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BIHAR ELECTION : हरे गमछे वालों ने BJP विधायक को घेरा, फिर जमकर हुई तू-तू- मैं -मैं; पढ़िए क्या है यह पूरा मामला

BIHAR : बिहार विधानसभा चुनाव नज़दीक हैं और ऐसे में सियासी हलचल तेज़ हो चुकी है। सत्ता पक्ष से लेकर विपक्ष तक हर कोई जनता को लुभाने के लिए नई-नई रणनीति अपना रहा है। इसी बीच बिहार की राजनीति में हरे गमछे वाले लोगों की नई रणनीति चर्चा का विषय बन गई है।

भाजपा विधायक का विरोध
भाजपा विधायक का विरोध
© REPOTER
Tejpratap
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5 मिनट

BIHAR ELECTION : बिहार में इसी साल विधानसभा का चुनाव होना है। ऐसे में सत्तारूढ़ पार्टी हो या फिर विपक्ष में बैठी हुई पार्टी, हर कोई रणनीति बनाकर जनता के बीच जा रही है और उनकी समस्याएं जानकर उन्हें अपने तरीके से दूर करने का प्रयास कर रही है। लेकिन, इस बीच पिछले कुछ समय से यह देखने को मिल रहा है कि बिहार में जो हरा गमछा वाली पार्टी है, उनकी तरफ से एक नई रणनीति तैयार की गई है और अब यह रणनीति क्या है, वह हम आपको आज बताने वाले हैं।


दरअसल, बिहार में जो हरे गमछे वाली पार्टी है, उनकी तरफ से यह देखने को मिल रहा है कि जब वहां सत्तारूढ़ दल के विधायक जनता के बीच जाते हैं तो पहले से तैयार एक योजना के तहत कुछ लोग हरा गमछा पहने हुए आते हैं और उन्हें अपनी बातों में उलझाकर मूल मुद्दों से दूर कर देते हैं। जान-बूझकर ऐसी बातें शुरू कर देते हैं, जिससे विवाद उत्पन्न हो और उसके बाद जमकर तू-तू, मैं-मैं कर विधायक को वहां से भगा देते हैं। इसके बाद ये लोग जनता के बीच जाकर झूठी बातें फैलाते हैं और यह बताते हैं कि वही जनता के हितैषी हैं।


लेकिन हकीकत यह है कि ये न तो जनता के हितैषी हैं और न ही ऐसे लोग समाज में कोई बदलाव ला सकते हैं। बल्कि यह एक तरह से टारगेट एजेंट की तरह काम करते हैं और जनता के असली हित की चीजें भी सही तरीके से उनके पास पहुंचने में बाधा बनते हैं। यह तमाम बातें उन इलाकों के लोगों ने खुद फर्स्ट बिहार को बताई हैं।


वहीं, अब एक और ताजा मामले का वीडियो फर्स्ट बिहार के पास आया है। इसमें दिखता है कि जब सत्तारूढ़ दल के विधायक अपने इलाके में जाकर जनता से उनकी समस्याएं जानने की कोशिश कर रहे थे, तभी हरा गमछा लिए हुए कुछ लोग आते हैं और विधायक से सवाल करने लगते हैं। विधायक यह बताते हैं कि योजना कैसे शुरू हुई है और इसको लेकर क्या प्रावधान है।


इसी दौरान हरा गमछा लिए हुए एक शख्स प्लान के तहत कुछ अनुचित बातें कहने लगता है। इसके बाद विधायक उससे सवाल करते हैं कि उसे इस योजना को लेकर कितनी जानकारी है, वह सच-सच बताए। तभी हरा गमछा पहने कुछ लोग हूटिंग शुरू कर देते हैं और वहां जमकर तू-तू, मैं-मैं होने लगता है। बीच-बचाव में विधायक के सुरक्षाकर्मियों को आना पड़ता है। ऐसा कोई पहली बार नहीं हुआ है, बल्कि चुनावी साल में पिछले कुछ महीनों से अक्सर यह घटनाएं देखने को मिल रही हैं। इसके बाद अब यह बात लोगों के बीच आ चुकी है कि कुछ हरे गमछे वाले जान-बूझकर रणनीति के तहत ऐसा कर रहे हैं।


इधर, इस मामले में राजद, जो राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टी है, उसकी तरफ से भी फेसबुक पर एक वीडियो शेयर किया गया है और लिखा गया है कि भाजपा के कहलगांव विधायक पवन यादव आदतन भाजपाई दंगाई संस्कारों से लैस होकर आए दिन कहलगांव के आम निवासियों के साथ दुर्व्यवहार करते रहते हैं। लोगों पर बात-बेबात हाथ छोड़ देना इनके लिए आम बात है।


बहरहाल, अब देखना यह है कि हरे गमछे वाले लोगों की यह नई रणनीति उन्हें कितना फायदा दिला पाती है। क्योंकि फर्स्ट बिहार की पड़ताल में यही सामने आया कि वहां की जनता भी अब यह जान चुकी है कि यह कुछ चंद लोगों का प्लान है। इससे न तो उनकी समस्याओं का समाधान हो पाता है और न ही उन्हें वह फायदा मिल पाता है, जिसके वे हकदार हैं।

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