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बिहार में गिट्टी-बालू के अवैध खेल पर सरकार सख्त, स्टोरेज सेंटर्स की होगी जियो-फेंसिंग, ई-चालान होगी और पारदर्शी

Bihar News: बिहार में अवैध खनन और खनिजों के अवैध परिवहन पर रोक लगाने के लिए सभी खनिज भंडारण स्थलों की जियो-फेंसिंग अनिवार्य कर दी गई है। ई-चालान व्यवस्था होगी और पारदर्शी।

Bihar News
प्रतिकात्मक तस्वीर
© AI
Mukesh Srivastava
2 मिनट

Bihar News: बिहार सरकार ने अवैध खनन, खनिजों के अवैध परिवहन और भंडारण पर प्रभावी नियंत्रण के लिए नई व्यवस्था लागू कर दी है। खान एवं भूतत्व विभाग ने अधिसूचना जारी कर राज्य के सभी खनिज भंडारण अनुज्ञप्ति (स्टोरेज लाइसेंस) वाले स्थलों की जियो-फेंसिंग अनिवार्य कर दी है।



विभाग के अनुसार, जियो-फेंसिंग लागू होने से प्रत्येक खनिज भंडारण स्थल की सटीक भौगोलिक पहचान दर्ज होगी और ई-चालान प्रणाली को अधिक पारदर्शी एवं प्रभावी बनाया जा सकेगा। इससे खनिजों की आवाजाही की ऑनलाइन निगरानी आसान होगी।



नई व्यवस्था के तहत छोटे खनिज व्यवसायियों के लिए केवल भंडारण स्थल की जियो-फेंसिंग कराना अनिवार्य होगा। वहीं मध्यम और बड़े व्यवसायियों को भंडारण स्थल के साथ-साथ वहां स्थापित धर्मकांटा (वजन मशीन) की भी जियो-फेंसिंग करानी होगी।



जियो-फेंसिंग की प्रक्रिया के लिए संबंधित जिले के सहायक निदेशक, खनिज विकास पदाधिकारी या खनन निरीक्षक स्थल का निरीक्षण करेंगे। वे भंडारण स्थल और धर्मकांटा के चारों कोनों के जीपीएस निर्देशांक और फोटोग्राफ लेकर विभागीय पोर्टल पर अपलोड करेंगे। इसके बाद राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) की ओर से संबंधित स्थल की जियो-फेंसिंग सक्रिय की जाएगी।



विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि किसी तकनीकी या भौगोलिक कारण से भंडारण स्थल से सीधे ई-चालान जारी करना संभव नहीं होगा, तो जिला खनन कार्यालय की अनुशंसा पर विशेष परिस्थितियों में विभाग अलग से क्षेत्र (रेंज) निर्धारित कर सकेगा। इससे वास्तविक कारोबार प्रभावित नहीं होगा, लेकिन निगरानी व्यवस्था बनी रहेगी।



नई व्यवस्था लागू होने के बाद ई-चालान केवल स्वीकृत और जियो-फेंसिंग वाले स्थानों से ही जारी किए जा सकेंगे। इससे फर्जी भंडारण, अवैध खनिज परिवहन और राजस्व चोरी पर रोक लगाने में मदद मिलेगी। यह व्यवस्था बिहार खनिज नियमावली, 2019 में वर्ष 2026 में किए गए संशोधनों के तहत लागू की गई है। सरकार का उद्देश्य खनिज कारोबार में पारदर्शिता बढ़ाना और अवैध गतिविधियों पर सख्त नियंत्रण स्थापित करना है।

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FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता