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Bihar News: प्लेबॉय बनाने का झांसा, लोन दिलाने का खेल… पटना में बैठ 9 राज्यों से करोड़ों की साइबर ठगी का खुलासा

Cyber Crime: पटना में साइबर ठगी का बड़ा खुलासा हुआ है, जहां किराए के फ्लैट से चल रहा एक हाईटेक गिरोह देश के कई राज्यों में लोगों को झांसे में लेकर करोड़ों की ठगी कर रहा था। पुलिस ने इस नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया...

Bihar News: प्लेबॉय बनाने का झांसा, लोन दिलाने का खेल… पटना में बैठ 9 राज्यों से करोड़ों की साइबर ठगी का खुलासा
Ramakant kumar
4 मिनट

Cyber Fraud: राजधानी पटना में साइबर अपराध का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां राजधानी में किराए के फ्लैट से संचालित हो रहा एक गिरोह देश के नौ राज्यों के लोगों को शिकार बनाकर करोड़ों रुपये की ठगी कर रहा था। पटना साइबर थाना पुलिस ने इस हाईटेक ठगी नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए तीन साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी “प्लेबॉय बनाने” और आसान लोन दिलाने के नाम पर लोगों को फंसाते थे और फिर उनसे प्रोसेसिंग फीस, रजिस्ट्रेशन चार्ज और अन्य बहानों से रकम ऐंठ लेते थे।


गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नवादा जिले के वारिसलीगंज निवासी गुलशन कुमार, शुभम राज और शाहपुर निवासी विक्की कुमार के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके पास से एक लैपटॉप, 11 मोबाइल फोन, बैंक दस्तावेज, कई सिम कार्ड और डिजिटल सबूत बरामद किए हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ये गिरोह दिल्ली, उत्तर प्रदेश, केरल, महाराष्ट्र समेत नौ राज्यों के लोगों को निशाना बना चुका है।


साइबर डीएसपी नीतीश चंद्र धारिया ने बताया कि दूसरे राज्यों की साइबर एजेंसियों से सूचना मिली थी कि पटना से एक गिरोह ऑनलाइन फ्रॉड को अंजाम दे रहा है। जांच के दौरान पुलिस को बेऊर इलाके के एक अपार्टमेंट पर शक हुआ। इसके बाद शिव नगर स्थित ममता कुंज अपार्टमेंट में छापेमारी की गई, जहां से तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।


पूछताछ में खुलासा हुआ कि गिरोह का मास्टरमाइंड गुलशन कुमार है, जिसने स्नातक तक पढ़ाई की है। सबसे हैरान करने वाली बात यह सामने आई कि गुलशन खुद कभी साइबर ठगी का शिकार हुआ था। प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के दौरान उसके साथ ऑनलाइन ठगी हुई थी। उसी घटना के बाद उसने ठगी के तरीके सीखने शुरू किए और बाद में खुद साइबर अपराध का सरगना बन बैठा।


गुलशन ने पुलिस को बताया कि उसने टेलीग्राम पर साइबर फ्रॉड से जुड़े वीडियो देखकर ठगी के तरीके सीखे। वहीं से उसे एपीके फाइल, फर्जी लिंक, डिजिटल पेमेंट ट्रैप और सोशल इंजीनियरिंग के गुर मिले। बाद में उसने अपने दो दोस्तों शुभम और विक्की को इस धंधे में शामिल कर लिया।


यह गिरोह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म—फेसबुक, टेलीग्राम और व्हाट्सएप—पर “प्लेबॉय जॉब” और “तुरंत लोन” के आकर्षक विज्ञापन डालता था। जो लोग इन विज्ञापनों के झांसे में आते, उनसे पहले प्रोसेसिंग फीस मांगी जाती। कई मामलों में आरोपियों ने लोगों को एपीके फाइल भेजी, जिसे डाउनलोड करते ही पीड़ितों का मोबाइल हैक हो जाता था। इसके बाद उनके बैंक खातों से रकम साफ कर दी जाती थी।


पुलिस जांच में पता चला है कि तीनों आरोपी पिछले चार महीने से पटना में रहकर इस नेटवर्क को चला रहे थे। उन्होंने फ्लैट किराए पर लेते समय खुद को छात्र बताया था, ताकि किसी को शक न हो। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि अब तक इस गिरोह ने कुल कितनी रकम की ठगी की है और इनके नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल हैं।


पटना साइबर पुलिस अब अन्य राज्यों की एजेंसियों से संपर्क कर रही है, ताकि पीड़ितों की संख्या और ठगी की कुल रकम का आकलन किया जा सके। पुलिस का कहना है कि गिरोह के डिजिटल रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं और जल्द ही इस नेटवर्क से जुड़े अन्य नामों का भी खुलासा हो सकता है।