1st Bihar Published by: First Bihar Updated Nov 27, 2025, 12:36:18 PM
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NITISH KUMAR : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग और निगरानी विभाग की समीक्षा बैठक की। यह बैठक राज्य में प्रशासनिक कार्यों की गुणवत्ता, कानून-व्यवस्था और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की प्रभावशीलता को लेकर आयोजित की गई थी। मुख्यमंत्री ने दोनों विभागों के अधिकारियों से विस्तार से जानकारी ली और कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए।
बैठक की शुरुआत में मुख्यमंत्री ने मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के अधिकारियों से विभागीय कामकाज की स्थिति पर सवाल किया। उन्होंने कहा कि सचिवालय विभाग राज्य सरकार के सभी विभागों के समन्वय का मुख्य केंद्र है और इसका कामकाज पारदर्शी, समयबद्ध और प्रभावी होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी सरकारी योजनाओं और परियोजनाओं की प्रगति नियमित रूप से मंत्रिपरिषद को रिपोर्ट की जाए। साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि जनता की शिकायतों और सुझावों का त्वरित निपटान सुनिश्चित किया जाए ताकि आम नागरिक को सरकारी सेवाओं में किसी प्रकार की कठिनाई न हो।
इसके बाद मुख्यमंत्री ने निगरानी विभाग की कार्यप्रणाली की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि निगरानी विभाग का मुख्य उद्देश्य भ्रष्टाचार, अनियमितताओं और सरकारी निधियों के दुरुपयोग की रोकथाम करना है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि राज्य में सभी सरकारी परियोजनाओं की निगरानी लगातार हो और किसी भी प्रकार की अनियमितता पर तुरंत कार्रवाई की जाए। उन्होंने अधिकारियों से उम्मीद जताई कि वे अपने क्षेत्र में सख्ती और पारदर्शिता बनाए रखें ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ सही लाभार्थियों तक पहुंचे।
बैठक में मुख्यमंत्री ने कुछ विशेष निर्देश भी जारी किए। उन्होंने कहा कि विभागीय कर्मचारियों को प्रशिक्षण और क्षमता विकास के कार्यक्रमों में शामिल किया जाए ताकि उनका कार्यक्षमता स्तर बढ़े। इसके अलावा, उन्होंने कहा कि डिजिटल तकनीकों का उपयोग बढ़ाकर सभी विभागीय कार्यों को और अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाया जाए। उन्होंने अधिकारियों को सख्त हिदायत दी कि सरकारी फंड का उपयोग पूरी तरह से नियमानुसार हो और किसी भी प्रकार की अनियमितता को बर्दाश्त न किया जाए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से यह भी कहा कि जनता के लिए किए जाने वाले कार्यों की गुणवत्ता पर किसी भी तरह का समझौता न हो। उन्होंने कहा कि जनता के विश्वास को बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है और इसके लिए सभी विभागों को मिलकर काम करना होगा। बैठक में यह भी चर्चा हुई कि कैसे सरकार की नीतियों और योजनाओं का लाभ हर नागरिक तक बिना किसी बाधा के पहुंचाया जा सकता है।
अंत में, मुख्यमंत्री ने मंत्रिमंडल सचिवालय और निगरानी विभाग के अधिकारियों को सतर्क, ईमानदार और जवाबदेह रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि राज्य में सुशासन और प्रशासनिक दक्षता बनाए रखना हर अधिकारी की जिम्मेदारी है। इस बैठक से यह स्पष्ट हुआ कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार प्रशासनिक सुधार और सरकारी योजनाओं के पारदर्शी कार्यान्वयन को लेकर गंभीर हैं और वे हर स्तर पर अधिकारियों से अपेक्षाएं रखते हैं।