ब्रेकिंग
बिहार कैबिनेट विस्तार: पीएम मोदी. शाह, राजनाथ सिंह और नीतीश कुमार समेत तमाम एनडीए नेता मौजूद, मंत्रियों का शपथ ग्रहण शुरूसम्राट कैबिनेट में मंत्री बनने जा रहे निशांत कुमार, शपथ ग्रहण से पहले पिता नीतीश कुमार का लिया आशीर्वादबिहार कैबिनेट विस्तार: सम्राट मंत्रिमंडल में सबसे ज्यादा राजपूत मंत्री होंगे, जानिए किस जाति के कितने मंत्रीपटना में जाम से त्राहिमाम, शपथ ग्रहण और पीएम मोदी के रोड शो को लेकर कई रूट डायवर्ट; लोगों की बढ़ी परेशानीबिहार कैबिनेट विस्तार: कौन हैं इंजीनियर कुमार शैलेंद्र? जो सम्राट सरकार में बनने जा रहे मंत्रीबिहार कैबिनेट विस्तार: पीएम मोदी. शाह, राजनाथ सिंह और नीतीश कुमार समेत तमाम एनडीए नेता मौजूद, मंत्रियों का शपथ ग्रहण शुरूसम्राट कैबिनेट में मंत्री बनने जा रहे निशांत कुमार, शपथ ग्रहण से पहले पिता नीतीश कुमार का लिया आशीर्वादबिहार कैबिनेट विस्तार: सम्राट मंत्रिमंडल में सबसे ज्यादा राजपूत मंत्री होंगे, जानिए किस जाति के कितने मंत्रीपटना में जाम से त्राहिमाम, शपथ ग्रहण और पीएम मोदी के रोड शो को लेकर कई रूट डायवर्ट; लोगों की बढ़ी परेशानीबिहार कैबिनेट विस्तार: कौन हैं इंजीनियर कुमार शैलेंद्र? जो सम्राट सरकार में बनने जा रहे मंत्री

Bihar News: मुख्यमंत्री का जमुई दौरा रद्द, 50 साल से लंबित बरनार परियोजना का शिलान्यास टला; ग्रामीणों में निराशा

Bihar News: बिहार में विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही मुख्यमंत्री लगातार जिलों का दौरा कर रहे हैं। इसी कड़ी में शनिवार को जमुई के बटिया में प्रस्तावित मुख्यमंत्री का जनसंवाद कार्यक्रम और बहुप्रतीक्षित बरनार जलाशय परियोजना का शिलान्यास होना था।

Bihar News
बिहार न्यूज
© GOOGLE
Tejpratap
Tejpratap
3 मिनट

Bihar News: बिहार में विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही मुख्यमंत्री लगातार जिलों का दौरा कर रहे हैं। इसी कड़ी में शनिवार को जमुई के बटिया में प्रस्तावित मुख्यमंत्री का जनसंवाद कार्यक्रम और बहुप्रतीक्षित बरनार जलाशय परियोजना का शिलान्यास होना था। लेकिन अंतिम समय पर यह कार्यक्रम रद्द कर दिया गया। जिलाधिकारी नवीन ने पुष्टि की कि खराब मौसम की वजह से मुख्यमंत्री का दौरा संभव नहीं हो पाया।


दरअसल, बरनार जलाशय परियोजना को लेकर क्षेत्र में लंबे समय से उत्सुकता रही है। माना जा रहा था कि मुख्यमंत्री के हाथों शिलान्यास से किसानों और ग्रामीणों की दशकों पुरानी समस्या का समाधान निकल सकेगा। यह परियोजना न केवल सिंचाई बल्कि पेयजल संकट को भी दूर करने में अहम साबित हो सकती है।


वहीं, मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के लिए प्रशासन और स्थानीय नेताओं की ओर से बड़ी तैयारियां की गई थीं। हजारों लोगों के जुटने की संभावना थी और ग्रामीण बड़ी उम्मीदों के साथ कार्यक्रम का इंतजार कर रहे थे। लेकिन अचानक कार्यक्रम रद्द होने से भीड़ निराश हो गई।


अधिकारियों का कहना है कि मुख्यमंत्री के इस दौरे की नई तिथि जल्द घोषित की जाएगी। ग्रामीण अब नई तारीख की घोषणा पर निगाहें लगाए हुए हैं। बरनार जलाशय परियोजना लगभग 50 साल से लंबित है। यह मुद्दा हर विधानसभा और लोकसभा चुनाव में उठता रहा है। नेताओं ने हर बार इसके शीघ्र पूरा होने का वादा किया, लेकिन अब तक यह साकार नहीं हो सका।


परियोजना अधूरी रहने का सीधा असर किसानों पर पड़ रहा है। आसपास के खेतों में सिंचाई की सुविधा न होने से हजारों एकड़ भूमि पर फसलें सूख जाती हैं। किसान मजबूरी में महंगे डीजल पंप और ट्यूबवेल का सहारा लेते हैं, जिससे उनकी लागत बढ़ जाती है और मुनाफा घट जाता है।


ग्रामीणों का कहना है कि यदि बरनार जलाशय परियोजना पूरी हो जाती है तो क्षेत्र में कृषि उत्पादन बढ़ेगा, पेयजल संकट दूर होगा और स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर भी मिलेंगे। यही वजह है कि ग्रामीण इसे अपने इलाके की जीवनरेखा परियोजना मानते हैं।

रिपोर्टिंग
D

रिपोर्टर

Dhiraj Kumar Singh

FirstBihar संवाददाता

संबंधित खबरें