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Bihar Police : बिहार में बड़ा फर्जीवाड़ा! तीन जिलों के SP का नकली तबादला आदेश वायरल, पुलिस विभाग में मचा हड़कंप

बिहार में सीतामढ़ी, सारण और बेगूसराय के SP के तबादले की फर्जी अधिसूचना वायरल होने से हड़कंप मच गया। पटना साइबर पुलिस ने मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है।

Bihar Police : बिहार में बड़ा फर्जीवाड़ा! तीन जिलों के SP का नकली तबादला आदेश वायरल, पुलिस विभाग में मचा हड़कंप
Tejpratap
Tejpratap
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Bihar Police : बिहार में साइबर अपराधियों की एक और बड़ी करतूत सामने आई है। इस बार जालसाजों ने सीधे पुलिस प्रशासन को निशाना बनाते हुए तीन जिलों के पुलिस अधीक्षकों (एसपी) के तबादले की फर्जी अधिसूचना जारी कर दी। मामला सामने आने के बाद गृह विभाग और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। जांच के दौरान यह खुलासा हुआ कि इस फर्जीवाड़े में पुलिस विभाग से जुड़ा एक कर्मी भी शामिल हो सकता है। फिलहाल एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और उससे लगातार पूछताछ की जा रही है।


जानकारी के अनुसार, सीतामढ़ी, सारण और बेगूसराय जिले के एसपी के तबादले को लेकर सोशल मीडिया पर एक कथित सरकारी अधिसूचना तेजी से वायरल हुई थी। यह पत्र गृह विभाग और गृह मंत्रालय के नाम से जारी दिखाया गया था, जिससे पहली नजर में यह पूरी तरह असली प्रतीत हो रहा था। वायरल दस्तावेज में तीनों जिलों के एसपी के तबादले और नई पोस्टिंग का उल्लेख किया गया था।


जब यह पत्र पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों तक पहुंचा तो इसकी सत्यता को लेकर संदेह पैदा हुआ। जांच में पता चला कि यह पूरी तरह फर्जी दस्तावेज है। इसके बाद गृह विभाग ने तत्काल मामले को गंभीरता से लेते हुए पटना साइबर थाना में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने के बाद साइबर पुलिस ने गुरुवार को औपचारिक केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी।


सूत्रों के मुताबिक, साइबर पुलिस की शुरुआती जांच में एक आरोपी की पहचान हुई, जिसे हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। बताया जा रहा है कि गिरफ्तार व्यक्ति पहले से बिहार पुलिस में तैनात है। हालांकि अधिकारी अभी इस गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि करने से बच रहे हैं। माना जा रहा है कि आरोपी का संबंध किसी साइबर फ्रॉड गिरोह से हो सकता है, जो सोशल मीडिया के जरिए फर्जी सरकारी दस्तावेज वायरल कर भ्रम फैलाने का काम करता है।


पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि फर्जी अधिसूचना तैयार करने के पीछे आखिर मकसद क्या था। आशंका जताई जा रही है कि यह किसी बड़े षड्यंत्र का हिस्सा हो सकता है। जांच एजेंसियां इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि क्या इस गिरोह ने पहले भी किसी सरकारी विभाग या अधिकारी के नाम से फर्जी आदेश जारी किए हैं।


इस मामले को लेकर साइबर थाना प्रभारी और डीएसपी नीतीश चंद्र धारिया ने बताया कि पुलिस तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है। जल्द ही इस मामले में शामिल अन्य लोगों की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले किसी भी सरकारी आदेश या अधिसूचना की पुष्टि किए बिना उसे साझा नहीं करना चाहिए।


गौरतलब है कि हाल के दिनों में बिहार में साइबर अपराध के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हुई है। अपराधी अब सरकारी दस्तावेजों की हूबहू कॉपी तैयार कर लोगों और संस्थानों को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे में पुलिस प्रशासन ने आम लोगों से सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध सूचना की पुष्टि संबंधित विभाग से करने की अपील की है।