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Bihar News: बिहार में बन रहा एशिया का सबसे चौड़ा पुल, इन 11 जिलों के लोगों को मिलेगा लाभ; चुनाव से पहले मिल सकती है बड़ी सौगात

PATNA: बिहार के 11 जिलों के लोगों के लिए अच्छी खबर है। मोकामा और बेगूसराय के बीच गंगा नदी पर बन रहा एशिया का सबसे चौड़ा 6-लेन केबल ब्रिज लगभग बनकर तैयार हो चुका है। यह पुल बिहार के

Bihar News: बिहार में बन रहा एशिया का सबसे चौड़ा पुल, इन 11 जिलों के लोगों को मिलेगा लाभ; चुनाव से पहले मिल सकती है बड़ी सौगात
Mukesh Srivastava
3 मिनट

PATNA: बिहार के 11 जिलों के लोगों के लिए अच्छी खबर है। मोकामा और बेगूसराय के बीच गंगा नदी पर बन रहा एशिया का सबसे चौड़ा 6-लेन केबल ब्रिज लगभग बनकर तैयार हो चुका है। यह पुल बिहार के कनेक्टिविटी के स्ट्रक्चर में एक नया आयाम देगा और आने वाले वर्षों में राज्य के आर्थिक और सामाजिक विकास में अहम भूमिका निभाएगा। आगामी विधानसभा चुनाव से पहले बिहार के लोगों को यह बड़ी सौगात मिल सकती है। 


जानकारी के मुताबिक, 34 मीटर चौड़े इस ब्रिज की लंबाई कुल 8.15 किलोमीटर होगी और इसकी लागत 1,161 करोड़ रुपये है। यह पुल न सिर्फ बिहार के 11 जिलों के लोगों के लिए मील का पत्थर साबित होगी बल्कि बिज़नेस और इंडस्ट्रीज के लिए भी एक नई दिशा प्रदान करेगी। मोकामा और बेगूसराय के इंडस्ट्रीज को आसानी से अन्य राज्यों से जुड़ने का अवसर मिलेगा, जिससे ट्रांसपोर्टेशन में भी बहुत फ़ायदा होगा और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। 


यह पुल उत्तर बिहार के दरभंगा, सहरसा, समस्तीपुर, मधुबनी, दक्षिण बिहार के लखीसराय, शेखपुरा, नवादा, जमुई, गया और पश्चिम बिहार के पटना, आरा और बक्सर के बीच की दूरी कम करेगा, जिससे ट्रैवेलिंग का समय कम होगा और ट्रेवल्लेर्स आसानी से अपने डेस्टिनेशन तक पहुंच सकेंगे। इसके साथ ही, इंविरोंमेन्टल फ्रेंडली एप्रोच से इस ब्रिज को विशेष रूप से डिजाइन किया गया है, ताकि इसका कंस्ट्रक्शन और ऑपरेशन इकोसिस्टम पर कम से कम प्रभाव डाले।


इस पुल के बनने से न केवल बिहार की कनेक्टिविटी मजबूत होगी बल्कि राज्य में ओवरआल डेवलपमेंट की गति भी तेज होगी। पुल के दोनों साइड 13-13 मीटर चौड़ी तीन-तीन लेन रहेगी और दोनों साइड डेढ़ मीटर चौड़ा फुटपाथ होगा जिस पर लोग पैदल यह साइकिल सवार आसानी से आ-जा सकेंगे। इस ब्रिज का 92 प्रतिशत से ज़ादा काम पूरा हो गया हैं और संभावना है मार्च 2025 को इसे पब्लिक यूसेज के लिए खोल दिया जाएगा। ऐसे में बिहार के लोगों के लिए यह पुल किसी बड़ी सौगात से कम नहीं है।

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