Hindi News / bihar / patna-news / Bihar Bhumi: अब 'राजस्व योद्धा' बने: गुमशुदा दस्तावेज उपलब्ध कराएं... बिहार सरकार आपको...

Bihar Bhumi: अब 'राजस्व योद्धा' बने: गुमशुदा दस्तावेज उपलब्ध कराएं... बिहार सरकार आपको करेगी सम्मानित

Bihar Bhumi: बिहार के डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा ने भूमि अभिलेखों के डिजिटलीकरण की समीक्षा करते हुए बताया कि 28 करोड़ पन्ने ऑनलाइन अपलोड हो चुके हैं। गुमशुदा दस्तावेज उपलब्ध कराने वाले नागरिकों को ‘बिहारी राजस्व योद्धा’ सम्मान दिया जाएगा।

1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Dec 05, 2025, 7:15:15 PM

Bihar Bhumi

- फ़ोटो Reporter

Bihar Bhumi: बिहार के उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने शुक्रवार को लगातार चौथे दिन अपने कार्यालय कक्ष में विभागीय कार्यों की समीक्षा की। समीक्षा बैठक में प्रधान सचिव सीके अनिल सहित विभाग के सभी वरीय अधिकारी उपस्थित थे।


बैठक के दौरान उपमुख्यमंत्री ने भूमि अभिलेखों के डिजिटलीकरण की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए बताया कि विभागीय पोर्टल पर अब तक 28 करोड़ पन्नों का डिजिटल रिकॉर्ड अपलोड किया जा चुका है, जिसमें 28 प्रकार के विभिन्न अभिलेख शामिल हैं। 


उन्होंने कहा कि बहुत शीघ्र ही आमजन को डिजिटल सर्टिफाइड कॉपी उपलब्ध कराने की व्यवस्था लागू की जाएगी, जिसके लिए विभागीय अधिकारी अंतिम चरण की तैयारी में जुटे हैं। इससे सर्टिफाइड कॉपी निकालने के झंझट से लोगों को मुक्ति मिलेगी।


विजय कुमार सिन्हा ने बताया कि अतीत में जिला अभिलेखागार एवं अंचल स्तर पर रखे गए भूमि अभिलेखों में से कुछ खतियानों के बीच के पन्ने गायब मिले हैं, जिसके कारण वे डिजिटलीकरण से वंचित रह गए। ऐसे गुमशुदा दस्तावेज उपलब्ध कराने वाले नागरिकों को ‘बिहारी राजस्व योद्धा’ सम्मान से सम्मानित किया जाएगा। साथ ही, उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों की फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी से जांच कर उनकी सत्यता सुनिश्चित की जाएगी।


कुछ राजस्व गांवों के अभिलेख भी अनुपलब्ध पाए गए हैं। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे गांवों में पुराने जानकार लोगों की सहायता से भी अभिलेख पुनर्प्राप्ति संभव है, और सहयोग करने वाले लोगों को भी सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि इस प्रक्रिया में राजस्व कर्मचारियों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए तथा उनके लिए भी प्रोत्साहन पुरस्कार तय किए जाएं।


रेवेन्यू कोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम की समीक्षा में उपमुख्यमंत्री ने बताया कि अब सभी राजस्व न्यायालयों में ऑनलाइन मामलों का पंजीकरण हो रहा है, जिससे मॉनिटरिंग सरल हुई है। उन्होंने वर्तमान स्थिति की जानकारी देते हुए बताया कि अंचलाधिकारी न्यायालय में 5388 मामलों में से 3705 का निष्पादन, डीसीएलआर न्यायालय में 3,43,588 में से 1,82,854 का निष्पादन, अपर समाहर्ता न्यायालय में 50,042 में से 19,755 का निष्पादन, समाहर्ता न्यायालय में 3901 में से 1628 का निष्पादन तथा आयुक्त न्यायालय में 3289 में से 1010 का निष्पादन हो चुका है।


उपमुख्यमंत्री ने पुराने लंबित मामलों के अभियान चलाकर निपटारे तथा नये मामलों के निर्धारित समय सीमा में समाधान का सख्त निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि समय पर निष्पादन नहीं करने वाले अधिकारियों से जवाब-तलब किया जाएगा। समीक्षा बैठक के दौरान कॉल सेंटर और ऑनलाइन रेवेन्यू कंप्लेन मैनेजमेंट सिस्टम की कार्यप्रणाली पर भी विस्तार से चर्चा की गई और सेवा-प्रवाह को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए गए।


इस दौरान विभाग के सचिव जय सिंह, सचिव गोपाल मीणा, विशेष सचिव अरुण कुमार सिंह, चकबंदी निदेशालय के निदेशक राकेश कुमार, भू अभिलेख एवं परिमाप निदेशालय की निदेशक जे प्रियदर्शिनी, भू अर्जन निदेशालय के निदेशक कमलेश कुमार सिंह, उप निदेशक मोना झा, ओएसडी मणिभूषण किशोर, ओएसडी सोनी कुमारी, ओएसडी नवाजिश अख्तर, आईटी मैनेजर आनंद शंकर, गजेटियर सेक्शन के संयुक्त राज्य संपादक नरेश कुमार समेत अन्य अधिकारी उपस्थित थे।