1st Bihar Published by: Viveka Nand Updated Wed, 14 Jan 2026 12:07:52 PM IST
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Bihar News: बिहार भाजपा अब बदल रही है. लिहाजा दफ्तर का कायदा-कानून भी बदल रहा है. बीजेपी दफ्तर को हाईटेक किया जा रहा है. पुरानी व्यवस्था की जगह नई व्यवस्था लागू की जा रही है. नई व्यवस्था में कई तरह के प्रतिबंध भी हैं. वैसे नेतृत्व ने इसके पहले भी सरकारी कार्यालयों की भांति रविवार को अवकाश की व्यवस्था लागू किया था. नए साल में सत्ताधारी गठबंधन की सबसे ताकतवर पार्टी की तरफ से एक नई व्यवस्था लागू की गई है.
नए साल में नया फऱमान
बिहार में भाजपा सत्ता में है. सरकार में सबसे बड़ी ताकत के रूप में उभरी है. 2025 के चुनाव में सूबे की जनता ने भाजपा को जबरदस्त ताकत दी. इसी की बदौलत भारतीय जनता पार्टी सबसे अधिक विधायकों की वाली पार्टी बनकर उभरी. मुख्यमंत्री की कुर्सी पर भले ही नीतीश कुमार हों, पर सरकार में भाजपा का प्रभाव स्पष्ट तौर पर दिखता है. चूंकि, भाजपा ताकतवर हो गई,लिहाजा व्यवस्था में भी बदलाव किया जाने लगा है. यानि बिहार भाजपा में बदलाव का दौर शुरू हो गया है. इसकी शुरूआत पार्टी दफ्तर से की गई है. नेतृत्व ने निर्णय लिया है कि प्रदेश कार्यालय में सरकारी कायदा-कानून जैसी व्यवस्था लागू होगी. तीन दिन पहले ही नेतृत्व ने नए कायदे-कानून पर अपन सहमति दी है.
क्या है नया कायदा-कानून....
बिहार भाजपा ने यह तय किया है कि पार्टी के नेता-कार्यकर्ता जब चाहें तभी दफ्तर नहीं आ सकते. उनके लिए समय निर्धारित किया गया है. आप देर शाम या अहले सुबह कार्यालय नहीं आ सकते. नेतृत्व ने इस पर पाबंदी लगा दिया है. जरूरत के हिसाब से पार्टी के वरिष्ठ नेता कभी भी दफ्तर पहुंच सकते हैं, लेकिन आम कार्यकर्ता या नेताओं के लिए यह छूट नहीं होगी. उनके लिए नियम तय किए गए हैं. पार्टी नेतृत्व ने दफ्तर खोलने का समय तय किया है. सुबह 10.30 बजे से पहले पार्टी दफ्तर का ताला नहीं खुलेगा. वहीं शाम 6.30 बजे के बाद आप पार्टी कार्यालय में नहीं रह सकते हैं. यानि बिहार भाजपा का कार्यालय सुबह 10.30 बजे से शाम 6.30 बजे तक ही संचालित होगा. इसी अवधि में आप कार्यालय जा सकते हैं, नेताओं से मिल सकते हैं. जैसे ही शाम के 6.30 बजेंगे, सभी को बाहर निकलना होगा. इसके बाद मुख्य दरवाजा बंद हो जाएगा.
रविवार को अवकाश का निययम पहले से है लागू
बता दें, वर्ष 2023 में भाजपा नेतृत्व ने सप्ताह में 6 दिन ही पार्टी कार्यालय खोलने का निर्णय लिया था. इस संबंध में आदेश भी जारी किए गए थे. नोटिस जारी कर सभी को इस संबंध में जानकारी दी गई थी. तब कहा गया था कि रविवार के दिन पार्टी कार्यालय में अवकाश रहेगा. नए साल में पार्टी कार्यालय में नया नियम लागू किए जाने के पीछे नेतृत्व का अपना तर्क है. बताया गया है कि इस तरह के नियम पहले भी थे. अब उसी नियम को फिर से सख्ती से लागू किया जा रहा है.