Bihar Cyber Crime: बिहार में तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराध पर रोक लगाने के लिए पटना साइबर पुलिस ने एक अनोखी और प्रभावी पहल शुरू की है। अब ग्रामीण इलाकों तक बढ़ते साइबर ठगी के मामलों को देखते हुए पुलिस ने ‘जीविका दीदियों’ को इस लड़ाई में शामिल करने का फैसला किया है, जो गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक करेंगी।
डिजिटल लेन-देन और स्मार्टफोन के बढ़ते इस्तेमाल के साथ अब साइबर ठग ग्रामीण क्षेत्रों को भी निशाना बना रहे हैं। ऐसे में जीविका दीदियों की व्यापक पहुंच को देखते हुए उन्हें साइबर सुरक्षा की ट्रेनिंग देकर एक मजबूत जागरूकता नेटवर्क तैयार किया जा रहा है।
पटना साइबर पुलिस के एसपी नीतीश चंद्र धारिया के अनुसार, जीविका दीदियों का नेटवर्क हर पंचायत और गांव तक फैला हुआ है। इसी कारण उन्हें विशेष प्रशिक्षण देकर साइबर अपराध के खिलाफ जागरूकता अभियान में शामिल किया जा रहा है। गांव और पंचायत स्तर पर इनकी विशेष टीम भी बनाई जा रही है।
ट्रेनिंग के दौरान जीविका दीदियों को साइबर ठगी के नए तरीकों की जानकारी दी जाएगी। उन्हें खासतौर पर यह सिखाया जाएगा कि किसी भी अनजान APK फाइल पर क्लिक न करें, सोशल मीडिया पर आने वाले संदिग्ध लिंक से बचें और गूगल से मिले कस्टमर केयर नंबरों पर भरोसा न करें।
इसके अलावा ग्रामीणों को किसान क्रेडिट कार्ड, पीएम किसान योजना, पारिवारिक पेंशन और स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड के नाम पर हो रहे ऑनलाइन फ्रॉड से भी सतर्क किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य गांव-गांव तक साइबर सुरक्षा की मजबूत जागरूकता फैलाना है।
आंकड़ों के अनुसार, पिछले वर्ष पटना जिले में करीब 2500 साइबर ठगी के मामले दर्ज किए गए थे। पहले ये घटनाएं शहरी क्षेत्रों तक सीमित थीं, लेकिन अब ग्रामीण लोग भी तेजी से इसका शिकार हो रहे हैं।

