1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Apr 07, 2026, 5:19:19 PM
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Bihar News: बिहार के कद्दावर नेता और पूर्व मंत्री संजीव प्रसाद टोनी के दामाद व उद्यमी वरुण कुमार सिंह ने अपनी बहन खुश्बू सिंह की संदिग्ध मौत को लेकर मंगलवार को पटना में प्रेस कांफ्रेंस कर न्याय और सुरक्षा की मांग उठाई।
उन्होंने आरोप लगाया कि मुजफ्फरपुर में शादी के महज छह महीने बाद उनकी बहन की साजिशन हत्या कर दी गई, और अब इस मामले में आवाज उठाने पर उनके तथा उनके परिवार के सदस्यों की जान को भी गंभीर खतरा है। वरुण ने सरकार से विशेष जांच दल (SIT) के गठन, सभी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और परिवार को स्थायी सुरक्षा मुहैया कराने की मांग की।
वरुण कुमार सिंह ने बताया कि उनकी छोटी बहन खुश्बू सिंह की शादी 1 जून 2025 को पूरे रीति-रिवाज और धूमधाम के साथ मुजफ्फरपुर के ब्रह्मपुरा इलाके के श्याम कुटीर, ज्ञानलोक मार्ग निवासी एनआरआई ई. सुधांशु सिंह से हुई थी। उनका आरोप है कि शादी के दौरान ही लड़के पक्ष की ओर से फार्च्यूनर गाड़ी, लगभग एक करोड़ रुपये के गहने और 51 लाख रुपये नकद की मांग की गई। उन्होंने कहा कि गाड़ी को छोड़कर परिवार ने बाकी अधिकांश मांगें पूरी कीं, लेकिन शादी के बाद से ही बहन को गाड़ी और बाद में दिल्ली में फ्लैट की मांग को लेकर लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाने लगा।
वरुण के अनुसार, 26 दिसंबर 2025 को उनके बहनोई के पिता संजीव सिंह ने फोन कर सूचना दी कि खुश्बू की मौत जलने और दम घुटने से हो गई है। सूचना मिलने पर परिवार जब मुजफ्फरपुर पहुंचा, तब तक पुलिस और फॉरेंसिक टीम कथित रूप से अपनी जांच पूरी कर चुकी थी। वरुण ने आरोप लगाया कि उन्हें अपनी बहन का शव ठीक से देखने तक नहीं दिया गया और शव पर मंगलसूत्र सहित कोई गहना नहीं था। उन्होंने यह भी कहा कि कमरे में ऐसी कोई स्पष्ट स्थिति नहीं दिखी, जिससे यह लगे कि मौत जलने या दम घुटने से हुई है। उनका आरोप है कि उस समय स्थानीय पुलिस का रवैया आरोपी पक्ष के प्रति “असामान्य रूप से नरम” था और परिवार की शिकायत दर्ज करने में भी टालमटोल की गई।
उन्होंने कहा कि सामाजिक दबाव बढ़ने के बाद पुलिस ने खुश्बू के पति सुधांशु सिंह को गिरफ्तार तो कर लिया, लेकिन सास ममता सिंह, ससुर संजीव सिंह और अन्य आरोपियों पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। वरुण का आरोप है कि बाकी आरोपियों को फरार होने का अवसर दिया गया और अब केस को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि उन्हें कई बार जान से मारने की कोशिश की गई और लगातार धमकियां मिल रही हैं, यहाँ तक की उपलब्ध सरकारी सुरक्षा कर्मी के सामने ही मुझपर जानलेवा हमला किया गया ताकि वे इस मामले को आगे न बढ़ा सकें।
वरुण कुमार सिंह ने साफ कहा कि यदि इस मामले में निष्पक्ष, समयबद्ध और उच्चस्तरीय जांच नहीं हुई, तो न्याय मिलना कठिन हो जाएगा। उन्होंने उपमुख्यमंत्री सह गृह मंत्री सम्राट चौधरी, डीजीपी विनय कुमार, आईजी तिरहुत चंदन कुशवाहा, एसएसपी मुजफ्फरपुर कांतेश मिश्रा समेत कई वरिष्ठ अधिकारियों को आवेदन देकर SIT जांच, सभी आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी और अपने परिवार के लिए स्थायी सरकारी अंगरक्षक उपलब्ध कराने की मांग की है। वरुण ने चेतावनी दी कि यदि उन्हें या उनके परिवार को कोई नुकसान होता है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।