1st Bihar Published by: First Bihar Updated Sat, 24 Jan 2026 08:33:26 AM IST
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Bihar Pre Primary School : बिहार में प्रारंभिक शिक्षा को मजबूत करने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाया है। राज्य के सभी 1 लाख 15 हजार आंगनबाड़ी केंद्रों को अब प्री-प्राइमरी स्कूल के रूप में विकसित किया जाएगा। इस संबंध में समाज कल्याण विभाग की ओर से आधिकारिक तौर पर एलान किया गया है। इस पहल का उद्देश्य छोटे बच्चों को प्रारंभ से ही शिक्षा से जोड़ना और पोषण के साथ गुणवत्तापूर्ण पढ़ाई उपलब्ध कराना है।
समाज कल्याण विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, इस योजना को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। पहले चरण में राज्य के लगभग 8400 आंगनबाड़ी केंद्रों को प्री-प्राइमरी एजुकेशन सेंटर के रूप में विकसित किया जाएगा। इन केंद्रों के माध्यम से करीब 28 लाख से अधिक बच्चों को एक साथ पढ़ाई और पोषाहार की सुविधा मिलेगी। विभाग का मानना है कि इससे बच्चों का शारीरिक और मानसिक विकास बेहतर तरीके से हो सकेगा।
विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस योजना की शुरुआत अगले वित्तीय वर्ष से कर दी जाएगी। इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आंगनबाड़ी केंद्रों पर आने वाले बच्चों को सिर्फ पोषाहार ही नहीं, बल्कि प्रारंभिक शिक्षा भी एक स्कूल की तरह मिले। जब बच्चे छोटी उम्र से ही पढ़ाई के माहौल में रहेंगे, तो आगे चलकर उनकी स्कूल में निरंतरता भी बनी रहेगी।
योजना के तहत जिन आंगनबाड़ी केंद्रों को प्री-प्राइमरी स्कूल के रूप में विकसित किया जाएगा, उन सभी केंद्रों को एक ही रंग-रूप में तैयार किया जाएगा। इससे न सिर्फ केंद्रों की पहचान एक जैसी होगी, बल्कि बच्चों को भी स्कूल जैसा वातावरण महसूस होगा। इसके साथ ही बच्चों के खेलने के लिए अलग से जगह चिन्हित की जाएगी और खेल-कूद का समय भी निर्धारित किया जाएगा, ताकि पढ़ाई के साथ-साथ शारीरिक गतिविधियों पर भी ध्यान दिया जा सके।
आंगनबाड़ी केंद्रों पर आने वाले बच्चों के लिए एक समान पोशाक की भी व्यवस्था की जाएगी। यह पोशाक जीविका दीदियों के माध्यम से तैयार कराई जाएगी और सभी बच्चों को एक जैसी ड्रेस पहनकर केंद्र पर आना होगा। इससे बच्चों में समानता की भावना विकसित होगी और स्कूल जैसा अनुशासन भी बनेगा।
इसके अलावा समाज कल्याण विभाग की ओर से बच्चों को पढ़ाई के लिए विशेष किट उपलब्ध कराई जाएगी। इस किट में प्री-प्राइमरी स्तर की पूरी शैक्षणिक सामग्री मुफ्त दी जाएगी, ताकि बच्चों को पढ़ाई में किसी प्रकार की परेशानी न हो। किताबें, कॉपी, रंग, पेंसिल जैसी जरूरी सामग्री इस किट में शामिल होंगी।
जब आंगनबाड़ी केंद्र पूरी तरह प्री-प्राइमरी ग्रुप में विकसित हो जाएंगे, तब यहां बच्चों की दिनचर्या भी स्कूल की तरह तय होगी। प्रतिदिन सुबह बच्चों के लिए योग, प्रार्थना और अन्य शैक्षणिक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इससे बच्चों में अनुशासन, स्वास्थ्य और आत्मविश्वास का विकास होगा।
समाज कल्याण विभाग का मानना है कि इस योजना के जरिए आंगनबाड़ी केंद्रों पर आने वाले बच्चों और उनके अभिभावकों का भरोसा और मजबूत होगा। विभाग का लक्ष्य है कि अभिभावक यह समझें कि आंगनबाड़ी केंद्र अब केवल पोषाहार का स्थान नहीं, बल्कि बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की नींव रखने वाला शिक्षण केंद्र बन चुका है, जहां पढ़ाई और पोषण दोनों एक साथ मिलेंगे।