ब्रेकिंग
‘द वन: फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट’ के प्रमोशन के लिए पटना पहुंचे सिद्धार्थ मल्होत्रा-तमन्ना भाटिया, CM सम्राट चौधरी से की मुलाकातनिजी क्लीनिक की बड़ी लापरवाही: गर्भ में मृत बच्चे को बाहर निकालने के दौरान महिला की मौत, परिजनों ने किया हंगामाबेतिया राज की 6 एकड़ जमीन की हेराफेरी: रजिस्टर-2 में फर्जीवाड़ा कर बना डाली फर्जी जमाबंदी, अब जांच का आदेशबिहार में बाढ़ के बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दान किया एक महीने का वेतन, राहत कोष में दिए 2.70 लाखबोर्ड पर लिखा था मसाज पार्लर, अंदर चल रहा था गंदा खेल, पुलिस ने मारा छापा... संचालिका समेत 6 महिलाएं हिरासत में‘द वन: फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट’ के प्रमोशन के लिए पटना पहुंचे सिद्धार्थ मल्होत्रा-तमन्ना भाटिया, CM सम्राट चौधरी से की मुलाकातनिजी क्लीनिक की बड़ी लापरवाही: गर्भ में मृत बच्चे को बाहर निकालने के दौरान महिला की मौत, परिजनों ने किया हंगामाबेतिया राज की 6 एकड़ जमीन की हेराफेरी: रजिस्टर-2 में फर्जीवाड़ा कर बना डाली फर्जी जमाबंदी, अब जांच का आदेशबिहार में बाढ़ के बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दान किया एक महीने का वेतन, राहत कोष में दिए 2.70 लाखबोर्ड पर लिखा था मसाज पार्लर, अंदर चल रहा था गंदा खेल, पुलिस ने मारा छापा... संचालिका समेत 6 महिलाएं हिरासत में

Bihar News: बिप्रसे के बर्खास्त अफसर 'उमाशंकर राम' को बड़ी राहत... पटना हाईकोर्ट के आदेश के बाद फिर से सेवा में हुए बहाल

Bihar News: बिहार प्रशासनिक सेवा के बर्खास्त अधिकारी उमाशंकर राम को पटना हाई कोर्ट के आदेश पर फिर से सेवा में बहाल कर दिया गया है। 2017 से प्रभावी बहाली का संकल्प सामान्य प्रशासन विभाग ने जारी किया है।

Bihar News,बिहार प्रशासनिक सेवा, उमाशंकर राम बहाली, पटना हाई कोर्ट आदेश, आय से अधिक संपत्ति केस, बर्खास्त अधिकारी बहाल, Bihar Bureaucracy News, EOU केस बिहार, विभागीय कार्यवाही अफसर
© Google
Viveka Nand
2 मिनट

Bihar News: बिहार प्रशासनिक सेवा के बर्खास्त अधिकारी को फिर से सेवा बहाल किया गया है .पटना हाई कोर्ट के आदेश के बाद उमाशंकर राम की सेवा 1 जून 2017 के प्रभाव से बहाल किया गया है. इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग ने संकल्प जारी कर दिया है.

उमाशंकर राम को बड़ी राहत

मोतिहारी के तत्कालीन निदेशक राष्ट्रीय नियोजन कार्यक्रम उमाशंकर राम के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप में आर्थिक अपराध इकाई ने 17 जुलाई 2023 को केस दर्ज किया था. मामले की गंभीरता को देखते हुए इनके खिलाफ 28 मार्च 2014 के प्रभाव से विभागीय कार्यवाही संचालित की गई .विभागीय कार्यवाही की रिपोर्ट के बाद सरकार ने उमाशंकर राम को सेवा से बर्खास्त कर दिया. 

हाईकोर्ट के आदेश पर सेवा में हुए बहाल

सरकार के इस निर्णय के खिलाफ उमाशंकर राम ने पटना उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया. कोर्ट ने 7 जनवरी 2025 को आदेश पारित किया. जिसमें सरकार के आदेश को रद्द कर दिया . साथ ही फिर से विभागीय कार्यवाही चलाने का आदेश दिया. पटना हाई कोर्ट के इस आदेश के बाद महाधिवक्ता से एलपीए दायर करने का परामर्श लिया गया.इसी बीच मुख्य सचिव के अध्यक्षता में गठित कमेटी के समक्ष इस मामले को लेकर 24 मार्च 2025 को बैठक हुई. जिसमें एक जून 2017 के प्रभाव से फिर से सेवा में स्थापित करने तथा नए सिरे से आरोप पत्र गठित कर विभागीय कार्यवाही संचालित करने का निर्णय लिया गया. इस आलोक में आज 17 अप्रैल को सरकार ने उमाशंकर राम को फिर से सेवा में बहाल करने का संकल्प जारी कर दिया है.

रिपोर्टिंग
V

रिपोर्टर

Viveka Nand

FirstBihar संवाददाता