Bihar News: पटना-बक्सर-भागलपुर में खतरे के निशान पर गंगा, जलस्तर में लगातार वृद्धि चिंता का विषय

Bihar News: बिहार में गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। पटना, बक्सर और भागलपुर में नदी खतरे के निशान के करीब आ गई है। निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा, जल संसाधन विभाग हुआ अलर्ट।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jul 15, 2025, 8:15:44 AM

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प्रतीकात्मक - फ़ोटो Google

Bihar News: बिहार में मानसून की सक्रियता के साथ गंगा नदी का जलस्तर भी अब तेजी से बढ़ रहा है। जिससे पटना, बक्सर और भागलपुर में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। 14 जुलाई 2025 को केंद्रीय जल आयोग और मौसम विज्ञान केंद्र, पटना की रिपोर्ट के अनुसार गंगा नदी पटना के दीघा घाट पर खतरे के निशान (50.45 मीटर) से 2.48 मीटर नीचे (47.97 मीटर) और गांधी घाट पर खतरे के निशान (48.60 मीटर) से 1.61 मीटर नीचे (46.99 मीटर) बह रही है। बक्सर में गंगा चेतावनी स्तर (59.32 मीटर) से 1.59 मीटर नीचे (57.73 मीटर) है। जबकि भागलपुर में यह खतरे के निशान (33.68 मीटर) से 3.12 मीटर नीचे (30.56 मीटर) दर्ज की गई।


पटना के निचले इलाकों दानापुर, पंडारक और फतुहा में पानी अब प्रवेश करने लगा है, जिससे स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ गई है। दीघा नहर के रास्ते पानी को गंगा में डायवर्ट करने के लिए मोटर पंपों का उपयोग किया जा रहा है। बक्सर में गंगा घाटों की सीढ़ियां डूब चुकी हैं और सहायक नदी कर्मनाशा का जलस्तर भी बढ़ रहा है। भागलपुर में गंगा हर घंटे 1 सेंटीमीटर की रफ्तार से बढ़ रही है। जिससे सुल्तानगंज, नाथनगर और नवगछिया जैसे क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।


उधर जल संसाधन विभाग ने गंगा की सहायक नदियों सोन, गंडक और कोसी, में जलस्तर बढ़ने के कारण अलर्ट जारी किया है। मध्य प्रदेश के बाणसागर बांध से 1.25 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। जो सोन नदी के जरिए गंगा में पहुंच रहा है। उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश ने भी गंगा के जलस्तर को बढ़ाया है। WRD के अनुसार अगले 2-3 दिनों तक जलस्तर में और वृद्धि हो सकती है।


पटना में गुरुवार तक बारिश का दौर जारी रहेगा, जिससे जलस्तर और बढ़ सकता है। गया, नवादा और जमुई में आज अति भारी बारिश का अलर्ट है। जबकि पटना, बेगूसराय, मुंगेर और भागलपुर में भारी बारिश और वज्रपात की चेतावनी है। पिछले 48 घंटों में वज्रपात से 8 से अधिक मौतें हुई हैं, जिसके चलते लोगों को खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे न रुकने की सलाह दी गई है। बिहार सरकार ने जिला प्रशासनों को अलर्ट रहने और राहत सामग्री, नाव और सामुदायिक रसोई की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं।