ब्रेकिंग
सहरसा में बड़ा फेरबदल, 16 पुलिस पदाधिकारियों का तबादला, कई थानों को मिले नए थानाध्यक्ष, देखें पूरी लिस्ट✦1992 बैच के IAS दीपक कुमार सिंह को नई जिम्मेदारी, राज्यपाल सचिवालय से हुआ तबादला✦बिहार के शिक्षकों के लिए बड़ी खबर, तबादले की प्रक्रिया फिर होगी शुरू; शिक्षा विभाग ने जारी की नई अधिसूचना✦बिहार पुलिस में बड़ा फेरबदल, पटना में 195 दारोगा का तबादला; शहरी क्षेत्र के 83 और ग्रामीण इलाके के 112 पुलिसकर्मी बदले, देखें पूरी लिस्ट..✦बिहार में 3 IPS अधिकारियों का तबादला, भानू प्रताप सिंह पुलिस मुख्यालय बुलाए गए, शैलेन्द्र सिंह बने खगड़िया SP✦सहरसा में बड़ा फेरबदल, 16 पुलिस पदाधिकारियों का तबादला, कई थानों को मिले नए थानाध्यक्ष, देखें पूरी लिस्ट✦1992 बैच के IAS दीपक कुमार सिंह को नई जिम्मेदारी, राज्यपाल सचिवालय से हुआ तबादला✦बिहार के शिक्षकों के लिए बड़ी खबर, तबादले की प्रक्रिया फिर होगी शुरू; शिक्षा विभाग ने जारी की नई अधिसूचना✦बिहार पुलिस में बड़ा फेरबदल, पटना में 195 दारोगा का तबादला; शहरी क्षेत्र के 83 और ग्रामीण इलाके के 112 पुलिसकर्मी बदले, देखें पूरी लिस्ट..✦बिहार में 3 IPS अधिकारियों का तबादला, भानू प्रताप सिंह पुलिस मुख्यालय बुलाए गए, शैलेन्द्र सिंह बने खगड़िया SP

बिहार : हाईकोर्ट ने सरकार पर लगाया 25 हजार का जुर्माना, नगर परिषद अध्यक्ष को पद से हटाने का मामला

PATNA : पटना हाईकोर्ट ने सीवान नगर परिषद के अध्यक्ष पद से सिंधु देवी को हटाए जाने संबंधी राज्य सरकार के आदेश को निरस्त करते हुए बिहार सरकार पर 25 हजार रूपए का अर्थदंड लगाया है। जस्

बिहार : हाईकोर्ट ने सरकार पर लगाया 25 हजार का जुर्माना, नगर परिषद अध्यक्ष को पद से हटाने का मामला
Mukesh Srivastava
2 मिनट

PATNA : पटना हाईकोर्ट ने सीवान नगर परिषद के अध्यक्ष पद से सिंधु देवी को हटाए जाने संबंधी राज्य सरकार के आदेश को निरस्त करते हुए बिहार सरकार पर 25 हजार रूपए का अर्थदंड लगाया है। जस्टिस चक्रधारी शरण सिंह की खंडपीठ ने याचिकाकर्ता सिंधु देवी की याचिका पर सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित रखा था, जिसे मंगलवार को सुनाया।


वित्तीय अनियमितता के आरोप में सीवान नगर परिषद की अध्यक्ष पद से हटाई गई सिंधु देवी को राहत देते हुए कोर्ट ने राज्य सरकार को अर्थदंड की राशि याचिकाकर्ता को देने का निर्देश दिया है, क्योंकि इस बीच याचिकाकर्ता ने बड़ी मानसिक प्रताड़ना को झेला है।


कोर्ट ने कहा है कि वित्तीय अनियमितता का आरोप लगने के बाद याचिकाकर्ता ने जो स्पष्टीकरण डीएम को दिया, उसे पूरी तरह से नहीं देखा गया और बिना जांच किये ही उसे अध्यक्ष पद से हटा दिया गया। कोर्ट ने सरकार को निर्देश दिया है कि याचिकाकर्ता को अविलंब उसके पद पर योगदान कराया जाए और अगर सरकार चाहे तो मामले में याचिकाकर्ता द्वारा दिए गए स्पष्टीकरण की जांच करा सकती है।


बताते चलें कि वित्तीय अनियमितता के आरोप में सरकार ने याचिकाकर्ता से जबाब मांगा गया। जिसपर याचिकाकर्ता द्वारा स्पष्टीकरण सरकार को दिया गया, लेकिन सरकार द्वारा बिना जांच किए ही याचिकाकर्ता को अध्यक्ष पद से हटा दिया गया था।

टैग्स