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Barh Heart Attack : छठ पूजा के दौरान अर्घ्य अर्पित करते समय श्रद्धालु की हार्ट अटैक से मौत, गंगा घाट पर मची अफरा-तफरी

पटना जिले के बरह प्रखंड में छठ पूजा के दौरान अर्घ्य अर्पण करते समय एक श्रद्धालु की हृदयगति रुकने से मौत हो गई। गंगा घाट पर यह हादसा उस वक्त हुआ जब भक्त सूर्य देव को अर्घ्य दे रहे थे। मौके पर अफरा-तफरी मच गई और प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है।

Barh Heart Attack : छठ पूजा के दौरान अर्घ्य अर्पित करते समय श्रद्धालु की  हार्ट अटैक से मौत, गंगा घाट पर मची अफरा-तफरी
Tejpratap
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3 मिनट

बिहार के पटना ज़िले में बाढ़ में एक दुःखद घटना घटी। रविवार सुबह जैसा कि सुबह-संध्या के समय में धार्मिक रिवाज रूप से चक्रित होने वाला “अर्घ्य” अर्पित करने का समय आ गया था, उसी बीच एक भक्त हृदयगति रुकने के कारण अचानक नहीं रहा।


घटना की जानकारी अनुसार, बरह प्रखंड के घाट पर सूर्यास्त के समय भक्तों ने गंगा किनारे जल और दूध से हाथ में “सोप-दौरा” बनाकर अर्घ्य अर्पित करने का रिवाज निभा रहे थे। अचानक उसी भीड़ और उस वातावरण में एक मध्यम आयु का भक्त हृदयगति रुकने से संघर्षरत हो गया, जिसे समय बदलते ही स्थानीय चिकित्सा दायित्वों ने हॉस्पिटल ले जाया पर उन्हें मृत घोषित किया गया।


घटना-स्थल पर पुलिस और घाट प्रबंधन-टेग टीम जल्द पहुँची, उन्होंने इसके संभव कारणों की तलाश शुरू कर दी है। बताया गया है कि भक्त को पहले से हृदय विकार थाका हो सकता है और भीड़-भाड़ और अचानक ढलान या चढ़ाई जैसे कारकों से उनकी स्थिति पाख़ मुझे खराब हो सकती थी।


घाट पर दौरा-सोप लेकर खड़े अन्य भक्तों और परिवार वाले घबरा गए थे। कुछ लोगों ने ब्रिज ना मिलने, हिरासत की अनुभव स्वरूप सुरक्षा पार्श्व की कमियों का भी उल्लेख किया। स्थानीय प्रहरीय नेता ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज और मौ पर मौके का मुआयना शुरू है और आगे कार्रवाई की तैयारी चल रही है।


उक्त घटना ने उस धार्मिक समय और रिवाज पर भी चिंतन उठाया है, जब सूर्यदेव को जल अर्पित करने का महत्‍व है — यह श्रद्धा, विशेष कर Chhath Puja या इससे संबंधित अनुष्ठानों में आज भी जारी है। अर्घ्य अर्पित करने का विशेष महत्व है कहा जाता है कि इससे मनोबल ऊँचा होता है और आध्यात्मिक शांति मिलती है। 


पर उपर्युक्त घटना हमें याद दिलाती है कि भीड़-भाड़, भौतिक थकावट, सुरक्षा-व्यवस्था कमी और स्वास्थ्य-विकार जैसे असाध्य हाले हमें सावधान रहने की जरूरत है। खासतौर पर वृद्ध या पूर्व-स्वास्थ्य समस्याओं से प्रीत व्यक्तियों को धार्मिक-स्थलों पर अर्कदबाव और भीड़ वाले स्थिति में विशेष सतर्क रहना चाहिए।


स्थानीय प्रशासन और घाट-प्रबंधन-सेवाओं को भी इसे एक सुरक्षा-चेतावनी के रूप में ले लेना चाहिए: आपातकालीन चिकित्सा-दायित्व, संयत भीड़-निकासी मार्ग, स्वास्थ्य-जांच-व मदद-बिंदु व अन्य सुविधाएं उपलभ्‍द कराना ज़रूरी हैं। इस दुःखद क्षण पर परिवार, मित्र-भक्त और स्थानीय समुदाय ने शोक व्यक्त किया है और भक्त की आत्मिक शांति के लिए प्रार्थना की गई है।

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