिया के कारण मतदान में अधिक समय लगता था। लेकिन अब नई मशीन के जरिए मतदाता एक ही सिस्टम में कई पदों के लिए वोट दर्ज कर सकेंगे। इससे मतदान प्रक्रिया तेज होने के साथ बूथों पर भीड़ भी कम होगी।
आयोग के अनुसार नई ईवीएम में सुरक्षा के आधुनिक फीचर्स भी दिए गए हैं। मशीन को इस तरह डिजाइन किया गया है कि मतदान प्रक्रिया पूरी तरह सुरक्षित और पारदर्शी बनी रहे। साथ ही वोटों की गिनती भी कम समय में पूरी की जा सकेगी। संयुक्त निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि आयोग इस नई तकनीक को लेकर पूरी गंभीरता से काम कर रहा है और सभी जिलाधिकारियों को समय पर अधिकारियों को ट्रेनिंग के लिए भेजने का निर्देश दिया गया है।
राज्य निर्वाचन आयोग केवल कर्मचारियों को प्रशिक्षित करने तक सीमित नहीं रहना चाहता। आयोग जल्द ही आम लोगों के बीच भी जागरूकता अभियान चलाएगा, ताकि मतदाताओं को नई मशीन के इस्तेमाल के बारे में पहले से जानकारी मिल सके। आयोग का लक्ष्य है कि पंचायत और निकाय चुनाव पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और बिना किसी गड़बड़ी के संपन्न हों। नई तकनीक के इस्तेमाल से बिहार की चुनावी व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।





