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2023 के चर्चित साइबर फ्रॉड केस में बड़ी कार्रवाई, पटना पुलिस ने राजस्थान से एक और आरोपी को दबोचा

पटना साइबर थाना पुलिस ने 2023 के बहुचर्चित साइबर धोखाधड़ी मामले में राजस्थान से एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। संजीवनी विकास फाउंडेशन के खाते में अवैध लेनदेन से जुड़े इस मामले में अब तक तीन आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

बिहार न्यूज
पुलिस की बड़ी कार्रवाई
© रिपोर्टर
Jitendra Vidyarthi
3 मिनट

PATNA: पटना पुलिस ने वर्ष 2023 के बहुचर्चित साइबर धोखाधड़ी मामले में बड़ी सफलता हासिल करते हुए राजस्थान से एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। यह मामला संजीवनी विकास फाउंडेशन के नोडल खाते में अवैध ऑनलाइन लेनदेन और करोड़ों रुपये की कथित धोखाधड़ी से जुड़ा है।


वर्ष 2023 में दर्ज बहुचर्चित साइबर धोखाधड़ी मामले में पटना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए राजस्थान से एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। यह मामला 21 नवंबर 2023 को गांधी मैदान थाना कांड संख्या 933/23 के तहत दर्ज किया गया था। आरोप है कि राजस्थान के कुछ सीएसपी (Customer Service Point) संचालकों ने संजीवनी विकास फाउंडेशन के नोडल खाते में अवैध तरीके से ऑनलाइन धनराशि जमा और निकासी कर साइबर धोखाधड़ी को अंजाम दिया था।


मामले की गंभीरता को देखते हुए माननीय उच्च न्यायालय के निर्देश पर इसकी जांच साइबर थाना, पटना को सौंपी गई थी। इसके बाद साइबर थाना की विशेष टीम ने तकनीकी विश्लेषण और मानवीय खुफिया सूचना के आधार पर लगातार कार्रवाई करते हुए राजस्थान से एक और आरोपी को गिरफ्तार किया।


पुलिस ने बताया कि इस मामले में इससे पहले भी दो आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। ताजा गिरफ्तारी के साथ इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या तीन हो गई है।


अन्य आरोपियों की तलाश जारी

जांच के दौरान पुलिस को इस साइबर धोखाधड़ी नेटवर्क में अन्य लोगों की संलिप्तता के भी साक्ष्य मिले हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए विभिन्न राज्यों में लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस का कहना है कि पूरे नेटवर्क का खुलासा होने तक कार्रवाई जारी रहेगी।


क्या बोले साइबर थाना प्रभारी?

साइबर थाना, पटना के पुलिस उपाधीक्षक सह थानाध्यक्ष नीतीश चंद्र धारिया ने बताया कि मामले की जांच अभी जारी है। उन्होंने कहा कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर सभी दोषियों के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। साथ ही इस साइबर गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी गहन जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि मामले में अग्रेतर कानूनी कार्रवाई जारी है और जल्द ही अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया जाएगा।