1st Bihar Published by: First Bihar Updated Wed, 10 Sep 2025 11:46:40 AM IST
अर्जुन मुंडा की मुलाकात - फ़ोटो REPORTER
BIHAR ELECTION : बिहार में विधानसभा चुनाव नजदीक है और सभी दल चुनावी तैयारियों में जुटे हुए हैं। इसी कड़ी में अब झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता अर्जुन मुंडा ने पटना पहुंचकर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात की। यह मुलाकात मुख्यमंत्री आवास पर हुई, जहां दोनों नेताओं के बीच करीब आधे घंटे तक बातचीत चली। इस मुलाकात ने न केवल बिहार बल्कि राष्ट्रीय राजनीति में भी चर्चा का माहौल बना दिया है।
वहीं, अर्जुन मुंडा ने मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत में साफ तौर पर कहा कि उनकी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से राजनीतिक और चुनावी मामलों पर चर्चा हुई है। उन्होंने यह भी इशारा किया कि बिहार में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर बीजेपी और जेडीयू की तैयारियों का खाका खींचा जा रहा है। उन्होंने कहा, “अगर पार्टी का आदेश होगा तो मैं बिहार में रहकर एनडीए के लिए चुनाव प्रचार करूंगा। पार्टी जहां भी जिम्मेदारी देगी, मैं वहां रहकर काम करूंगा।”
इस दौरान जब उनसे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के स्वास्थ्य को लेकर सवाल पूछा गया तो अर्जुन मुंडा ने कहा कि उनकी मुलाकात अभी-अभी हुई है और मुख्यमंत्री पूरी तरह से शारीरिक और मानसिक रूप से फिट नजर आ रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि नीतीश कुमार लगातार जनता के बीच सक्रिय हैं और पूरे उत्साह के साथ चुनावी तैयारी में जुटे हुए हैं।
अर्जुन मुंडा ने बिहार विधानसभा चुनाव के परिणामों को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने विश्वास जताया कि एक बार फिर बिहार में एनडीए की सरकार बनेगी। उनका कहना था कि बिहार की जनता ने हमेशा विकास और स्थिरता को चुना है। नीतीश कुमार और बीजेपी की जोड़ी ने बिहार में लंबे समय तक सरकार चलाई है और इस बार भी जनता का समर्थन एनडीए को मिलेगा।
दरअसल, अर्जुन मुंडा और नीतीश कुमार की इस मुलाकात के कई राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं। झारखंड से सटे बिहार के कई इलाकों में बीजेपी और जेडीयू की पकड़ मजबूत है। ऐसे में अर्जुन मुंडा जैसे बड़े आदिवासी नेता का बिहार में सक्रिय होना एनडीए के लिए एक बड़ा प्लस पॉइंट हो सकता है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बिहार चुनाव में इस बार एनडीए पूरी ताकत झोंकने वाला है और अर्जुन मुंडा की भूमिका अहम रह सकती है।
आपको बताते चलें कि,अर्जुन मुंडा भारतीय जनता पार्टी के कद्दावर आदिवासी नेता माने जाते हैं। झारखंड की राजनीति में उनका बड़ा कद है। तीन बार वे झारखंड के मुख्यमंत्री रह चुके हैं और लंबे समय से पार्टी की नीतियों को आगे बढ़ाते रहे हैं। बिहार के सीमावर्ती इलाकों में आदिवासी समाज की अच्छी-खासी संख्या है और ऐसे में अर्जुन मुंडा का सक्रिय होना चुनावी दृष्टिकोण से अहम माना जा रहा है।