1st Bihar Published by: First Bihar Updated Apr 07, 2026, 7:56:58 AM
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Bihar News: बिहार जो अपने समृद्ध इतिहास, आध्यात्मिक विरासत और सांस्कृतिक धरोहर के लिए दुनियाभर में प्रसिद्ध है, अब पर्यटन के क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव करने जा रहा है। राज्य सरकार ने पर्यटकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ‘हेली टूरिज्म’ सेवा शुरू करने की योजना तैयार कर ली है। इस पहल के जरिए अब लोग लंबी सड़क यात्राओं और ट्रैफिक की परेशानी से बचकर कम समय में बिहार के प्रमुख धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण कर सकेंगे।
नागरिक उड्डयन विभाग की इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत राजधानी पटना को राज्य के आठ प्रमुख पर्यटन स्थलों से हेलीकॉप्टर सेवा के जरिए जोड़ा जाएगा। इसमें बोधगया, नालंदा, राजगीर, वैशाली, पावापुरी, पटना साहिब, विक्रमशिला और वाल्मीकि टाइगर रिजर्व जैसे महत्वपूर्ण स्थान शामिल हैं। इन जगहों का धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व न केवल भारत में बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी काफी बड़ा है।
इस सेवा के शुरू होने के बाद पटना से बोधगया या नालंदा जैसे स्थानों तक पहुंचने में लगने वाला समय काफी कम हो जाएगा। जहां पहले सड़क मार्ग से घंटों का सफर तय करना पड़ता था, वहीं अब यह दूरी कुछ ही मिनटों में पूरी की जा सकेगी। इससे खासतौर पर उन पर्यटकों को बड़ी राहत मिलेगी जिनके पास समय की कमी होती है।
परियोजना को तेजी से लागू करने के लिए नागरिक उड्डयन विभाग ने अनुभवी हेलीकॉप्टर ऑपरेटरों से ‘एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट’ (EOI) आमंत्रित किया है। इससे यह संकेत मिलता है कि सरकार इस योजना को जल्द से जल्द जमीन पर उतारने के लिए गंभीर है। चयनित ऑपरेटरों के साथ शुरुआती तौर पर पांच वर्षों का अनुबंध किया जाएगा, जिसे बेहतर प्रदर्शन के आधार पर आगे बढ़ाया भी जा सकता है।
हेली टूरिज्म के साथ-साथ राज्य सरकार हवाई बुनियादी ढांचे को भी मजबूत करने में जुटी है। सारण जिले के सोनपुर और भागलपुर के सुल्तानगंज में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट विकसित करने की योजना पर तेजी से काम हो रहा है। इन परियोजनाओं के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने का टेंडर भी जारी कर दिया गया है। इन नए एयरपोर्ट के बनने से क्षेत्रीय कनेक्टिविटी में सुधार होगा और पर्यटन के साथ-साथ व्यापार और निवेश को भी बढ़ावा मिलेगा।
इस नई पहल से बिहार के पर्यटन को एक नई दिशा मिलने की उम्मीद है। अब विदेशी पर्यटक भी कम समय में बौद्ध धर्म की पवित्र स्थली बोधगया, प्राचीन शिक्षा केंद्र नालंदा, भगवान महावीर से जुड़े स्थान पावापुरी और सिख धर्म के दसवें गुरु गोविंद सिंह की जन्मस्थली पटना साहिब का एक ही यात्रा में भ्रमण कर सकेंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि हेली टूरिज्म सेवा न केवल पर्यटन को बढ़ावा देगी, बल्कि राज्य में रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगी। होटल, ट्रैवल एजेंसी, गाइड और स्थानीय व्यापारियों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। साथ ही, इससे राज्य की अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिलेगी।
कुल मिलाकर, ‘हेली टूरिज्म’ योजना बिहार को पर्यटन के क्षेत्र में एक नई पहचान दिलाने की दिशा में बड़ा कदम साबित हो सकती है। अगर यह योजना सफल होती है, तो आने वाले समय में बिहार देश-विदेश के पर्यटकों के लिए एक प्रमुख आकर्षण केंद्र बनकर उभरेगा।