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बिहार: रेरा की बड़ी कार्रवाई, दर्जनभर बिल्डर और रीयल इस्टेट कंपनियों को लगा झटका, प्रोजेक्ट पर लगी रोक

PATNA : रेरा की बड़ी कार्रवाई से दर्जनभर बिल्डर और रीयल इस्टेट कंपनियों को बड़ा झटका लगा है. रीयल इस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (रेरा) ने इन कंपनियों के प्रोजेक्ट का निबंधन आवेदन खार

बिहार: रेरा की बड़ी कार्रवाई, दर्जनभर बिल्डर और रीयल इस्टेट कंपनियों को लगा झटका, प्रोजेक्ट पर लगी रोक
First Bihar
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PATNA : रेरा की बड़ी कार्रवाई से दर्जनभर बिल्डर और रीयल इस्टेट कंपनियों को बड़ा झटका लगा है. रीयल इस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (रेरा) ने इन कंपनियों के प्रोजेक्ट का निबंधन आवेदन खारिज कर दिया है.  प्रोजेक्ट के आवेदन के लिए जरूरी अधिकृत नक्शा और अन्य आवश्यक कागजात जमा नहीं कराने पर यह कार्रवाई की गई है.


रेरा के इस एक्शन के बाद जिन बिल्डरों और रीयल इस्टेट कंपनियों को झटका लगा है, उसमें  हावड़ा और हैदराबाद की कंस्ट्रक्शन कंपनियों के भी एक-एक प्रोजेक्ट शामिल हैं. बाकी प्रोजेक्ट पटना की रीयल इस्टेट कंपनियों के हैं. बताया जा रहा है कि अधिकृत नक्शा और अन्य आवश्यक कागजात जमा नहीं कराने को लेकर यह बड़ा एक्शन लिया गया है. जानकारी मिली है कि कई प्रोजेक्ट का बिल्डिंग प्लान या नक्शा मिला भी तो वह अथारिटी से स्वीकृत नहीं पाया गया.


गौरतलब हो कि रेरा ने इसी महीने कुछ दिन पहले 29 प्रोजेक्ट के निबंधन आवेदन को भी इसी कारण खारिज किया था. अब तक कुल मिलकर 69 प्रोजेक्ट के आवेदन खारिज किए जा चुके हैं, जबकि 188 आवेदनों पर विचार किया जा रहा है. ट्राईकलर प्रोपर्टी प्रा लि, हैदराबाद का प्रोजेक्ट समर ब्रूक, पंचदीप कंस्ट्रक्शन प्रा लि, हावड़ा का प्रोजेक्ट केपी मॉल, पीस बिल्डटेक का कमरुद्दीन प्लाजा, पाटलिग्राम बिल्डर्स का पाटलिग्राम किंगडम फेज-एक, मेघा हाइट्स बिल्डकान प्रा लि का रायल इन्क्लेव पर कार्रवाई की गई है.


इसके अलावा रेरा ने मां शक्ति डेवपलर्स का प्रोजेक्ट मां शक्ति काम्प्लेक्स, लखन होम्स लिमिटेड का लखन हेरिटेज, गोल इंफ्राटेक का कैलाश सिटी, देव हीरा प्रोजेक्ट प्रा लि का मुंडेश्वरी राहुल काम्पलेक्स, ब्रह्म इंजीनियर्स एंड डेवपलर्स का जानकी भवन, सिद्धांत इस्टेट प्राइवेट लिमिटेड का ग्रीन इनक्लेव, प्रोपर्टी व्यू डेवलपर एंड कंस्ट्रक्शन प्रा लि का न्यू पार्क एवेन्यू सिटी। फिलहाल रेरा ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक दर्जन बिल्डरों व रीयल इस्टेट कंपनियों के प्रोजेक्ट का निबंधन आवेदन खारिज कर दिया है.