Bihar News: NHAI के GM पर CBI का शिकंजा, रिश्वतखोरी मामले में 6 के खिलाफ चार्जशीट दाखिल

Bihar News: CBI ने NHAI GM रामप्रीत पासवान और 5 अन्य के खिलाफ 15 लाख रिश्वत मामले में चार्जशीट दाखिल की है। 1.18 करोड़ नकद बरामद, बेउर जेल में हैं बंद।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated May 21, 2025, 9:19:58 AM

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प्रतीकात्मक - फ़ोटो Google

Bihar News: बिहार में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के पटना क्षेत्रीय कार्यालय में भ्रष्टाचार का गहरा खेल उजागर हुआ है, जिसमें केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने मंगलवार, 20 मई 2025 को पटना की विशेष अदालत में एक महत्वपूर्ण चार्जशीट दाखिल की। इस हाई-प्रोफाइल घोटाले की शुरुआत 22 मार्च 2025 को हुई, जब CBI ने NHAI के महाप्रबंधक रामप्रीत पासवान और निजी कंपनी ‘राम कृपाल सिंह कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड’ के तीन अधिकारियों को 15 लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया था।


यह रिश्वत कंपनी के बिल पास कराने के बदले मांगी गई थी। चार्जशीट में रामप्रीत पासवान, कंपनी के GM सुरेश महापात्रा, कर्मचारी वरुण कुमार, चेतन कुमार, एक अज्ञात व्यक्ति और कंपनी को ही संस्थागत आरोपी के रूप में नामित किया गया है। सभी पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और भारतीय दंड संहिता की गंभीर धाराओं के तहत आरोप तय किए गए हैं।


गिरफ्तारी के बाद CBI ने ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए पटना, रांची, वाराणसी, समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, बेगूसराय और पूर्णिया में छापेमारी की, जिसमें 1.18 करोड़ रुपये नकद, मोबाइल, लैपटॉप, पेन ड्राइव और भ्रष्टाचार से जुड़ी गोपनीय फाइलें बरामद हुईं। इन इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है ताकि रिश्वतखोरी के नेटवर्क की गहराई तक पहुंचा जा सके।


वहीं, गिरफ्तार अभियुक्तों को विशेष अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में पटना के बेउर जेल भेज दिया गया। चार्जशीट दाखिल होने के बाद अब नियमित सुनवाई शुरू होगी, और CBI इस मामले को फास्ट-ट्रैक कोर्ट में ले जाकर जल्द सजा सुनिश्चित करने की कोशिश कर रही है।


बताते चलें कि, इस मामले में CBI ने 12 लोगों के खिलाफ नामजद FIR दर्ज की थी, जिसमें NHAI के छह वरिष्ठ अधिकारी, राम कृपाल सिंह कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड, इसके चार प्रतिनिधि और एक अन्य ठेकेदार शामिल हैं। चार्जशीट में केवल छह के खिलाफ आरोप तय हुए हैं, जबकि बाकी की भूमिका की जांच जारी है। एजेंसी को शक है कि इस भ्रष्टाचार नेटवर्क में और बड़े नाम शामिल हो सकते हैं, जो सिस्टम का दुरुपयोग कर करोड़ों रुपये की हेराफेरी में लिप्त थे।