पटना : बिहार विधान परिषद की स्नातक सीट के चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी लगातार तेज होती जा रही है। पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में अपने समर्थित उम्मीदवार के पक्ष में माहौल बनाने के लिए जेडीयू नेता और मोकामा विधायक अनंत सिंह लगातार पटना, नवादा और नालंदा जिले के अलग-अलग इलाकों का दौरा कर रहे हैं। इसी क्रम में बीते दिन उन्होंने पटना जिले के पालीगंज, बिहटा और नौबतपुर इलाके में पहुंचकर लोगों से मुलाकात की और अपने उम्मीदवार के पक्ष में वोट की अपील की।
अनंत सिंह ने लोगों से साफ शब्दों में कहा कि उनके उम्मीदवार को भारी मतों से जीत दिलानी है। उन्होंने समर्थकों से यह भी अपील की कि चुनाव में विरोध में खड़े उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो जाए। अनंत सिंह के इस तेवर के बाद समर्थकों में भी खासा उत्साह देखने को मिला। उन्होंने दावा किया कि जिन-जिन इलाकों में वह जा रहे हैं, वहां जनता उन्हें भरोसा दे रही है कि चुनाव में उनके उम्मीदवार के पक्ष में मजबूती से मतदान किया जाएगा।
हालांकि, बिहटा पहुंचने के दौरान एक ऐसी बात सामने आई, जिसके बाद अनंत सिंह को जनता से माफी मांगनी पड़ी। दरअसल, स्नातक चुनाव को लेकर उनके कार्यक्रम का शेड्यूल दो दिनों का था, लेकिन कार्यक्रम की जानकारी में हुई चूक के कारण दो दिन के कार्यक्रम को महज एक दिन में कर दिया गया। इसकी वजह से कई इलाकों में इंतजार कर रहे लोगों से अनंत सिंह की मुलाकात नहीं हो सकी।
बताया जा रहा है कि कई लोगों ने अनंत सिंह से शिकायत की कि उन्होंने उनके स्वागत के लिए पूरी तैयारी कर रखी थी। लोग घंटों इंतजार करते रहे, लेकिन अनंत सिंह उनके इलाके में नहीं पहुंच सके। इस पर अनंत सिंह ने अपनी भूल के लिए लोगों से माफी मांगी और कहा कि कार्यक्रम की जानकारी उन्हें सही तरीके से नहीं दी गई थी।
अनंत सिंह ने बिहटा इलाके के लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि कार्यक्रम को लेकर जो प्रोग्राम तय था, उसकी जानकारी उन्हें नहीं मिल पाई। दो दिन के कार्यक्रम को गलती से एक दिन का कर दिया गया। इसके कारण कुछ लोगों को परेशानी हुई और उन्हें तकलीफ पहुंची। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने उनके स्वागत के लिए तैयारी की थी, उनका उनके पास नहीं पहुंच पाना उन्हें भी खल रहा है।इसके बाद अनंत सिंह ने बेहद विनम्र अंदाज में जनता से कहा कि अगर किसी इलाके के किसी व्यक्ति को किसी तरह की समस्या है या वह उनसे मिलना चाहता है, तो उन्हें बुला लिया जाए। वह जनता के बुलावे पर वहां पहुंचेंगे।
अनंत सिंह ने कहा कि वह हाथ जोड़कर सभी लोगों से विनती करते हैं कि जहां किसी को किसी तरह की समस्या हो, वहां उन्हें बुलाया जाए। उन्होंने कहा कि जनता उनके लिए सबसे ऊपर है और जनता ही उनकी मालिक है। उन्होंने भावुक अंदाज में कहा कि “जनता ही मेरे मालिक हैं, भगवान हैं और वही मेरे लिए सबकुछ हैं।” अनंत सिंह ने उम्मीद जताई कि जनता उनकी इस भूल को माफ कर देगी।
स्नातक चुनाव के बीच अनंत सिंह का यह बयान राजनीतिक रूप से भी अहम माना जा रहा है। एक तरफ वह अपने उम्मीदवार के पक्ष में लगातार जनसंपर्क कर रहे हैं और विरोधियों की जमानत जब्त कराने की अपील कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ जनता से अपनी गलती के लिए माफी मांगकर यह संदेश भी दे रहे हैं कि चुनावी लड़ाई में जनता की नाराजगी को वह हल्के में नहीं लेना चाहते।
पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में मुकाबला लगातार दिलचस्प होता जा रहा है। पटना, नालंदा और नवादा में उम्मीदवारों के समर्थन में जनसंपर्क अभियान तेज है। ऐसे में अनंत सिंह का लगातार इलाकों में पहुंचना और सीधे मतदाताओं से संवाद करना चुनावी समीकरणों को प्रभावित करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। अब देखना होगा कि अनंत सिंह की यह जनसंपर्क मुहिम उनके समर्थित उम्मीदवार के पक्ष में कितना असर डालती है।





