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बिहार में फंस गया शिक्षक बहाली का मामला, सरकार और ब्लाइंड फेडरेशन आमने-सामने, 3 जून को अगली सुनवाई

PATNA : बिहार में शिक्षक बहाली का मामला फंसता ही जा रहा है. अभ्यर्थियों को अभी और भी लंबा इंतजार करना पड़ सकता है क्योंकि बिहार सरकार और नेशनल फेडरेशन ऑफ ब्लाइंड मामला सुलझ नही

बिहार में फंस गया शिक्षक बहाली का मामला, सरकार और ब्लाइंड फेडरेशन आमने-सामने, 3 जून को अगली सुनवाई
First Bihar
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PATNA : बिहार में शिक्षक बहाली का मामला फंसता ही जा रहा है. अभ्यर्थियों को अभी और भी लंबा इंतजार करना पड़ सकता है क्योंकि बिहार सरकार और नेशनल फेडरेशन ऑफ ब्लाइंड मामला सुलझ नहीं रहा है.  पटना हाईकोर्ट में सोमवार को हुई सुनवाई में कोर्ट किसी भी नतीजे पर नहीं पहुंची. उच्च न्यायालय ने कहा कि इस मामले पर अगली सुनवाई  3 जून को यानि कि अब परसो होगी. 


शिक्षक बहाली मामले पर कोर्ट में न तो बिहार सरकार और न ही नेशनल फेडरेशन ऑफ ब्लाइंड पीछे हटने को तैयार है. दरअसल ब्लाइंड फेडरेशन के वकील एस.के रूंगटा ने कोर्ट में कहा था कि जब दिव्यांगों के लिए सही तरीके से वैकेंसी ही नहीं निकाली गई तो इससे अभ्यर्थी अप्लाई भी नहीं कर सके हैं. इसलिए दिव्यांग अभ्यर्थियों से 15 दिनों के अंदर फिर से नोटिफाई करके आवेदन मांगा जाये. इसपर बिहार सरकार ने अपना पक्ष रखा और कोर्ट को बताया कि सरकार फेडरेशन की मांग पर तैयार नहीं है.


गौरतलब हो कि नेशनल फेडरेशन ऑफ ब्लाइंड अपने मांग पर अड़ी हुई है और सरकार उनकी मांग को मानने को तैयार नहीं है. हालांकि सरकार ने इस मांग पर विमर्श करने के लिए समय लिया था लेकिन सरकार की ओर से पहले ही कहा जा चुका है कि दिव्यांगों के कोटा को छोड़कर बाकी अभ्यर्थियों के लिए नियुक्ति प्रक्रिया आगे बढ़ाने की अनुमति कोर्ट दे. 


हाईकोर्ट ने फिलहाल रोक हटाने से इंकार किया है. उच्च न्यायालय ने सुनवाई के लिए अगली तारीख 3 जून तय की है. आपको बता दें कि फेडरेशन ने पहले ही बताया है कि सरकार ने दिव्यांगों को रिजर्वेशन देने के लिए जो प्रक्रिया अपनाई, वह कानून सम्मत नहीं है. शिक्षक नियोजन में इन्हें रिजर्वेशन की जो प्रक्रिया सरकार ने पहले से अपना रखी है, वह गलत है. फेडरेशन की ओर से कोर्ट में इससे जुड़ा एफिडेविड दिया गया है.