ब्रेकिंग
मंत्री दीपक प्रकाश बने MLC,प्रस्ताव पर राज्यपाल ने दी सहमति, उपेंद्र कुशवाहा बोले..यह तो होना ही थाबिहार में गंगा नदी में प्रदूषण पर NGT सख्त, गंदा पानी बहाने वाले शहरों से वसूला जाएगा जुर्मानाबिहार में स्वास्थ्य व्यवस्था की खुली पोल: अस्पताल में इलाज के नाम पर टूटे पैर में बांध दिया कार्टन... VIDEO वायरलकैबिनेट की बैठक में 17 एजेंडों पर लगी मुहर, हर घर तिरंगा अभियान में 6.12 करोड़ रुपये खर्च करेगी बिहार सरकारबिहार में बनेगा वर्ल्ड क्लास स्पोर्ट्स साइंस सेंटर, खिलाड़ियों को मिलेगा आधुनिक प्रशिक्षण; सम्राट कैबिनेट का बड़ा फैसलामंत्री दीपक प्रकाश बने MLC,प्रस्ताव पर राज्यपाल ने दी सहमति, उपेंद्र कुशवाहा बोले..यह तो होना ही थाबिहार में गंगा नदी में प्रदूषण पर NGT सख्त, गंदा पानी बहाने वाले शहरों से वसूला जाएगा जुर्मानाबिहार में स्वास्थ्य व्यवस्था की खुली पोल: अस्पताल में इलाज के नाम पर टूटे पैर में बांध दिया कार्टन... VIDEO वायरलकैबिनेट की बैठक में 17 एजेंडों पर लगी मुहर, हर घर तिरंगा अभियान में 6.12 करोड़ रुपये खर्च करेगी बिहार सरकारबिहार में बनेगा वर्ल्ड क्लास स्पोर्ट्स साइंस सेंटर, खिलाड़ियों को मिलेगा आधुनिक प्रशिक्षण; सम्राट कैबिनेट का बड़ा फैसला

Bihar Bus Stop: बिहार में बनेंगे 700 नए बस स्टॉप, करोड़ों की लागत से यात्रियों को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं

बिहार में ग्रामीण सड़कों को जिला मुख्यालयों से जोड़ने के साथ यात्रियों की सुविधा के लिए नये बस स्टॉप बनाये जा रहे हैं। सरकार लाखों रुपये खर्च कर आधुनिक बस पड़ाव तैयार कर रही है,

Bihar Bus Stop: बिहार में बनेंगे 700 नए बस स्टॉप, करोड़ों की लागत से यात्रियों को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं
Tejpratap
Tejpratap
5 मिनट

Bihar Bus Stop : बिहार में ग्रामीण सड़कों को सभी जिला मुख्यालयों से जोड़ने की दिशा में बड़े पैमाने पर काम किया जा रहा है। सरकार का दावा है कि इससे न केवल आवागमन सुगम होगा, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को बेहतर परिवहन सुविधा भी मिलेगी। इसी क्रम में राज्य के अलग-अलग जिलों में यात्रियों की सुविधा के लिए नये बस स्टॉप और बस पड़ाव बनाये जा रहे हैं। हालांकि जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग नजर आ रही है। पटना सहित पूरे बिहार में नये बस स्टॉप बन रहे हैं, लेकिन पुराने बस स्टॉप पर अतिक्रमण का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा।


कई जगहों पर बस स्टॉप फल मंडी में तब्दील हो चुके हैं, तो कहीं इनके सामने गाड़ियों की अवैध पार्किंग हो रही है। नतीजा यह है कि बसों को रुकने की जगह नहीं मिलती और यात्रियों को सड़क पर खड़े होकर बस का इंतजार करना पड़ता है। इससे न केवल यात्रियों को असुविधा होती है, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ जाता है।


परिवहन विभाग के आंकड़ों पर नजर डालें, तो एक बस स्टॉप के निर्माण पर औसतन लगभग 4.72 लाख रुपये खर्च किये जा रहे हैं। इसके बावजूद इन स्टॉप से आम लोगों को कोई खास सहूलियत नहीं मिल पा रही है। विभाग ने कुछ महीने पहले बिहार में करीब 700 नये बस पड़ाव के निर्माण का निर्णय लिया था। लेकिन जानकारी के मुताबिक, पहले से बने 150 से अधिक बस स्टॉप पर अतिक्रमण हो चुका है और कई स्टॉप की स्थिति जर्जर हो चुकी है। सबसे बड़ी समस्या यह है कि कई जगहों पर बसें इन स्टॉप पर रुकती ही नहीं हैं।


ग्रामीण इलाकों में बस स्टॉप निर्माण का उद्देश्य यात्रियों को धूप, बारिश और ठंड से राहत देना है। सरकार का दावा है कि नये बस पड़ावों पर छत, बैठने की व्यवस्था और पर्याप्त रोशनी की सुविधा उपलब्ध करायी जा रही है। विशेष रूप से दिव्यांग यात्रियों के लिए इसे ज्यादा सुविधाजनक बनाया जा रहा है, ताकि वे सुरक्षित तरीके से बस में चढ़-उतर सकें। इसके अलावा हर बस पड़ाव पर पुलिस और अन्य आपातकालीन नंबर भी अंकित किये जा रहे हैं, जिससे किसी भी आपात स्थिति में यात्रियों को तुरंत मदद मिल सके।


सड़क सुरक्षा को लेकर भी इन बस स्टॉप पर जरूरी जानकारी दी जा रही है। यातायात नियमों से संबंधित बोर्ड और संकेत लगाये जा रहे हैं, ताकि लोग सुरक्षित यात्रा के प्रति जागरूक हो सकें। ग्रामीण क्षेत्रों में कुल 1582 बस स्टॉप बनाये जाने की योजना है। जानकारी के मुताबिक, प्रति बस पड़ाव लगभग 1 लाख 90 हजार 300 रुपये खर्च किये जा रहे हैं। अभी तक 1026 बस पड़ाव का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, जबकि 231 बस स्टॉप का निर्माण कार्य जारी है।


हालांकि इन आंकड़ों और दावों के बावजूद जमीनी स्तर पर स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। जिन बस स्टॉप पर निर्माण पूरा हो चुका है, वहां अतिक्रमण की वजह से यात्रियों को सुविधा नहीं मिल पा रही है। कई जगहों पर दुकानदारों ने बस स्टॉप को अपनी दुकान का हिस्सा बना लिया है, तो कहीं स्थानीय लोगों ने इसे निजी उपयोग में ले लिया है। प्रशासन की ओर से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई न के बराबर दिख रही है।


यात्रियों का कहना है कि अगर बस स्टॉप पर बसें ही नहीं रुकेंगी, तो करोड़ों रुपये खर्च कर इनके निर्माण का क्या फायदा? ग्रामीण क्षेत्रों में लोग पहले ही सीमित संसाधनों के बीच यात्रा करते हैं। ऐसे में बस स्टॉप का सही उपयोग न होना सरकारी योजनाओं पर सवाल खड़े करता है।


बस स्टॉप निर्माण के साथ-साथ उनके रखरखाव और अतिक्रमण मुक्त रखने के लिए ठोस रणनीति की जरूरत है। स्थानीय प्रशासन, परिवहन विभाग और पुलिस के बीच बेहतर समन्वय के बिना यह संभव नहीं है। अगर समय रहते इस ओर ध्यान नहीं दिया गया, तो नये बन रहे बस स्टॉप भी जल्द ही पुराने स्टॉप की तरह अतिक्रमण का शिकार हो सकते हैं।


बिहार में बस स्टॉप निर्माण की योजना कागजों पर भले ही सफल नजर आ रही हो, लेकिन जमीनी हकीकत में यात्रियों को अभी भी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। जरूरत इस बात की है कि सरकार केवल निर्माण तक सीमित न रहे, बल्कि बस स्टॉप को वास्तव में यात्रियों के लिए उपयोगी बनाने की दिशा में भी ठोस कदम उठाये।