Bihar MLC Election 2026 : बिहार विधान परिषद की नौ सीटों के लिए होने वाले द्विवार्षिक चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। जहां राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने अपने उम्मीदवारों के नामों की घोषणा कर दी है, वहीं महागठबंधन की ओर से अब प्रत्याशी के नाम का ऐलान किया गया है। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की ओर से पूर्व विधान परिषद सदस्य सुनील कुमार सिंह का नाम तय किया गया है।
बताया जा रहा है कि, बीती रात में भी पार्टी नेतृत्व ने उन्हें अपने नामांकन से संबंधित सभी दस्तावेज तैयार रखने का निर्देश दे दिया है। इसके बाद अब शीर्ष नेतृत्व की सहमति के बाद नाम सार्वजनिक किया गया है। जानकारी हो कि, राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव हाल ही में सिंगापुर से लौटे हैं। वे फिलहाल दिल्ली में अपनी बड़ी बेटी और सांसद मीसा भारती के आवास पर ठहरे हुए हैं। दूसरी ओर, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव भी दिल्ली में हैं और सोमवार को होने वाली इंडिया गठबंधन की महत्वपूर्ण बैठक में शामिल होंगे।
अब राजद उम्मीदवार सोमवार को ही नामांकन दाखिल करेंगे। वैसे भी आज नामांकन दाखिल करने का अंतिम दिन है ऐसे में आज के ही दिन सुनील सिंह के नाम पर फाइनल मुहर लगी है। इसके बाद उम्मीदवार द्वारा नामांकन पत्र (एनआर) कटवाया जाएगा, इस फैसले से यह स्पष्ट है कि अंतिम निर्णय शीर्ष नेतृत्व के स्तर पर ही लिया गया है।
वहीं, विधान परिषद चुनाव के मौजूदा गणित पर नजर डालें तो राजद के लिए एक सीट लगभग सुरक्षित मानी जा रही है। चुनाव में जीत के लिए करीब 25 विधायकों के समर्थन की आवश्यकता होती है। विधानसभा में महागठबंधन के पास मौजूद संख्या बल के आधार पर राजद आसानी से एक सीट जीत सकता है।
चुनाव आयोग के कार्यक्रम के अनुसार 9 जून को नामांकन पत्रों की जांच होगी, जबकि 11 जून तक उम्मीदवार अपने नाम वापस ले सकेंगे। मतदान 18 जून को कराया जाएगा और उसी दिन मतगणना के बाद परिणाम भी घोषित कर दिए जाएंगे।
इस बीच, ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) ने भी विधान परिषद चुनाव को लेकर अपनी दावेदारी पेश की थी। पार्टी के बिहार प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल इमान ने राजद से एक सीट की मांग करते हुए कहा था कि राज्यसभा चुनाव के दौरान एआईएमआईएम ने अपना दावा छोड़कर इंडिया गठबंधन का समर्थन किया था। उस समय तेजस्वी यादव ने भविष्य में पार्टी के हितों का ध्यान रखने का आश्वासन दिया था। हालांकि अब तक इस मांग पर कोई सकारात्मक संकेत सामने नहीं आया है।
जून महीने में जिन विधान परिषद सदस्यों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है, उनमें कुमुद वर्मा, गुलाम गौस, मोहम्मद फारूक, भीष्म साहनी, श्रीभगवान सिंह कुशवाहा, संजय प्रकाश, समीर कुमार सिंह और सुनील कुमार सिंह शामिल हैं। इनमें से श्रीभगवान सिंह कुशवाहा विधानसभा चुनाव जीतने के बाद पहले ही विधान परिषद की सदस्यता छोड़ चुके हैं।
243 सदस्यीय बिहार विधानसभा में एनडीए के पास लगभग 202 विधायकों का समर्थन है। मौजूदा राजनीतिक समीकरणों के आधार पर एनडीए के लिए आठ सीटें जीतना लगभग तय माना जा रहा है। ऐसे में सबसे अधिक नजरें राजद के उम्मीदवार और महागठबंधन की रणनीति पर टिकी हुई हैं, जो चुनावी मुकाबले को दिलचस्प बना सकती है।





