ब्रेकिंग
दिलीप जायसवाल की कुर्सी पर निशांत कुमार ने कर लिया कब्जा: शपथ ग्रहण में दिखा दिलचस्प नज़ाराहलवाई की संदिग्ध मौत से सनसनी, परिजनों ने हत्या की जताई आशंका; थाना के सामने शव रखकर किया बवाल1st Bihar जो कहता है वही होता है...बाकी सब हैं पीछे-पीछे, निशांत की खबर पर 100 फीसदी लगी मुहर, बने पावर सेंटर बिहार कैबिनेट विस्तार: गांधी मैदान में 32 मंत्रियों ने ली शपथ, पीएम मोदी. शाह, राजनाथ सिंह, सीएम सम्राट और नीतीश कुमार समेत तमाम NDA नेता मौजूदसम्राट कैबिनेट में मंत्री बनने जा रहे निशांत कुमार, शपथ ग्रहण से पहले पिता नीतीश कुमार का लिया आशीर्वाददिलीप जायसवाल की कुर्सी पर निशांत कुमार ने कर लिया कब्जा: शपथ ग्रहण में दिखा दिलचस्प नज़ाराहलवाई की संदिग्ध मौत से सनसनी, परिजनों ने हत्या की जताई आशंका; थाना के सामने शव रखकर किया बवाल1st Bihar जो कहता है वही होता है...बाकी सब हैं पीछे-पीछे, निशांत की खबर पर 100 फीसदी लगी मुहर, बने पावर सेंटर बिहार कैबिनेट विस्तार: गांधी मैदान में 32 मंत्रियों ने ली शपथ, पीएम मोदी. शाह, राजनाथ सिंह, सीएम सम्राट और नीतीश कुमार समेत तमाम NDA नेता मौजूदसम्राट कैबिनेट में मंत्री बनने जा रहे निशांत कुमार, शपथ ग्रहण से पहले पिता नीतीश कुमार का लिया आशीर्वाद

Bihar Budget 2026-27: नीतीश सरकार ने पेश किया 3.47 लाख करोड़ का बजट, पिछले साल से कितनी बढ़ोतरी हुई जानिये?

बिहार विधानसभा में वित्त मंत्री विजयेंद्र यादव ने 2026-27 का 3,47,589 करोड़ रुपये का बजट पेश किया। यह बजट 2025-26 के मुकाबले अधिक है, आर्थिक विकास दर भी राष्ट्रीय औसत से ऊपर।

bihar
Bihar Budget 2026-27
© social media
Jitendra Vidyarthi
50 मिनट

Bihar Budget: बिहार के लिए आज का दिन काफी खास रहा। आज नीतीश सरकार वर्ष 2026-27 के लिए बिहार का बजट विधानसभा में पेश किया। बिहार सरकार के वित्त मंत्री बीजेंद्र यादव ने बजट पेश किया। इस बार बिहार का बजट 3 लाख 47 हजार 589 करोड़ रुपये है। 


नीतीश सरकार ने विधानसभा में बिहार का बजट आज पेश किया। इस दौरान वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने कहा कि आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए बजट कुल 3,47,589 लाख करोड़ रुपये है। पिछले साल के मुकाबले इसमें बढ़ोतरी हुई है। चुनावी साल में नीतीश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 का 3.17 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया था। हालांकि, पिछले साल फरवरी में वार्षिक बजट पेश करने के बाद नीतीश सरकार ने जुलाई में 57941 करोड़ का पहला अनुपूरक बजट और दिसंबर में 91717 करोड़ दूसरा अनुपूरक बजट भी पेश किया था।


 बिहार का अब तक का सबसे बड़ा बजट

1. राज्य सरकार ने ₹3.47 लाख करोड़ का बजट पेश किया, जो पिछले साल से करीब ₹30 हजार करोड़ ज्यादा है

2.    विकास पर जोर, खर्च बढ़ाया

सड़क, पुल, बिजली, पानी और भवन जैसे कामों के लिए ₹63,455 करोड़ का पूंजीगत खर्च रखा गया है।

3.    शिक्षा सबसे ऊपर

स्कूल और कॉलेज शिक्षा के लिए ₹68,216 करोड़, जो किसी भी विभाग से सबसे ज्यादा है।

4.    स्वास्थ्य और ग्रामीण विकास पर फोकस

स्वास्थ्य के लिए ₹21,270 करोड़ और ग्रामीण विकास के लिए ₹23,701 करोड़ का प्रावधान।

5.    किसानों को बड़ी राहत

मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत किसानों को ₹3,000 सालाना अतिरिक्त देने की घोषणा।

6.    महिलाओं पर खास ध्यान

स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को ₹10,000 से लेकर ₹2 लाख तक की आर्थिक सहायता/ऋण।

7.    रोजगार बढ़ाने का लक्ष्य

सरकार का दावा— 2025 से 2030 के बीच 1 करोड़ रोजगार अवसर तैयार किए जाएंगे।

8.    बिजली, पानी और सिंचाई में सुधार

हर खेत तक पानी, गंगा जल सप्लाई योजना और बिजली उत्पादन–खपत बढ़ाने पर जोर।

9.    गरीब, SC-ST और पिछड़े वर्गों के लिए अलग बजट

अनुसूचित जाति के लिए ₹19,603 करोड़ और जनजाति के लिए ₹1,648 करोड़ का प्रावधान।

10.    घाटा नियंत्रण में राज्य का राजकोषीय घाटा 3% से कम रखा गया है, यानी वित्तीय स्थिति संतुलित बनी हुई है।


बता दें कि इससे पूर्व वित्त मंत्री बीजेंद्र यादव ने आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट पेश की थी। आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट में यह सामने आया कि बिहार देश में सबसे तेज गति से बढ़ने वाला राज्य बनकर सामने आया है। आर्थिक मंदी के बावजूद विकास दर में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई। राज्य की विकास दर राष्ट्रीय औसत से भी अधिक है। बिहार का वर्तमान मूल्य पर आर्थिक विकास दर 13.1 प्रतिशत है जबकि राष्ट्रीय आर्थिक विकास दर 9.8 प्रतिशत है।

बिहार बजट 2026–27 : सभी मुख्य बिंदु (Pointers) बजट का आकार और संरचना 1.कुल बजट आकार ₹3,47,589.76 करोड़ (अब तक का सबसे बड़ा) 2.पिछले वर्ष की तुलना में बजट में ₹30,694 करोड़ की वृद्धि 3.योजना मद (Scheme) का बजट: ₹1,22,155 करोड़ 4.स्थापना व प्रतिबद्ध व्यय: ₹2,25,434 करोड़ विकास और पूंजीगत खर्च 5.कुल पूंजीगत व्यय (Capital Expenditure): ₹63,455.84 करोड़ 6.यह कुल बजट का 18.26% है – इंफ्रास्ट्रक्चर पर मजबूत फोकस 7.सड़क, पुल, सिंचाई, भवन, बिजली और जल परियोजनाओं को प्राथमिकता सबसे ज्यादा खर्च वाले विभाग 8.शिक्षा व उच्च शिक्षा: ₹68,216.95 करोड़ 9.ग्रामीण विकास: ₹23,701.18 करोड़ 10.स्वास्थ्य: ₹21,270.40 करोड़ 11.गृह विभाग (पुलिस/सुरक्षा): ₹20,132.87 करोड़ 12.ऊर्जा विभाग: ₹18,737.06 करोड़ कृषि और किसान 13.बिहार को कृषि प्रधान राज्य मानकर बजट में विशेष जोर 14.कृषि रोडमैप-4 और रोडमैप-5 को आगे बढ़ाया गया 15.दलहन, तिलहन, मक्का, फल और सब्जी उत्पादन दोगुना करने का लक्ष्य 16.मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि: किसानों को ₹3,000 सालाना अतिरिक्त सहायता 17.कोल्ड स्टोरेज, प्रोसेसिंग यूनिट, एग्री-स्टार्टअप को बढ़ावा 18.हर खेत तक सिंचाई का पानी लक्ष्य महिला सशक्तिकरण और जीविका 19.1.56 करोड़ से अधिक महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी 20.महिलाओं को ₹10,000 की सहायता पहले ही दी जा चुकी 21.व्यवसाय बढ़ाने के लिए ₹2 लाख तक अतिरिक्त सहायता/ऋण 22.जीविका मॉडल को रोजगार का मुख्य आधार बनाया गया रोजगार और निवेश 23.2025–2030 के बीच 1 करोड़ रोजगार अवसर सृजन का लक्ष्य 24.₹50 लाख करोड़ निजी निवेश आकर्षित करने की योजना 25.हर प्रखंड में मॉडल स्कूल और डिग्री कॉलेज की योजना 26.स्किल डेवलपमेंट और युवा प्रशिक्षण पर जोर स्वास्थ्य और शिक्षा 27.जिला अस्पतालों को सुपर स्पेशियलिटी स्तर तक ले जाने की योजना 28.मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर में कमी का दावा 29.तकनीकी और उच्च शिक्षा संस्थानों का विस्तार ऊर्जा, सड़क और शहरी विकास 30.प्रति व्यक्ति बिजली खपत बढ़कर 374 यूनिट 31.सौर ऊर्जा और नवीकरणीय ऊर्जा विस्तार 32.ग्रामीण सड़कों का बड़ा विस्तार – सड़क घनत्व में बिहार अग्रणी 33.शहरी गरीबों के लिए सस्ते आवास की योजना पानी, बाढ़ और सिंचाई 34.गंगा जल आपूर्ति योजनाओं का विस्तार 35.बाढ़ नियंत्रण और नदी जोड़ परियोजनाओं पर जोर 36.बड़े और मध्यम सिंचाई प्रोजेक्ट तेज़ी से लागू SC/ST और वंचित वर्ग 37.अनुसूचित जाति के लिए ₹19,603 करोड़ 38.अनुसूचित जनजाति के लिए ₹1,648 करोड़ 39.राशि अलग मद में, ताकि सीधा लाभ मिले राजस्व और वित्तीय स्थिति 40.कुल राजस्व प्राप्ति: ₹2,85,277 करोड़ 41.राज्य के अपने कर से आय: ₹65,800 करोड़ 42.केंद्र से सहायता व अनुदान: ₹1,58,178 करोड़ घाटा और कर्ज 43.राजकोषीय घाटा: GSDP का 2.99% (सीमा के भीतर) 44.कुल कर्ज: GSDP का 37.7% – सुरक्षित स्तर 45.वित्तीय अनुशासन बनाए रखने का दावा समग्र लक्ष्य 46.“न्याय के साथ विकास” बजट का मूल मंत्र 47.बिहार को देश के अग्रणी विकसित राज्यों की श्रेणी में लाने का लक्ष्य 48.महिला, किसान, युवा और गरीब – चारों पर समान फोकस



संबंधित खबरें