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Bihar News : बिहार में उद्योग लगाना होगा आसान! CM की अध्यक्षता में बनेगी नई परिषद, हर जिले में होगी कमेटी

बिहार ईज ऑफ डूइंग बिजनेस बिल 2026 के तहत मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में परिषद बनेगी। हर जिले में कमेटी, सिंगल विंडो सिस्टम और उद्योगों को बड़ी राहत मिलेगी।

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Tejpratap
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Bihar News : बिहार सरकार राज्य में निवेश बढ़ाने और उद्योगों को तेज़ी से आगे बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। सरकार ने 'बिहार ईज ऑफ डूइंग बिजनेस विधेयक-2026' का मसौदा तैयार कर लिया है। इस नए कानून का उद्देश्य उद्योगों को मंजूरी देने की प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाना है, ताकि निवेशकों को अलग-अलग विभागों के चक्कर न लगाने पड़ें और राज्य में कारोबार शुरू करना पहले से कहीं अधिक आसान हो सके।


मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में बनेगी शीर्ष परिषद

प्रस्तावित विधेयक के तहत राज्य स्तर पर ईज ऑफ डूइंग बिजनेस परिषद का गठन किया जाएगा। इस परिषद की अध्यक्षता मुख्यमंत्री करेंगे। परिषद में उद्योग, वित्त, राजस्व, ऊर्जा, श्रम, नगर विकास, पर्यावरण, पथ निर्माण और अन्य महत्वपूर्ण विभागों के मंत्री एवं वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। परिषद का काम निवेश से जुड़ी नीतियों की समीक्षा करना, बाधाओं को दूर करना और उद्योगों के लिए अनुकूल माहौल तैयार करना होगा।


मुख्य सचिव की अगुवाई में कार्यकारिणी समिति

सरकार केवल नीतियां बनाने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में कार्यकारिणी समिति भी बनाई जाएगी। यह समिति विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित करेगी और यह सुनिश्चित करेगी कि निवेशकों के आवेदन तय समय सीमा के भीतर निपटाए जाएं।


हर जिले में बनेगी उद्योग सुविधा समिति

नई व्यवस्था के तहत जिला स्तर पर भी समितियों का गठन किया जाएगा। इन समितियों का उद्देश्य स्थानीय स्तर पर उद्योग लगाने वाले निवेशकों की समस्याओं का त्वरित समाधान करना होगा। इससे छोटे और मध्यम उद्योगों को भी बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है, क्योंकि उन्हें जिला स्तर पर ही अधिकांश प्रशासनिक सहायता उपलब्ध हो सकेगी।


सीईओ की अध्यक्षता में काम करेगा सचिवालय

विधेयक में एक समर्पित सचिवालय के गठन का भी प्रावधान किया गया है। इसका नेतृत्व एक मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) करेंगे। यह सचिवालय परिषद और कार्यकारिणी समिति के निर्णयों के अनुपालन की निगरानी करेगा, निवेश प्रस्तावों की प्रगति पर नजर रखेगा और उद्योगों से जुड़े मामलों का समन्वय करेगा।


सिंगल विंडो सिस्टम से मिलेगी बड़ी राहत

सरकार निवेशकों के लिए एकल खिड़की (Single Window System) को और अधिक प्रभावी बनाने की तैयारी में है। इसके तहत उद्योग स्थापित करने के लिए आवश्यक विभिन्न विभागों की मंजूरियां एक ही प्लेटफॉर्म से मिल सकेंगी। इससे समय की बचत होगी, प्रक्रियाएं सरल होंगी और कारोबार शुरू करने में होने वाली देरी कम होगी।


खेती की जमीन के व्यावसायिक उपयोग पर राहत

प्रस्तावित कानून की सबसे अहम विशेषताओं में से एक यह है कि उद्योग स्थापित करने के लिए कृषि भूमि के व्यावसायिक उपयोग पर अलग से कन्वर्जन कराने की आवश्यकता नहीं होगी। इससे निवेशकों को बड़ी राहत मिलेगी और उद्योग लगाने की प्रक्रिया तेज होगी। हालांकि, भूमि उपयोग से जुड़े अन्य कानूनी और पर्यावरणीय नियम लागू रहेंगे।


निवेश बढ़ाने पर सरकार का फोकस

राज्य सरकार का मानना है कि नई व्यवस्था लागू होने से बिहार में घरेलू और बाहरी निवेश को बढ़ावा मिलेगा। उद्योगों की स्थापना आसान होने से रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और राज्य की औद्योगिक विकास दर में तेजी आएगी। सरकार का लक्ष्य बिहार को निवेश के लिए अधिक प्रतिस्पर्धी और उद्योग-अनुकूल राज्य के रूप में स्थापित करना है।