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बिहार MLC चुनाव: आज NDA की महाबैठक, बागियों पर फैसला या 8 सीटों की जीत का बनेगा मास्टरप्लान? सम्राट चौधरी ने बुलाई बैठक

बिहार MLC चुनाव से पहले आज NDA की महाबैठक होगी। शाम 4 बजे सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में विधायक, सांसद और विधान पार्षद जुटेंगे। बैठक में बागियों को साधने, वोट बंटवारा रोकने और 8 सीटों पर जीत का रोडमैप तैयार होगा।

बिहार MLC चुनाव: आज NDA की महाबैठक, बागियों पर फैसला या 8 सीटों की जीत का बनेगा मास्टरप्लान? सम्राट चौधरी ने बुलाई बैठक
Tejpratap
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पटना :  बिहार विधान परिषद की 8 सीटों पर होने वाले स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव को लेकर NDA ने अब अपनी पूरी ताकत झोंकने की तैयारी कर ली है। नामांकन वापसी की अंतिम तारीख के बीच आज मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अगुवाई में NDA विधानमंडल दल की बड़ी बैठक होने जा रही है। शाम 4 बजे होने वाली इस बैठक में गठबंधन के सभी विधायक, विधान पार्षद और सांसद शामिल होंगे। माना जा रहा है कि इस बैठक में सिर्फ चुनावी रणनीति पर चर्चा नहीं होगी, बल्कि बागियों और अंदरूनी असंतोष से निपटने का अंतिम रोडमैप भी तैयार किया जा सकता है।


दरअसल, बिहार विधान परिषद की आठ सीटों पर 23 अक्टूबर को मतदान होना है। चुनाव मैदान में उतर चुके उम्मीदवारों के लिए आज नामांकन वापस लेने की आखिरी तारीख है। ऐसे में NDA की नजर उन उम्मीदवारों पर टिकी है, जिन्होंने गठबंधन के आधिकारिक प्रत्याशियों के खिलाफ ताल ठोक रखी है। गठबंधन की कोशिश है कि अंतिम समय तक बातचीत के जरिए ऐसे उम्मीदवारों को मैदान से हटाया जाए, ताकि चुनाव में वोटों का बिखराव कम से कम हो।


बुधवार देर शाम मुख्यमंत्री आवास पर NDA के शीर्ष नेताओं की बैठक हुई थी। इस बैठक में भाजपा और जदयू समेत गठबंधन के घटक दलों के वरिष्ठ नेता शामिल हुए। चर्चा का सबसे बड़ा मुद्दा यही था कि विपक्ष से मुकाबले के साथ-साथ गठबंधन के अंदर मौजूद नाराजगी को कैसे नियंत्रित किया जाए। नेताओं ने माना कि यदि NDA का वोट अलग-अलग उम्मीदवारों में बंटा तो इसका सीधा फायदा विपक्षी उम्मीदवारों को मिल सकता है।


इसी रणनीति को आगे बढ़ाते हुए आज की बैठक को बेहद अहम माना जा रहा है। बैठक में निर्वाचन क्षेत्रवार स्थिति की समीक्षा हो सकती है। किन सीटों पर मुकाबला कड़ा है, कहां बागी उम्मीदवार चुनौती बन रहे हैं और किन इलाकों में गठबंधन के नेताओं को ज्यादा सक्रिय होने की जरूरत है, इन सभी मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। इस चुनाव में भाजपा और जदयू के बीच 4-4 सीटों का बंटवारा हुआ है। NDA की कोशिश सिर्फ मौजूदा पांच सीटों को बचाने की नहीं, बल्कि सभी आठ सीटों पर जीत हासिल करने की है। इसके लिए गठबंधन के पांचों घटक दलों के बीच बेहतर तालमेल सबसे अहम माना जा रहा है।


बैठक में जदयू के अनंत सिंह और निवर्तमान एमएलसी नीरज कुमार के बीच चल रहे विवाद का मुद्दा भी चर्चा में रह सकता है। पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में नीरज कुमार NDA के आधिकारिक प्रत्याशी हैं, जबकि अनंत सिंह के समर्थन से डॉ. अनुज सिंह की उम्मीदवारी ने मुकाबले को राजनीतिक रूप से काफी दिलचस्प बना दिया है। ऐसे में NDA नेतृत्व की कोशिश होगी कि चुनावी मैदान में गठबंधन के भीतर का मतभेद आधिकारिक उम्मीदवार के लिए नुकसान का कारण न बने।


रामपुकार सिन्हा के नामांकन से जुड़ा मामला भी NDA के लिए चुनौती बना हुआ है। गठबंधन नेतृत्व लगातार यह कोशिश कर रहा है कि घटक दलों से जुड़े असंतुष्ट उम्मीदवारों को समझाया जाए और आधिकारिक प्रत्याशियों के खिलाफ वोटों का विभाजन रोका जाए। आज की बैठक में प्रचार अभियान को लेकर भी बड़ा फैसला हो सकता है। माना जा रहा है कि सभी आठ निर्वाचन क्षेत्रों में विधायकों, सांसदों और विधान पार्षदों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। जिन नेताओं का किसी खास क्षेत्र में प्रभाव है, उन्हें वहां मतदाताओं के बीच सक्रिय करने की रणनीति बनाई जा सकती है।


NDA की नजर सिर्फ चुनाव जीतने पर नहीं, बल्कि गठबंधन की एकजुटता दिखाने पर भी है। भाजपा, जदयू, लोजपा-रामविलास, हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा और राष्ट्रीय लोक मोर्चा के बीच बेहतर तालमेल को लेकर आज की बैठक में स्पष्ट संदेश दिया जा सकता है कि सभी दल आधिकारिक उम्मीदवारों के पक्ष में पूरी ताकत से मैदान में उतरें। सबसे बड़ा सवाल यही है कि आज की बैठक के बाद NDA के बागियों की तस्वीर कितनी साफ होती है? कौन मैदान में रहता है और कौन अंतिम समय में कदम पीछे खींचता है? नामांकन वापसी की समय सीमा खत्म होने के बाद ही इसका जवाब साफ होगा।


इसके बाद NDA चुनाव प्रचार के अगले चरण में प्रवेश करेगा। 23 अक्टूबर को मतदान और 27 अक्टूबर को मतगणना होनी है। लिहाजा आज की बैठक को चुनाव से पहले NDA की फाइनल रणनीति मीटिंग के तौर पर देखा जा रहा है। अब नजर इस बात पर है कि सम्राट चौधरी की इस महाबैठक से गठबंधन को कितनी मजबूती मिलती है और क्या NDA अपनी घोषित रणनीति के मुताबिक आठों सीटों पर जीत का रास्ता साफ कर पाता है।