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Bihar Election 2025: बिहार के अंदर इस मामले में भी तेजस्वी से आगे नीकली NDA, इस जगह भी महागठबंधन नहीं दे पा रहा टक्कर

Bihar Election 2025: बिहार की राजनीति इस बार जमीन पर ही नहीं, बल्कि आसमान में भी गर्म हो चुकी है। विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा के बाद राजधानी पटना एयरपोर्ट चुनावी गतिविधियों का ‘हवाई कमांड सेंटर’ बनने जा रहा है।

Bihar Elections 2025
बिहार चुनाव 2025
© GOOGLE
PRIYA DWIVEDI
4 मिनट

Bihar Election 2025: बिहार की राजनीति इस बार जमीन पर ही नहीं, बल्कि आसमान में भी गर्म हो चुकी है। विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा के बाद राजधानी पटना एयरपोर्ट चुनावी गतिविधियों का ‘हवाई कमांड सेंटर’ बनने जा रहा है। सुबह से लेकर शाम तक हेलीकॉप्टरों की आवाज से पटना का आसमान गूंजेगा, जिससे स्पष्ट होगा कि सियासी मुकाबला अब हवाई स्तर पर भी लड़ा जाएगा।


चुनाव आयोग ने दो चरणों में 6 और 11 नवंबर को मतदान के लिए तिथियां तय की हैं। एयरपोर्ट प्रशासन के अनुसार, 10 अक्टूबर से प्रतिदिन 12-15 हेलीकॉप्टर उड़ान भरेंगे। कुल 30 हेलीकॉप्टरों की पार्किंग क्षमता को ध्यान में रखते हुए एयरपोर्ट प्रबंधन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। उड़ानें सुबह 8 बजे से शुरू होंगी और शाम 6 बजे तक लौटेंगी।


एनडीए गठबंधन, यानी भाजपा और जदयू, सबसे मजबूत स्थिति में नजर आ रहा है। भाजपा के पास 5-6 हेलीकॉप्टर हैं, जिनसे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, अमित शाह और पार्टी के अन्य स्टार प्रचारक पूरे राज्य में चुनावी रैलियों को कवर करेंगे। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जदयू के पास भी दो हेलीकॉप्टर हैं, जो सीमांचल से लेकर मगध तक प्रचार को गति देंगे।


विपक्षी महागठबंधन, राजद-कांग्रेस, के पास दो-तीन हेलीकॉप्टर हैं। लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी यादव की टीम के दो हेलीकॉप्टर उनके अभियान में काम आएंगे, जबकि कांग्रेस के तीन हेलीकॉप्टर राहुल गांधी की ‘न्याय यात्रा’ में उपयोग होंगे। सीमांचल में एआईएमआईएम की एक हेलीकॉप्टर मदद से अपनी राजनीतिक पैठ मजबूत करने की कोशिश कर रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि हेलीकॉप्टरों की संख्या केवल उड़ान नहीं, बल्कि दल की ताकत और रणनीतिक पहुंच को भी दर्शाती है।


पटना एयरपोर्ट पर हेलीकॉप्टर या चॉपर से आने वाले नेताओं और दलों के सामान की कड़ी जांच की जाएगी। आगमन क्षेत्र में एक्स-रे स्कैनर और इनकम टैक्स टीम तैनात की गई है। हेलीकॉप्टर से उड़ान भरने से पहले और उतरने के बाद सामान की जांच होगी। जरूरत पड़ने पर हेलीकॉप्टर की खुद की जांच भी की जा सकती है।


चुनाव के दौरान हवाई जहाज से यात्रा करने वाले आम यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी। एयरपोर्ट अथॉरिटी के अनुसार, आम यात्री 10 लाख रुपये नकद और 1 किलो तक सोने के गहने लेकर यात्रा कर सकते हैं।


चुनाव के दौरान हेलीकॉप्टर का चार्ज प्रति घंटे 2.10 लाख रुपये निर्धारित किया गया है। कम से कम तीन घंटे के लिए बुकिंग करना अनिवार्य है। इसका मतलब है कि न्यूनतम 6.30 लाख रुपये + GST प्रतिदिन बुकिंग चार्ज होगा। तीन घंटे से अधिक समय के लिए प्रति घंटे 2.10 लाख रुपये अतिरिक्त चार्ज लगेगा। एयरपोर्ट पर हेलीकॉप्टर सेवा प्रदान करने वाली कंपनी के प्रवीण जैन ने बताया कि अधिकतम 18 हेलीकॉप्टर उपलब्ध कराए जा सकते हैं और सभी राजनीतिक दल अपनी आवश्यकताओं के अनुसार बुकिंग कर रहे हैं।


जैसे-जैसे चुनावी तारीखें नजदीक आएंगी, बिहार का आसमान और ज्यादा सियासी हो जाएगा। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि जमीनी मुद्दों से ज्यादा असर जमीन पर के प्रचार का होगा या आसमान में उड़ते नारों का। बिहार की राजनीति इस बार पूरी तरह ‘हवाई मोड’ में भी दिखाई देगी।