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अब बिहार में तेज रफ्तार पर लगेगी लगाम: 28 अप्रैल की बैठक में ITMS लागू करने पर होगा फैसला

बिहार में सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए 500-700 हाई-रिस्क चौराहों पर ITMS लागू करने की तैयारी है। 28 अप्रैल को विकास आयुक्त की अध्यक्षता में अहम बैठक होगी।

बिहार न्यूज
सड़क दुर्घटनाओं में आएगी कमी
© सोशल मीडिया
Jitendra Vidyarthi
2 मिनट

PATNA: राज्य में सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए परिवहन विभाग एक महत्वपूर्ण कदम उठाने जा रहा है। प्रदेश के लगभग 500 से 700 चौक-चौराहों और उच्च जोखिम वाले कोरिडोर पर  इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) लगाया जाएगा। इस परियोजना को लागू करने से पहले विभाग तेजी से काम कर रहा है। इसके लिए विकास आयुक्त की अध्यक्षता में 28 अप्रैल को संबंधित हितधारकों संग एक परामर्श बैठक आयोजित करने का निर्णय लिया है।

परिवहन विभाग के सचिव राज कुमार ने कहा कि आईटीएमएस के प्रभावी कार्यान्वयन से यातायात व्यवस्था सुदृढ़ होगी। इसकी मदद से तेज रफ़्तार वालों पर लगाम लगेगी व सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी। विभाग इस दिशा में तेजी से काम कर रहा है। उन्होंने आगे बताया कि पिछले दिनों मीडिया में चल रही खबर पर विभाग ने संज्ञान लेते हुए जरुरी कदम उठाया है। लोगों को सड़क सुरक्षा के प्रति निरंतर जागरूक किया जा रहा है। आम जनता से अपील है कि सड़कों पर सावधानी बरतें। पैदल यात्री फुट ओवरब्रिज का ही उपयोग करें और सड़क पार करते समय पूरी सतर्कता रखें।

आईटीएमएस में एआई आधारित इलेक्ट्रॉनिक प्रवर्तन प्रणाली (ई-चालान), अनुकूली यातायात नियंत्रण (एटीसीएस), घटना पहचान, निगरानी, चेहरे की पहचान(एफआर) प्रणाली शामिल है। इसके जरिये राज्य राजमार्गों, राष्ट्रीय राजमार्गों, प्रमुख शहरों और चयनित टोल प्लाजा पर ई-वे बिल सत्यापन, खनन सामग्री ले जाने वाले वाहनों की ट्रैकिंग व निगरानी प्रभावी तरीके से संभव होगी।

परियोजना के अंतर्गत यातायात प्रबंधन केंद्र (टीएमसी), प्रत्येक जिले में अवलोकन केंद्र (वीसी) तथा संबंधित सेवाएं जैसे सॉफ्टवेयर, होस्टिंग इंफ्रास्ट्रक्चर (डीसी एवं डीआर), नेटवर्क, बिजली व्यवस्था और मानव संसाधन सेवाओं का भी विकास किया जाएगा।

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Jitendra Vidyarthi

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

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