ब्रेकिंग
84 लाख लूटकांड का बिहार कनेक्शन, तेलंगाना पुलिस ने पटना से मो. आदिल को उठायाकपड़ा सिलाई करने वाले की बेटी बनी जिला श्रम कल्याण पदाधिकारी, शगुफ्ता फिरदौस ने बढ़ाया पूर्वी चंपारण का मानभरत भूषण तिवारी एनकाउंटर केस: पटना हाईकोर्ट में PIL दायर, दोषी पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई की मांगपंकज त्रिपाठी के भाई पर जानलेवा हमला करनेवाला मुख्य आरोपी गिरफ्तार, विजेंद्र नाथ तिवारी खतरे से बाहर‘यहां हथियार नहीं छुड़ाया जाता है, मार दिया जाता है’, भरत तिवारी के परिजनों से मिलने पहुंचे खेसारीलाल यादव84 लाख लूटकांड का बिहार कनेक्शन, तेलंगाना पुलिस ने पटना से मो. आदिल को उठायाकपड़ा सिलाई करने वाले की बेटी बनी जिला श्रम कल्याण पदाधिकारी, शगुफ्ता फिरदौस ने बढ़ाया पूर्वी चंपारण का मानभरत भूषण तिवारी एनकाउंटर केस: पटना हाईकोर्ट में PIL दायर, दोषी पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई की मांगपंकज त्रिपाठी के भाई पर जानलेवा हमला करनेवाला मुख्य आरोपी गिरफ्तार, विजेंद्र नाथ तिवारी खतरे से बाहर‘यहां हथियार नहीं छुड़ाया जाता है, मार दिया जाता है’, भरत तिवारी के परिजनों से मिलने पहुंचे खेसारीलाल यादव

भरत तिवारी के परिजनों ने प्रशांत किशोर से की मुलाकात, 24 जून की पंचायत में शामिल होने की अपील

भोजपुर के भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में परिजनों और मित्रों ने प्रशांत किशोर से मुलाकात कर न्याय दिलाने की मांग की। साथ ही 24 जून को होने वाली पंचायत में शामिल होने का आग्रह किया।

बिहार न्यूज
भरत के परिजनों को मिला जन सुराज का साथ
© सोशल मीडिया
Jitendra Vidyarthi
4 मिनट

PATNA: पुलिस एनकाउंटर में मारे गए भोजपुर जिले के निवासी भरत भूषण तिवारी के परिजनों और मित्रों ने जन सुराज के बिहटा स्थित बिहार नव-निर्माण आश्रम में प्रशांत किशोर से मुलाकात की। इस दौरान परिजनों ने भरत तिवारी मामले में न्याय दिलाने की गुहार लगाई। 


साथ ही, उन्होंने प्रशांत किशोर से इस मुद्दे पर 24 जून को आयोजित होने वाली पंचायत में शामिल होने का आग्रह भी किया। उन्होंने इस मुद्दे को लेकर समर्थन और सहयोग की अपील की। वही प्रशांत किशोर ने परिजनों को भरोसा दिलाया कि न्याय की इस लड़ाई में जन सुराज उनके साथ खड़ा रहेगा और हर संभव मदद करेगा।


वहीं अब भरत तिवारी एनकाउंटर मामले की जांच की जिम्मेदारी शाहाबाद प्रक्षेत्र के डीआईजी को सौंपी गई है। एडीजी लॉ एंड ऑर्डर सुधांशु कुमार ने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष और वैज्ञानिक तरीके से जांच की जाएगी। जांच के दौरान फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) सहित अन्य आधुनिक तकनीकी संसाधनों का उपयोग किया जाएगा ताकि घटनाक्रम से जुड़े सभी तथ्यों को स्पष्ट किया जा सके। पुलिस मुख्यालय इस पूरे मामले की लगातार निगरानी कर रहा है।


एडीजी ने कहा कि मुख्यमंत्री की ओर से पहले ही इस मामले में उच्च स्तरीय जांच के निर्देश दिए जा चुके हैं। इसके तहत एक न्यायिक जांच आयोग का गठन किया गया है, जिसमें उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश को शामिल किया गया है। आयोग पूरे घटनाक्रम की स्वतंत्र जांच करेगा और अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगा।


सुधांशु कुमार ने बताया कि इस मामले में दो अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। पहली एफआईआर संख्या 169/26 और दूसरी एफआईआर संख्या 170/26 है। दोनों मामलों में घटनाक्रम से जुड़ी तमाम बातें विस्तार से दर्ज की गई हैं और पुलिस उन्हीं बिंदुओं के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है।


उन्होंने कहा कि जांच के दौरान पुलिसकर्मियों की भूमिका भी सामने आई है। विशेष रूप से 16 जून को जब पहली बार पुलिस पदाधिकारी मौके पर पहुंचे थे, तब आरोपित को नियंत्रित करने में लापरवाही बरती गई। समय रहते उचित कार्रवाई नहीं होने के कारण स्थिति बिगड़ी और बाद में उससे जुड़े वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुए।


इसी लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए संबंधित थानाध्यक्ष समेत कुल पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। विभागीय स्तर पर उनके खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। एडीजी ने स्पष्ट किया कि सरकार इस मामले को पूरी गंभीरता से ले रही है और किसी भी स्तर पर दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि जांच पूरी तरह पारदर्शी होगी और सभी पहलुओं की गहन पड़ताल की जाएगी।


भरत तिवारी मुठभेड़ मामले को लेकर राज्य में लगातार राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। ऐसे में सरकार और पुलिस प्रशासन दोनों ही स्तरों पर मामले की निष्पक्ष जांच को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट और न्यायिक आयोग की अनुशंसाओं के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।