Bihar Transfer- Posting : बिहार में हर वर्ष जून महीने में बड़े पैमाने पर सरकारी अधिकारियों का स्थानांतरण- पदस्थापन किया जाता है। यह व्यवस्था तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बनाई थी। जून महीने में मंत्री स्तर से ही ट्रांसफर की फाइल निपटाई जाती है ।30 जून के बाद अगर अधिकारियों का स्थानांतरण किया जाता है,तब मुख्यमंत्री की सहमति ली जाती है। मुख्यमंत्री की अनुमति से ही जून महीने के बाद अधिकारियों का स्थानांतरण किया जाता है।
इस बार भी 30 जून तक कई विभागों में सैकड़ो अधिकारियों का स्थानांतरण पदस्थापन किया गया है। गृह विभाग, सामान्य प्रशासन विभाग, शिक्षा विभाग, मद्य निषेध विभाग, पथ निर्माण विभाग, भवन निर्माण विभाग से लेकर कई अन्य विभागों में प्रशासनिक दृष्टिकोण व अवधि पूर्ण किए अधिकारियों को बदला गया है। हालांकि कई ऐसे विभाग हैं जहां पर अधिकारियों का ट्रांसफर पोस्टिंग नहीं हो पाया, इनमें परिवहन विभाग भी है ।
जानकारी के अनुसार परिवहन विभाग में भी हाल ही में प्रोन्नति से डीटीओ बने अधिकारियों का पदस्थापन किया जाना था, लेकिन 30 जून की अवधि खत्म हो गई । उन अधिकारियों को डीटीओ के रूप में पदस्थापित नहीं किया जा सका। 1 जुलाई को भी उन्हें स्थानांतरित नहीं किया गया। मंत्री स्तर से तबादले को लेकर तय अवधि समाप्त हो गई है। दो जुलाई है, ऐसे में अब मंत्री स्तर से फाइल का निपटारा संभव नहीं है। अब परिवहन विभाग अधिकारियों को स्थानांतरित करता है, तब मुख्यमंत्री की सहमति लेनी होगी।
विभागीय सूत्र बताते हैं कि परिवहन सेवा के अधिकारियों के स्थानांतरण पदस्थापन को लेकर मंत्री और सचिव के बीच बातचीत नहीं बन पाई। लिहाजा तबादला नहीं किया जा सका। हालांकि विश्वस्त सूत्र बताते हैं कि अभी भी विभाग के अंदर तबादले को लेकर मंथन जारी है। बैक डेट यानी जुलाई महीने में 30 जून के आदेश से ही अधिसूचना जारी करने की तैयारी चल रही है। अगर ऐसा होता है तब सरकार के अधिकारी अपने ही आदेश को ठेंगा दिखाएंगे।





