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बरगी डैम हादसा: बिहार के 10 मजदूर बने ‘देवदूत’, जान जोखिम में डालकर डूबते लोगों की बचाई जान; अब MP सरकार करेगी सम्मानित

Bargi Dam accident: मध्य प्रदेश के बरगी डैम क्रूज हादसे में बिहार के 10 मजदूरों ने जान जोखिम में डालकर दर्जनों लोगों की जान बचाई, राज्य सरकार ने सम्मान की घोषणा की।

Bargi Dam accident
देवदूत बने बिहारी
Mukesh Srivastava
2 मिनट

Bargi Dam accident: मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित बरगी डैम में हुए दर्दनाक क्रूज हादसे के बीच मानवता और साहस की एक मिसाल सामने आई है। सरकारी बचाव दल के पहुंचने से पहले ही बिहार के 10 मजदूर ‘देवदूत’ बनकर पानी में कूद पड़े और डूबते लोगों की जान बचाने में जुट गए। इनमें सात मजदूर पश्चिम चंपारण के बगहा अनुमंडल के अलग-अलग गांवों के रहने वाले हैं।


बताया जाता है कि हादसे के समय बरगी डैम के पास पुल निर्माण का काम चल रहा था, जहां ये मजदूर काम कर रहे थे। जैसे ही क्रूज अनियंत्रित होकर डूबने लगा, वहां मौजूद मजदूरों ने बिना किसी सुरक्षा उपकरण के अपनी जान की परवाह किए बिना बचाव कार्य शुरू कर दिया।


मजदूरों के सुपरवाइजर बृंद कुमार यादव ने बताया कि उन्होंने पहले ही क्रूज के पायलट को रुकने के लिए आवाज लगाई थी, लेकिन पायलट ने बात नहीं मानी और आगे बढ़ गया। कुछ ही देर में क्रूज डूब गया। इसके बाद मजदूरों ने तुरंत रस्सी की मदद से पानी में उतरकर लोगों को बाहर निकालना शुरू कर दिया।


सरकारी रेस्क्यू टीम के पहुंचने से पहले ही इन मजदूरों ने एक दर्जन से अधिक लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इसके साथ ही चार शवों को भी बाहर निकालकर एम्बुलेंस के जरिए अस्पताल भेजा गया।


इस साहसिक अभियान में पिपरासी प्रखंड के मंझरिया खास गांव के प्रेम कुशवाहा, श्रीपतनगर के उपेंद्र राय, बगहा के सागर गुप्ता, राजेश साहनी, राजेश यादव, अरविंद यादव, संजय साहनी के अलावा दरभंगा के संतोष सदाय, भवन सदाय और रामबहादुर सदाय शामिल रहे।


इन मजदूरों के अदम्य साहस और मानवता के जज्बे को देखते हुए मध्य प्रदेश सरकार ने सभी को 51-51 हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की है। वहीं स्थानीय लोगों के साथ-साथ जनप्रतिनिधियों ने भी इनकी जमकर सराहना की है और सम्मानित करने की मांग की है।

रिपोर्टिंग
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रिपोर्टर

DEEPAK RAJ

FirstBihar संवाददाता