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बिहार में गैर-मजरूआ जमीन की खरीद-बिक्री पर लगेगी रोक, सॉफ्टवेयर से रोके जाएंगे रजिस्ट्रेशन

Bihar Bhumi: बिहार सरकार ने खतियान के आधार पर चिह्नित गैर-मजरूआ आम जमीन की खरीद-बिक्री पर रोक लगाने की तैयारी शुरू कर दी है। ऐसी जमीनों की सूची निबंधन विभाग को दी जाएगी और सॉफ्टवेयर के जरिए रजिस्ट्रेशन रोका जाएगा।

Bihar Bhumi
प्रतिकात्मक तस्वीर
© File
Mukesh Srivastava
3 मिनट

Bihar Bhumi: बिहार सरकार ने खतियान के आधार पर चिह्नित गैर-मजरूआ आम जमीन की खरीद-बिक्री पर रोक लगाने का फैसला किया है। इसके लिए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग निबंधन विभाग को ऐसी जमीनों की सूची उपलब्ध कराएगा, ताकि सॉफ्टवेयर के माध्यम से इनके रजिस्ट्रेशन पर स्वतः रोक लगाई जा सके।



राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के विशेष सचिव नवाजिश अख्तर ने गुरुवार को इस संबंध में मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग को पत्र भेजकर जानकारी दी है। पत्र में कहा गया है कि प्रत्येक मौजे में स्थित गैर-मजरूआ आम जमीन का पूरा विवरण निबंधन विभाग को उपलब्ध कराया जाएगा। इसके बाद इन जमीनों का रिकॉर्ड रजिस्ट्रेशन सॉफ्टवेयर में दर्ज किया जाएगा।



नई व्यवस्था लागू होने के बाद यदि कोई व्यक्ति गैर-मजरूआ आम जमीन की खरीद-बिक्री के लिए रजिस्ट्रेशन कराने का प्रयास करेगा, तो सॉफ्टवेयर स्वतः उसकी अनुमति नहीं देगा। विभाग ने नमूने के तौर पर सारण जिले की गैर-मजरूआ आम जमीन की सूची भी निबंधन विभाग को भेजी है।



पत्र में बताया गया है कि विभिन्न भूमि सर्वेक्षणों के आधार पर अंचल स्तर पर गैर-मजरूआ आम जमीन का विस्तृत रिकॉर्ड तैयार किया गया है। निबंधन विभाग के पास पहले से ही प्रत्येक जिले के लिए एक 'रोक सूची' मौजूद है, जिसमें शामिल जमीनों का रजिस्ट्रेशन नहीं किया जाता। अब गैर-मजरूआ आम जमीन को भी इसी रोक सूची में शामिल किया जाएगा।



गैर-मजरूआ आम जमीन सार्वजनिक उपयोग के लिए आरक्षित होती है। इसमें सड़क, स्कूल, श्मशान, कब्रिस्तान, तालाब और अन्य सार्वजनिक उपयोग की भूमि शामिल होती है। आजादी से पहले इन जमीनों पर जमींदारों का स्वामित्व था, लेकिन बाद में ये सरकार के अधीन आ गईं। हालांकि पुराने दस्तावेजों और कब्जे के आधार पर आज भी कई स्थानों पर इनका निजी उपयोग होता है और इनकी अवैध बिक्री की शिकायतें भी मिलती रही हैं। सरकार भूमिहीन परिवारों को इसी श्रेणी की जमीन आवास निर्माण के लिए उपलब्ध कराती है, लेकिन इसे बेचने की अनुमति नहीं होती।



गौरतलब है कि राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने जून 2026 के पहले सप्ताह में गैर-मजरूआ आम जमीन की बिक्री पर रोक लगाने की घोषणा की थी। उन्होंने कहा था कि यदि ऐसी जमीन की बिक्री पाई गई, तो संबंधित जमाबंदी रद्द कर दी जाएगी। अब राजस्व विभाग की यह पहल उसी घोषणा को लागू करने की दिशा में अगला कदम मानी जा रही है।

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रिपोर्टर

FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता