Ayushman Bharat Yojana : खुशखबरी! बिहार में आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए आयुष्मान कार्ड, 5 लाख रुपये तक मुफ्त इलाज

बिहार सरकार ने आयुष्मान भारत योजना का दायरा बढ़ाया, अब आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और निर्माण श्रमिक परिवार भी सालाना 5 लाख रुपये तक के स्वास्थ्य बीमा का लाभ ले सकेंगे।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Sun, 04 Jan 2026 12:45:40 PM IST

Ayushman Bharat Yojana : खुशखबरी! बिहार में आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए आयुष्मान कार्ड, 5 लाख रुपये तक मुफ्त इलाज

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Ayushman Bharat Yojana : बिहार सरकार ने आयुष्मान भारत योजना के दायरे को बढ़ाकर राज्य के लाखों कामगार परिवारों को बड़ी राहत दी है। अब आशा कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका, एसएपीएफ के जवान और भवन निर्माण कर्मकार बोर्ड में पंजीकृत श्रमिक भी इस योजना के तहत सालाना पांच लाख रुपये तक के स्वास्थ्य बीमा का लाभ प्राप्त कर सकेंगे। इस फैसले से राज्य के लगभग 17 लाख कामगार परिवार सीधे तौर पर योजना के लाभ में शामिल होंगे।


आयुष्मान भारत योजना का अब तक मुख्य फोकस गरीब और वंचित वर्ग पर रहा है, लेकिन इस विस्तार के साथ इसके लाभार्थियों की संख्या और वर्ग व्यापक हो गया है। बिहार स्वास्थ्य सुरक्षा समिति के सीईओ शशांक शेखर के अनुसार, राज्य में आशा, आंगनबाड़ी सेविका और सहायिका के कुल 2 लाख 68 हजार 492 परिवार अब इस योजना में शामिल हैं। ये महिला कार्यकर्ता गांवों और कस्बों में स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ मानी जाती हैं।


भवन निर्माण कर्मकार बोर्ड में पंजीकृत श्रमिकों को भी अब आयुष्मान भारत योजना का लाभ मिलेगा। ऐसे परिवारों की संख्या 14 लाख 26 हजार 14 है। इनके बीमा का प्रबंध श्रम संसाधन विभाग करेगा और बीमारी की स्थिति में बीमा राशि का भुगतान भी विभाग की ओर से किया जाएगा। यह व्यवस्था असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए एक महत्वपूर्ण सुरक्षा कवच के रूप में देखी जा रही है।


आशा और आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका मिलाकर कुल लाभार्थियों की संख्या 11 लाख तीन हजार से अधिक है। लंबे समय से यह मांग उठ रही थी कि कम मानदेय पर काम करने वाली महिला स्वास्थ्य कर्मियों को बेहतर स्वास्थ्य सुरक्षा मिले। आयुष्मान योजना का यह विस्तार इस दिशा में ठोस कदम है।


सरकार का मानना है कि इस निर्णय से न केवल कामगारों और महिला स्वास्थ्य कर्मियों का भरोसा बढ़ेगा, बल्कि गंभीर बीमारी की स्थिति में आर्थिक चिंता भी कम होगी। यह कदम सामाजिक सुरक्षा के दायरे को मजबूत करता है और असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए एक अहम राहत साबित होगा। इसके माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच और वित्तीय सुरक्षा में सुधार होगा, जिससे राज्य के लाखों परिवारों को बेहतर जीवन स्तर सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।


इस पहल से बिहार में स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में एक नया अध्याय खुलने की संभावना है। फ्रंटलाइन वर्कर्स और असंगठित क्षेत्र के श्रमिक अब बीमारी की स्थिति में आर्थिक बोझ से सुरक्षित रहेंगे। योजना के विस्तार से सामाजिक समानता और आर्थिक सुरक्षा दोनों में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।


कुल मिलाकर, बिहार सरकार का यह कदम न केवल कामगारों और महिला कार्यकर्ताओं की स्वास्थ्य सुरक्षा को मजबूत करेगा, बल्कि राज्य में सामाजिक कल्याण और सुरक्षा की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण मिसाल पेश करेगा।