ब्रेकिंग
लेसी सिंह बनीं 8वीं बार मंत्री, बिहार की राजनीति में रचा इतिहासमुजफ्फरपुर के एक होटल में हो गया बड़ा कांड: शादी का झांसा देकर युवती से दरिंदगी, प्रेमी गिरफ्तारबिहार में मिड डे मील खाने के बाद 250 से अधिक बच्चों की तबीयत बिगड़ी, स्कूल में मचा हड़कंपतमिलनाडु में सरकार गठन पर सस्पेंस: थलापति विजय की TVK बहुमत से दूर, गवर्नर ने दोबारा लौटाया; क्या हैं विकल्प?बिहार के अंचल कार्यालयों की अब हर दिन मॉनिटरिंग, VC के जरिए कामकाज की होगी पड़ताल; सरकार ने जारी किया आदेशलेसी सिंह बनीं 8वीं बार मंत्री, बिहार की राजनीति में रचा इतिहासमुजफ्फरपुर के एक होटल में हो गया बड़ा कांड: शादी का झांसा देकर युवती से दरिंदगी, प्रेमी गिरफ्तारबिहार में मिड डे मील खाने के बाद 250 से अधिक बच्चों की तबीयत बिगड़ी, स्कूल में मचा हड़कंपतमिलनाडु में सरकार गठन पर सस्पेंस: थलापति विजय की TVK बहुमत से दूर, गवर्नर ने दोबारा लौटाया; क्या हैं विकल्प?बिहार के अंचल कार्यालयों की अब हर दिन मॉनिटरिंग, VC के जरिए कामकाज की होगी पड़ताल; सरकार ने जारी किया आदेश

Birth certificate: बिहार में अब जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र के लिए नहीं होना पड़ेगा परेशान, जानिए अब कहां बनेंगे।

Birth certificate: बिहार सरकार ने जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए बदलाव की पहल की है। अब शहरी क्षेत्रों में वार्ड स्तर पर सुविधा देने की मांग भी उठी है।

बिहार सरकार, जन्म प्रमाणपत्र, मृत्यु प्रमाणपत्र, प्रखंड सांख्यिकी पदाधिकारी, रजिस्ट्रार कार्यालय, नगर निगम, नगर परिषद, नगर पंचायत, वार्ड स्तर, प्रमाणपत्र प्रक्रिया, आम जनता, सरकारी सुविधा, डिजिटल सेवा
बिहार सरकार, जन्म प्रमाणपत्र, मृत्यु प्रमाणपत्र, प्रखंड सांख्यिकी पदाधिकारी, रजिस्ट्रार कार्यालय, नग
© Google
Nitish Kumar
Nitish Kumar
2 मिनट

Birth certificate:  बिहार में अब ग्राम पंचायतों में भी जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र दिया जायेगा।अब पंचायत सचिव को प्रमाणपत्र बनाने की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।लोगों को अब प्रमाणपत्र बनवाने के लिए प्रखंड कार्यालय नहीं जाना पड़े इसके लिए सभी पंचायत सरकार भवन में में इस तरह की सुविधा प्रदान की जाएगी | 

दलालों की सक्रियता और भीड़ बनी परेशानी अर्थ एवं सांख्यिकी निदेशालय की रिपोर्ट के अनुसार, प्रखंड कार्यालयों में प्रमाण पत्र बनवाने वालों की संख्या काफी अधिक हो गई थी। एक ही काउंटर पर सैकड़ों लोग जुटते थे, जिससे भीड़भाड़ और अव्यवस्था की स्थिति बनती थी। कई जिलों से यह भी शिकायत आई कि प्रखंड कार्यालयों में दलालों की सक्रियता बढ़ गई है, जो सामान्य लोगों से पैसे लेकर प्रमाणपत्र दिलाने का दावा करते हैं।


शहरी क्षेत्र में रजिस्ट्रार के पास जिम्मेदारी, लेकिन आपत्ति भी शहरी इलाकों में जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने की जिम्मेदारी नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायत के रजिस्ट्रार कार्यालय को दी गई है। हालांकि, इस व्यवस्था पर भी आम जनता ने आपत्ति जताई है। लोगों का कहना है कि रजिस्ट्रार कार्यालय में न तो पर्याप्त कर्मचारी हैं और न ही सही तरीके से प्रक्रिया होती है, जिससे उन्हें काफी मशक्कत करनी पड़ती है।


वार्ड स्तर पर सुविधा की मांग स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने राज्य सरकार से मांग थी कि प्रमाणपत्र बनवाने की सुविधा अब वार्ड स्तर पर दी जाए, ताकि आम जनता को सुविधा हो और उन्हें बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें।


टैग्स

संबंधित खबरें