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1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mon, 28 Apr 2025 12:03:11 PM IST
बिहार न्यूज - फ़ोटो GOOGLE
Bihar News: बिहार के श्रम संसाधन विभाग ने अब तक दो लाख 75 हजार 424 प्रवासी मजदूरों का पंजीयन किया है। पहले जहां यह पंजीकरण जिलावार कैंप के माध्यम से हो रहा था, वहीं अब इसे पूरी तरह ऑनलाइन किया जाएगा। इसका मतलब है कि अब प्रवासी मजदूरों को पंजीकरण के लिए अपने गृह जिले में आने की आवश्यकता नहीं होगी। वे जहां भी काम कर रहे हैं, वहीं से श्रम संसाधन विभाग के मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से अपना पंजीकरण कर सकेंगे। यह सुविधा जल्द ही उपलब्ध कराई जाएगी।
प्रवासी मजदूरों का डेटा तैयार किया जा रहा है
राज्य सरकार प्रवासी मजदूरों का डेटा एकत्रित कर रही है, ताकि यह जानकारी उपलब्ध हो सके कि अन्य राज्यों में कितने बिहार के मजदूर काम कर रहे हैं। इस डेटा से यह भी पता चलेगा कि किस राज्य में कितने मजदूर कार्यरत हैं। मार्च 2025 से श्रम संसाधन विभाग ने पंजीयन प्रक्रिया शुरू कर दी थी, और अब तक संबंधित डाटा का संग्रहण भी किया जा चुका है।
इस पंजीयन से कई महत्वपूर्ण फायदे होंगे
राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ: प्रवासी मजदूरों को राज्य सरकार द्वारा विभिन्न योजनाओं का लाभ मिल सकेगा।
मजदूरों की पूरी जानकारी: अब विभाग के पास हर मजदूर की पूरी जानकारी होगी, जिससे किसी भी जरूरतमंद को समय पर सहायता मिल सकेगी।
प्रवासी मजदूरों तक पहुंच: इस डेटा के माध्यम से विभाग को प्रवासी मजदूरों तक आसानी से पहुंचने में मदद मिलेगी, जिससे उन्हें अधिक सुविधा मिलेगी।
प्रदेश के विभिन्न जिलों में प्रवासी मजदूरों की संख्या
बिहार के दरभंगा और नवादा जिले से सबसे अधिक प्रवासी मजदूर हैं। दरभंगा से 21 हजार 310 मजदूर और नवादा से 20 हजार से अधिक प्रवासी मजदूर अन्य राज्यों में काम कर रहे हैं। पटना जिले में भी 8 हजार से अधिक प्रवासी मजदूर काम के सिलसिले में दूसरे राज्यों में हैं। राज्य के छह जिलों में दस हजार से ज्यादा प्रवासी मजदूर हैं। सबसे कम प्रवासी मजदूर शिवहर जिले से हैं, जहां से केवल 1,600 मजदूर ही बाहर काम के लिए गए हैं।
नई सुविधा: मोबाइल एप्लिकेशन से पंजीकरण
श्रम अधीक्षक और पुनर्वास सह योजना अधिकारी (पटना) ने बताया कि अब प्रवासी मजदूर खुद ही अपना पंजीकरण कर सकेंगे। इसके लिए विभाग द्वारा एक एप्लिकेशन तैयार किया जाएगा, जिसे प्ले स्टोर पर उपलब्ध कराया जाएगा। मजदूर इस एप्लिकेशन को डाउनलोड करके आसानी से अपना पंजीकरण करवा सकेंगे।
प्रवासी मजदूरों के लिए यह सुविधा राज्य सरकार की तरफ से एक बड़ा कदम है, जो उनके सामाजिक सुरक्षा और कल्याण के लिए अहम साबित होगा। इस कदम से न केवल श्रम संसाधन विभाग की कार्यक्षमता बढ़ेगी, बल्कि प्रवासी मजदूरों को समय पर जरूरी सहायता और योजनाओं का लाभ भी मिलेगा।