बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने प्रशासनिक स्तर पर बड़ी कार्रवाई करते हुए एक साथ 14 अंचल अधिकारियों (CO) पर कड़ा कदम उठाया है। विभागीय कामकाज में लापरवाही, भ्रष्टाचार के आरोप और वित्तीय अनियमितताओं के गंभीर मामलों के सामने आने के बाद यह कार्रवाई की गई है। इस पूरे मामले को लेकर राज्य में प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है।
जानकारी के अनुसार, जिन अधिकारियों पर कार्रवाई की गई है उनमें पटना के पाटलिपुत्र अंचल के सीओ अनुज कुमार, दानापुर के सीओ चंदन कुमार, राघोपुर के सीओ संजीव कुमार त्रिवेदी, पालीगंज के पूर्व सीओ राकेश कुमार, गोपालगंज के सीओ रजत कुमार बरनवाल, एकमा के सीओ अमलेश कुमार सहित छपरा सदर की कुमारी अंचल भी शामिल हैं। इसके अलावा अन्य कई जिलों के अंचल अधिकारियों पर भी गंभीर आरोप तय किए गए हैं।
विभागीय सूत्रों के अनुसार इन सभी अधिकारियों के खिलाफ लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं। जमीन संबंधी मामलों के निपटारे में अनियमितता, दाखिल-खारिज प्रक्रिया में देरी, और भ्रष्टाचार जैसे मामलों को लेकर कई बार जांच रिपोर्ट भी सामने आई थी। इन रिपोर्टों के आधार पर विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए सभी 14 अधिकारियों पर आरोप पत्र (चार्जशीट) गठित कर दिया है और आगे की अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री दिलीप जायसवाल ने इस कार्रवाई को लेकर स्पष्ट संदेश दिया है कि सरकार किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार और लापरवाही को बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि विभाग में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मंत्री ने यह भी कहा कि “हमारी सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के खिलाफ यह अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई है।”
मंत्री ने आगे बताया कि जिन अधिकारियों पर कार्रवाई हुई है, उनके खिलाफ अलग-अलग प्रकार की शिकायतें प्राप्त हुई थीं। किसी पर जमीन से जुड़े मामलों में अनियमितता के आरोप थे तो किसी पर वित्तीय गड़बड़ी और कार्य में लापरवाही के गंभीर आरोप सामने आए। जांच में इन सभी आरोपों की पुष्टि होने के बाद यह सख्त कदम उठाया गया है।
सरकारी सूत्रों का कहना है कि यह कार्रवाई केवल शुरुआत है और आने वाले दिनों में और भी अधिकारियों की जवाबदेही तय की जा सकती है। विभाग ने सभी जिलों के प्रशासनिक अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे भूमि सुधार से जुड़े मामलों को समय पर और पारदर्शी तरीके से निपटाएं, अन्यथा कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इस कार्रवाई के बाद राज्य प्रशासनिक सेवा में भी हलचल तेज हो गई है। कई जिलों के अंचल कार्यालयों में कामकाज की समीक्षा शुरू कर दी गई है। वहीं, आम जनता में इस कदम को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। कुछ लोग इसे सरकार का सख्त और सकारात्मक कदम मान रहे हैं, जबकि कुछ का कहना है कि ऐसी कार्रवाई लगातार और निष्पक्ष रूप से होनी चाहिए ताकि व्यवस्था में सुधार आ सके।
कुल मिलाकर, बिहार सरकार का यह कदम राज्य में प्रशासनिक सुधार और भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही मुहिम को और मजबूत करता है। 14 अंचल अधिकारियों पर एक साथ कार्रवाई ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अब लापरवाही और अनियमितताओं पर सरकार सख्त रुख अपनाने के मूड में है।





