मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना: 10 हजार के बाद अब महिलाओं को इन शर्तों पर मिलेंगे दो लाख, नीतीश सरकार ने बनाया SOP

Mahila Rojgar Yojana: बिहार की मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना में बढ़ोतरी, सफल महिलाओं को 2 लाख रुपये तक आर्थिक सहायता और ट्रेनिंग दी जाएगी। योजना का उद्देश्य महिलाओं के व्यवसाय को मजबूत बनाना है।

1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Jan 14, 2026, 8:40:06 AM

Mahila Rojgar Yojana

प्रतिकात्मक - फ़ोटो Google

Mahila Rojgar Yojana: महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बिहार सरकार एक और बड़ा कदम उठाने जा रही है। मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत अब शुरुआती सहायता राशि 10,000 रुपये के बाद सफल महिलाओं को 2 लाख रुपये तक की आर्थिक मदद दी जाएगी। इस योजना के जरिए सरकार उन महिलाओं को आगे बढ़ाना चाहती है, जिन्होंने छोटी शुरुआत कर अपने रोजगार को बड़ी दिशा दी है।


योजना के पहले चरण में महिलाओं को रोजगार शुरू करने के लिए 10-10 हजार रुपये दिए गए थे। अब सरकार का फोकस उन महिलाओं पर है, जो इस प्रारंभिक राशि से सफलतापूर्वक अपना काम चला रही हैं। उन्हें आगे बढ़ने के लिए बड़ी सहायता मिलने से उनका व्यवसाय बढ़ेगा और उनकी आमदनी का स्थायी जरिया बनेगा।


इस उद्देश्य के लिए 2 लाख रुपये की सहायता देने के लिए मानक संचालन प्रक्रिया तैयार की जा रही है। SOP में यह स्पष्ट किया जाएगा कि राशि किन शर्तों पर दी जाएगी, लाभार्थियों का चयन कैसे होगा, उनके व्यवसाय का मूल्यांकन कैसे किया जाएगा और सहायता राशि एक साथ दी जाएगी या जरूरत के अनुसार चरणबद्ध तरीके से। SOP को राज्य कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद ही लागू किया जाएगा।


मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना का मकसद सिर्फ आर्थिक मदद देना नहीं है, बल्कि महिलाओं के व्यवसाय को मजबूत बनाना है। पहले चरण में 1 करोड़ 56 लाख महिलाओं के खातों में 10-10 हजार रुपये भेजे जा चुके हैं। इसके अलावा करीब 19 लाख और आवेदन आए हैं, जिन पर राशि भेजने की प्रक्रिया चल रही है। इन महिलाओं में से जिनका व्यवसाय बेहतर ढंग से चल रहा है, उन्हें अगले चरण में 2 लाख रुपये तक की सहायता दी जाएगी।


योजना के तहत 2 लाख रुपये की मदद शुरू करने से पहले महिलाओं को ट्रेनिंग भी दी जाएगी। ट्रेनिंग में व्यवसाय से जुड़ी तकनीक, बाजार की समझ और बिजनेस संचालन की महत्वपूर्ण जानकारी दी जाएगी। जीविका से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, SOP लागू होते ही इस चरण पर काम शुरू कर दिया जाएगा।


आवेदन प्रक्रिया पहले चरण के चयनित लाभार्थियों पर आधारित होगी। जिन महिलाओं को पहले चरण में राशि मिली है, वे अपने काम के प्रदर्शन के आधार पर अगले चरण के लिए पात्र होंगी। आवेदन और मूल्यांकन की प्रक्रिया जीविका के स्वयं सहायता समूहों, प्रखंड स्तर के कार्यालय और विभाग के माध्यम से की जाएगी। पात्र महिलाओं की पहचान के बाद उन्हें ट्रेनिंग दी जाएगी और फिर जरूरत के अनुसार 2 लाख रुपये तक की सहायता उनके खाते में भेजी जाएगी।