ब्रेकिंग
बिहार कैबिनेट विस्तार: पीएम मोदी. शाह, राजनाथ सिंह और नीतीश कुमार समेत तमाम एनडीए नेता मौजूद, मंत्रियों का शपथ ग्रहण शुरूसम्राट कैबिनेट में मंत्री बनने जा रहे निशांत कुमार, शपथ ग्रहण से पहले पिता नीतीश कुमार का लिया आशीर्वादबिहार कैबिनेट विस्तार: सम्राट मंत्रिमंडल में सबसे ज्यादा राजपूत मंत्री होंगे, जानिए किस जाति के कितने मंत्रीपटना में जाम से त्राहिमाम, शपथ ग्रहण और पीएम मोदी के रोड शो को लेकर कई रूट डायवर्ट; लोगों की बढ़ी परेशानीबिहार कैबिनेट विस्तार: कौन हैं इंजीनियर कुमार शैलेंद्र? जो सम्राट सरकार में बनने जा रहे मंत्रीबिहार कैबिनेट विस्तार: पीएम मोदी. शाह, राजनाथ सिंह और नीतीश कुमार समेत तमाम एनडीए नेता मौजूद, मंत्रियों का शपथ ग्रहण शुरूसम्राट कैबिनेट में मंत्री बनने जा रहे निशांत कुमार, शपथ ग्रहण से पहले पिता नीतीश कुमार का लिया आशीर्वादबिहार कैबिनेट विस्तार: सम्राट मंत्रिमंडल में सबसे ज्यादा राजपूत मंत्री होंगे, जानिए किस जाति के कितने मंत्रीपटना में जाम से त्राहिमाम, शपथ ग्रहण और पीएम मोदी के रोड शो को लेकर कई रूट डायवर्ट; लोगों की बढ़ी परेशानीबिहार कैबिनेट विस्तार: कौन हैं इंजीनियर कुमार शैलेंद्र? जो सम्राट सरकार में बनने जा रहे मंत्री

Bihar News: निगरानी अदालत का बड़ा फैसला, भ्रष्ट सरकारी सेवक को कारावास और जुर्माना..2025 में पांच को मिली सजा

निगरानी अदालत ने भ्रष्टाचार निरोध कानून के तहत नालंदा के तत्कालीन हल्का कर्मचारी मुसाफिर सिंह को दोषी करार देते हुए सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। उन्हें रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया था। इस साल अब तक बिहार में पांच भ्रष्ट सरकारी कर्मचारियों

vigilance court, corrupt governmentemployee, पटना निगरानी अदालत, भ्रष्टाचार निरोध कानून, रिश्वतखोर कर्मचारी, नालंदा हल्का कर्मचारी, मुसाफिर सिंह सजा, निगरानी ब्यूरो कार्रवाई, बिहार भ्रष्टाचार केस
© Google
Viveka Nand
2 मिनट

Bihar News: पटना की निगरानी अदालत ने आज एक भ्रष्ट सरकारी सेवक को सजा का ऐलान किया है. नालंदा के तत्कालीन हल्का कर्मचारी को भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत कोर्ट ने दो अलग-अलग धाराओं में दोषी करार देते हुए छह महीने और एक साल की सश्रम कारावास और 5000-5000 रू का जुर्माना लगाया है.

नालंदा अंचल के तत्कालीन हल्का कर्मचारी मुसाफिर सिंह को निगरानी थाना कांड सं-31-07 में यह सजा सुनाई गई है. निगरानी ब्यूरो ने हल्का कर्मचारी मुसाफिर सिंह को पांच हजार रिश्वत लेले रंगे हाथ गिरफ्तार किया था. शिकायकर्ता चंद्रशेखर सिन्हा ने आरोप लगाया था कि हल्का कर्मचारी दाखिल खारिज तथा बंटावार भूमि अलग करने के लिए रिश्वत मांग रहा है. इसके बाद निगरानी के धावा दल ने भ्रष्ट सरकारी सेवक को रंगे हाथ गिरफ्तार किया था. 

बता दें, 2025 में निगरानी थाना में दर्ज भ्रष्टाचार के मामले में सजा दिलाने में तेजी आई है. इस वर्ष पांच भ्रष्ट सरकारी सेवकों को सजा दिलाई जा चुकी है. इनमें  निगरानी थाना कांड सं30-2011 रामकृष्ण मिश्र तत्कालीन अमीन चकबंदी कार्यालय डेहरी, केस सं-44-2018 राजाराम सिंह अमीन राजगीर अंचल, केस सं-78-2006 राजनंदन कुमार श्यामला प्रशाखा पदाधिकारी पटना सचिवालय, केस सं- 51-2015 संजय कुमार प्रशाखा पदाधिकारी विशेष शखा बिहार .

रिपोर्टिंग
V

रिपोर्टर

Viveka Nand

FirstBihar संवाददाता

संबंधित खबरें