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Bihar News: नीतीश के बेटे निशांत हुए राजी....मंत्री पद की लेंगे शपथ! सम्राट कैबिनेट में मिल सकता है अहम विभाग

बिहार में कैबिनेट विस्तार से पहले सियासी हलचल तेज है। सबसे बड़ी चर्चा निशांत कुमार को लेकर है—क्या वे मंत्री बनेंगे? सूत्रों के मुताबिक, उन्हें मनाने के बाद अब तस्वीर साफ होती दिख रही है।

Bihar News: नीतीश के बेटे निशांत हुए राजी....मंत्री पद की लेंगे शपथ! सम्राट कैबिनेट में मिल सकता है अहम विभाग
Tejpratap
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Bihar News: बिहार की सियासत में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है, क्योंकि 7 मई को होने वाले सम्राट कैबिनेट के विस्तार से पहले एक नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है—निशांत कुमार। राजनीतिक गलियारों में सवाल यही है कि क्या पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे को इस बार मंत्री पद मिलेगा या नहीं। अब सूत्रों के हवाले से जो जानकारी सामने आ रही है, उसने इस चर्चा को और तेज कर दिया है।


सूत्रों के अनुसार, निशांत कुमार सम्राट कैबिनेट में मंत्री पद की शपथ ले सकते हैं। बताया जा रहा है कि शुरुआत में उन्होंने मंत्री बनने को लेकर स्पष्ट रूप से इनकार कर दिया था। वे लंबे समय से सक्रिय राजनीति से दूरी बनाए हुए थे और किसी पद को स्वीकार करने के मूड में नहीं थे। हालांकि, जदयू के वरिष्ठ नेताओं और करीबी लोगों ने उन्हें लगातार समझाया और यह बताया कि इस समय उनका मंत्री बनना पार्टी और राज्य दोनों के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है। काफी देर तक चली बातचीत और मनाने के प्रयासों के बाद आखिरकार वे तैयार हो गए।


गौरतलब है कि पिछले कुछ समय से निशांत कुमार बिहार के विभिन्न जिलों का दौरा कर रहे हैं। वे जनता के बीच जाकर सीधे संवाद कर रहे हैं, लोगों की समस्याएं सुन रहे हैं और अपने पिता के शासनकाल में हुए विकास कार्यों को लेकर फीडबैक भी ले रहे हैं। इस यात्रा के दौरान वे यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि राज्य में आगे क्या बदलाव किए जा सकते हैं और जनता की प्राथमिकताएं क्या हैं। यही वजह है कि उनका यह ग्राउंड कनेक्ट राजनीतिक रूप से काफी अहम माना जा रहा है।


सूत्रों के मुताबिक, कैबिनेट विस्तार से ठीक पहले तक निशांत पटना से बाहर थे और अपने दौरे में व्यस्त थे। जैसे ही वे पटना लौटे, जदयू के कई वरिष्ठ नेताओं ने उनसे मुलाकात की और उन्हें मंत्री पद स्वीकार करने के लिए राजी किया। शुरुआत में उन्होंने दो टूक जवाब देते हुए कहा कि वे अभी किसी पद के लिए तैयार नहीं हैं, लेकिन बाद में नेताओं ने उन्हें समझाया कि मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों में उनकी भूमिका बेहद अहम हो सकती है। इसके बाद उन्होंने इस प्रस्ताव पर सहमति जता दी।


यह पहला मौका नहीं है जब निशांत कुमार को लेकर ऐसी चर्चाएं सामने आई हैं। इससे पहले जब बिहार में सत्ता परिवर्तन की प्रक्रिया चल रही थी, उस समय भी यह अटकलें लगाई जा रही थीं कि उन्हें उपमुख्यमंत्री बनाया जा सकता है। हालांकि, उस समय उन्होंने खुद को इस भूमिका के लिए तैयार नहीं बताया था और कहा था कि पहले वे राज्य को समझना चाहते हैं। इसके बाद जदयू कोटे से अन्य नेताओं को जिम्मेदारी दी गई थी।


अब जब सम्राट चौधरी के नेतृत्व में कैबिनेट का विस्तार होने जा रहा है, तो यह देखना दिलचस्प होगा कि निशांत कुमार की एंट्री से राजनीतिक समीकरण किस तरह बदलते हैं। अगर वे मंत्री बनते हैं, तो यह न केवल उनके राजनीतिक करियर की औपचारिक शुरुआत होगी, बल्कि जदयू के भीतर भी एक नया शक्ति संतुलन देखने को मिल सकता है।


फिलहाल, आधिकारिक घोषणा का इंतजार है, लेकिन जिस तरह से अंदरखाने की जानकारी सामने आ रही है, उससे साफ है कि यह कैबिनेट विस्तार कई मायनों में खास होने वाला है। अब सबकी नजरें शपथ ग्रहण समारोह पर टिकी हैं, जहां यह साफ हो जाएगा कि चर्चाएं हकीकत में बदलती हैं या नहीं।