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Bihar News: बिहार के इन जिलों की हवा हुई जहरीली, ग्रामीण इलाकों में भी स्थिति चिंताजनक

Bihar News: बिहार के पटना समेत इन शहरों में AQI 300 के पास पहुँचा। गाँवों की भी हवा प्रभावित। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी। जानिए आपके जिले की हवा कितनी जहरीली..

Bihar News
प्रतीकात्मक
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Deepak Kumar
Deepak Kumar
3 मिनट

Bihar News: बिहार में सर्दियों की शुरुआत के साथ वायु प्रदूषण एक गंभीर समस्या बनकर उभर रहा है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के ताजा आंकड़ों से पता चलता है कि राजधानी पटना सहित राज्य के सात प्रमुख शहरों की हवा खराब श्रेणी में पहुंच गई है। इन शहरों का औसत AQI 200 से 300 के दायरे में दर्ज किया गया है, जिससे वे ऑरेंज जोन में शामिल हो गए हैं। इससे न केवल शहरी इलाकों में बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी सांस लेना मुश्किल हो रहा है, क्योंकि सूखी सड़कें और वाहनों से उड़ती धूल पूरे राज्य को प्रभावित कर रही है।


पटना में स्थिति सबसे चिंताजनक है, जहां कुछ इलाकों जैसे वेटनरी मैदान में AQI 343 तक पहुंच गया, यह बेहद खराब कैटेगरी में आता है। अन्य क्षेत्रों में सचिवालय 253, दानापुर 202 और तारामंडल 254 रहा, जबकि पटना सिटी अपेक्षाकृत बेहतर 90 पर था। इसी तरह आरा में 266, बिहारशरीफ 261, हाजीपुर 229, राजगीर 261 और समस्तीपुर 258 AQI दर्ज हुआ। मुख्य प्रदूषक PM2.5 और PM10 कण हैं, जिनका स्तर मानकों से कई गुना अधिक है। निर्माण कार्य, वाहनों की धूल और मौसमी कारक इसे और भी बढ़ा रहे हैं।


स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि ऐसे स्तर पर आंखों में जलन, सांस की तकलीफ और सिरदर्द जैसी समस्याएं आम हो सकती हैं। फेफड़े या हृदय रोगी, बच्चे, बुजुर्ग और गर्भवती महिलाएं सबसे ज्यादा जोखिम में हैं। उन्हें बाहर निकलते समय मास्क पहनने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है। इधर प्रदूषण नियंत्रण के प्रयासों पर भी सवाल उठ रहे हैं, एंटी-स्मॉग मशीनों का इस्तेमाल प्रभावी नहीं माना जा रहा। बोर्ड अधिकारियों का कहना है कि पानी का छिड़काव रीडिंग को प्रभावित नहीं करता है।


राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन को प्रदूषण कम करने के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है, सड़कों की नियमित सफाई, निर्माण स्थलों पर नियंत्रण और वाहन उत्सर्जन जांच बेहद जरुरी है। जब तक ये उपाय नहीं होते, बिहारवासियों को अपनी सेहत का खुद खयाल रखना होगा। यह समस्या अब दिल्ली तक सीमित नहीं रही, बल्कि बिहार के शहरों और गांवों को भी अपनी चपेट में ले रही है।

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