Bihar Medical Law : बिहार में झोलाछाप डॉक्टर पर सख्त नियम, स्वास्थ्य मंत्री ने बताया क्या है उनके पास अधिकार; आप भी पढ़ लें

बिहार में झोलाछाप डॉक्टर केवल परामर्श दे सकते हैं, दवा लिखने, सुई लगाने या ऑपरेशन करने का अधिकार नहीं। सरकार ने इन पर सख्त कानून लागू किया है।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Tue, 24 Feb 2026 01:04:31 PM IST

Bihar Medical Law : बिहार में झोलाछाप डॉक्टर पर सख्त नियम, स्वास्थ्य मंत्री ने बताया क्या है उनके पास अधिकार; आप भी पढ़ लें

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Bihar Medical Law : बिहार में झोलाछाप डॉक्टरों को लेकर सख्त कानून लागू है, लेकिन कई लोग इसके दायरे और अधिकार को लेकर भ्रमित हैं। हाल ही में बिहार विधान परिषद में पेशे से डॉक्टर और सदस्य राज्यवर्धन सिंह आजाद ने स्वास्थ्य मंत्री से इस मुद्दे पर सवाल उठाया। परिषद में उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया पर हाल ही में एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें एक झोलाछाप डॉक्टर यूट्यूब देखकर मरीज का ऑपरेशन करता दिख रहा था। राज्यवर्धन सिंह ने पूछा कि क्या ऐसे लोगों के खिलाफ सरकार कोई कार्रवाई करेगी और क्या झोलाछाप डॉक्टरों के लिए कोई नियम बनाए गए हैं।


इस पर स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे ने स्पष्ट किया कि बिहार में झोलाछाप डॉक्टरों की कोई वैधता नहीं है। बिहार में इस तरह का कोई व्यक्ति केवल चिकित्सा परामर्शी हो सकता है। उनके पास दवा लिखने, ऑपरेशन करने, सुई देने या किसी प्रकार का चिकित्सीय हस्तक्षेप करने का अधिकार बिल्कुल नहीं है। उनका काम केवल मरीज को यह सलाह देना है कि इलाज के लिए कहां जाना चाहिए और किस प्रकार का इलाज बेहतर होगा।


स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि बिहार में झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ कानून काफी कड़ा है। कोई भी व्यक्ति बिना डॉक्टर की डिग्री लिए मेडिकल प्रैक्टिस नहीं कर सकता। यदि कोई ऐसा करता है तो उस पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली जैसे अन्य राज्यों में भी झोलाछाप डॉक्टरों को लेकर सख्त नियम हैं और बिहार में भी स्थिति इसी तरह है।


मंत्री ने जोर देकर कहा कि झोलाछाप डॉक्टर केवल परामर्श देने तक सीमित हैं। वे मरीज को सलाह दे सकते हैं कि उचित इलाज कहां संभव है और उसे किस डॉक्टर या अस्पताल से संपर्क करना चाहिए। इसके अलावा किसी भी प्रकार की दवा देने, सुई लगाने या ऑपरेशन करने की अनुमति इन लोगों को नहीं है। अगर कोई व्यक्ति इन अधिकारों का उल्लंघन करता है, तो उसे कानून के तहत दंडित किया जाएगा।


इस पूरे मामले ने स्वास्थ्य सेवाओं की सुरक्षा और मरीजों की सुरक्षा पर ध्यान आकर्षित किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि झोलाछाप डॉक्टरों द्वारा गलत इलाज मरीज के जीवन के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। इसलिए सरकार की यह नीति महत्वपूर्ण है कि बिना डिग्री प्राप्त किए किसी को भी इलाज करने का अधिकार नहीं दिया जाए।


स्वास्थ्य विभाग ने जनता से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध चिकित्सा सेवा का उपयोग न करें और केवल प्रमाणित डॉक्टर या अस्पताल से ही इलाज कराएं। साथ ही सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले झूठे वीडियो और सलाहों से सतर्क रहने की सलाह दी गई है।


बिहार में यह नियम मरीजों की सुरक्षा के लिए बनाए गए हैं और सरकार इसे सख्ती से लागू कर रही है। झोलाछाप डॉक्टर केवल मार्गदर्शन कर सकते हैं, लेकिन असली इलाज योग्य डॉक्टर ही करेंगे। ऐसे में मरीजों को सावधान रहना और प्रमाणित चिकित्सा संस्थानों से ही इलाज कराना सर्वोत्तम है।