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AEDO Bihar Vacancy : बिहार में AEDO भर्ती का रिकॉर्ड: 935 पदों पर 9.80 लाख आवेदन, जनवरी 2026 में होगी परीक्षा

बिहार में AEDO के 935 पदों पर भर्ती के लिए 9.80 लाख से अधिक युवाओं ने आवेदन किया है, जिससे यह BPSC की अब तक की सबसे बड़ी भर्ती बन गई है।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Nov 29, 2025, 8:33:27 AM

AEDO Bihar Vacancy : बिहार में AEDO भर्ती का रिकॉर्ड: 935 पदों पर 9.80 लाख आवेदन, जनवरी 2026 में होगी परीक्षा

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AEDO Bihar Vacancy : बिहार में शिक्षा विभाग द्वारा पहली बार निकाली गई AEDO (असिस्टेंट एजुकेशन डेवलपमेंट ऑफिसर) की वैकेंसी ने रिकॉर्ड बना दिया है। राज्य में 935 पदों के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और इस भर्ती में करीब 9 लाख 80 हजार अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है। बताया जा रहा है कि यह संख्या बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) द्वारा आयोजित किसी भी परीक्षा में अब तक की सबसे अधिक आवेदन संख्या है।


नए पद के रूप में AEDO की शुरुआत

बिहार सरकार ने युवाओं को रोजगार देने के वादे के तहत शिक्षा विभाग में नया पद AEDO बनाया है। इससे पहले प्रखंड स्तर पर BEO (ब्लॉक एजुकेशन ऑफिसर) पद मौजूद था, जिसे अब बदलकर AEDO कर दिया गया है। सरकार का कहना है कि नया सिस्टम शिक्षा व्यवस्था की मॉनिटरिंग को और अधिक मजबूत करेगा।


AEDO का मुख्य काम पंचायत और ब्लॉक स्तर पर शिक्षा नीति की निगरानी करना, स्कूलों में योजनाओं का क्रियान्वयन सुनिश्चित करना और सरकारी कार्यक्रमों की जमीन पर मॉनिटरिंग करना होगा। प्रत्येक AEDO के जिम्मे 9 से 10 पंचायतों के स्कूल दिए जाएंगे, जहां उन्हें शिक्षा की गुणवत्ता और सरकारी नियमों के पालन पर नजर रखनी होगी।


जनवरी 2026 में होगी परीक्षा

BPSC के परीक्षा नियंत्रक राजेश कुमार सिंह ने बताया कि 935 पदों पर 9.80 लाख आवेदन मिलने के बाद आयोग परीक्षा के संचालन को लेकर जल्द बैठक करेगा। परीक्षा का विस्तृत शेड्यूल और प्रक्रिया दिसंबर 2025 में आयोग की वेबसाइट पर जारी कर दिया जाएगा। परीक्षा जनवरी 2026 में आयोजित होने की योजना है। भर्ती प्रक्रिया में लिखित परीक्षा दस्तावेजों का सत्यापन मेडिकल जांच के बाद अंतिम नियुक्ति दी जाएगी।


राजनीतिक जुबानी जंग

AEDO भर्ती को लेकर बिहार में सियासत भी गर्म हो गई है। विपक्ष ने दावा किया है कि बिहार में बेरोजगारी चरम पर पहुंच चुकी है और इस भर्ती के लिए इतनी बड़ी संख्या में आवेदन इसका प्रमाण है।आरजेडी प्रवक्ता एजाज अहमद ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा, "तेजस्वी यादव ने नफरत के खिलाफ नौकरी की बात कही थी, जिससे युवाओं में उम्मीद जगी थी। लेकिन एनडीए सरकार उस विश्वास को खत्म कर रही है। सरकार नफरत का माहौल बनाकर नौकरियों को समाप्त कर रही है।"


वहीं, सत्ताधारी दल ने विपक्ष के आरोपों को खारिज कर दिया है। बीजेपी प्रवक्ता ने कहा,"एनडीए सरकार बिहार में सरकारी नौकरियां देने के लिए प्रतिबद्ध है। अगले 5 साल में एक करोड़ युवाओं को नौकरी या रोजगार उपलब्ध कराने की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। विभागीय स्तर पर वैकेंसी भरने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।"


युवाओं में बढ़ती प्रतिस्पर्धा

सिर्फ 935 पदों पर 9.80 लाख आवेदन यह दिखाता है कि राज्य में सरकारी नौकरी की मांग किस स्तर पर है। एक पद पर औसतन 1000 से अधिक उम्मीदवार दावेदार हैं। इससे परीक्षा में कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिलेगी।  सरकार जहां इसे रोजगार सृजन की दिशा में बड़ा कदम बता रही है, वहीं विपक्ष इसे बेरोजगारी की गंभीर तस्वीर के रूप में देख रहा है। अब सबकी निगाहें BPSC की ओर हैं, जो दिसंबर में परीक्षा से जुड़ी जानकारी जारी करेगा और जनवरी 2026 में परीक्षा आयोजित करेगा।