ब्रेकिंग
नेपाल में बाढ़ से 105 भारतीय पर्यटक लापता, 31 मानसरोवर यात्रा पर जा रहे थे, रेस्क्यू ऑपरेशन जारीनेपाल में डैम ब्लास्ट के बाद बिहार में हाई अलर्ट, गंडक के बढ़ते जलस्तर के बीच DM का बड़ा आदेशगंडक के जलस्तर में बढोतरी की आशंका को लेकर अलर्ट, पश्चिम चंपारण में डीएम ने तटबंधों और घाटों का किया निरीक्षणजमीन कब्जाने के आरोप में पूर्व विधायक प्रत्याशी भगत यादव गिरफ्तार, बेटा समेत कई आरोपी फरारछेड़खानी के आरोप में खंभे से बांधकर पिटाई! गया में भीड़ का ‘इंसाफ’, वायरल वीडियो से कानून-व्यवस्था पर सवालनेपाल में बाढ़ से 105 भारतीय पर्यटक लापता, 31 मानसरोवर यात्रा पर जा रहे थे, रेस्क्यू ऑपरेशन जारीनेपाल में डैम ब्लास्ट के बाद बिहार में हाई अलर्ट, गंडक के बढ़ते जलस्तर के बीच DM का बड़ा आदेशगंडक के जलस्तर में बढोतरी की आशंका को लेकर अलर्ट, पश्चिम चंपारण में डीएम ने तटबंधों और घाटों का किया निरीक्षणजमीन कब्जाने के आरोप में पूर्व विधायक प्रत्याशी भगत यादव गिरफ्तार, बेटा समेत कई आरोपी फरारछेड़खानी के आरोप में खंभे से बांधकर पिटाई! गया में भीड़ का ‘इंसाफ’, वायरल वीडियो से कानून-व्यवस्था पर सवाल

Greenfield alignment project : पशुपतिनाथ से बैजनाथधाम तक बनेगा ग्रीन फील्ड रोड, कांवड़ियों को मिलेगी बड़ी सुविधा

पशुपतिनाथ से बैजनाथधाम तक ग्रीन फील्ड एलाइनमेंट और सुल्तानगंज–बाबा धाम पैदल सर्विस रोड को लेकर केंद्र सरकार का सकारात्मक संकेत।

Greenfield alignment project : पशुपतिनाथ से बैजनाथधाम तक बनेगा ग्रीन फील्ड रोड, कांवड़ियों को मिलेगी बड़ी सुविधा
Tejpratap
Tejpratap
4 मिनट

Greenfield alignment project : बिहार और झारखंड ही नहीं, बल्कि पूरे देश के शिवभक्तों के लिए एक बड़ी और ऐतिहासिक पहल सामने आई है। नेपाल स्थित विश्वप्रसिद्ध पशुपतिनाथ मंदिर से झारखंड के देवघर स्थित बाबा बैजनाथधाम तक प्रस्तावित ग्रीन फील्ड एलाइनमेंट और सुल्तानगंज से बैजनाथधाम तक पैदल तीर्थयात्रियों के लिए सर्विस रोड निर्माण को लेकर अब ठोस संकेत मिलने लगे हैं। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के सतत प्रयासों से इस महत्वाकांक्षी परियोजना के साकार होने की संभावना और प्रबल हो गई है।


इस संबंध में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को पत्र लिखकर जानकारी दी है कि उनके द्वारा भेजे गए प्रस्ताव को मंत्रालय के नए राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण कार्यक्रम के तहत विचार के लिए लिया गया है। साथ ही संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दे दिए गए हैं। यह पत्र सामने आने के बाद क्षेत्र में उत्साह और उम्मीद का माहौल बन गया है।


केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि किसी भी नए राष्ट्रीय राजमार्ग की घोषणा कई महत्वपूर्ण मापदंडों के आधार पर की जाती है। इनमें यातायात का घनत्व, माल ढुलाई की आवश्यकता, यात्री आवाजाही, क्षेत्र का सामाजिक-आर्थिक महत्व, पर्यटन की संभावनाएं, प्रधानमंत्री गति शक्ति योजना से सामंजस्य तथा राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क को जोड़ने वाली सड़कों की भूमिका जैसे बिंदु शामिल होते हैं। इसके बावजूद उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा भेजे गए इस प्रस्ताव को गंभीरता से विचार के लिए आगे बढ़ाया गया है, जो इसकी अहमियत को दर्शाता है।


गौरतलब है कि उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी संगठन और सरकार, दोनों स्तरों पर अपने प्रभावी नेतृत्व के लिए जाने जाते हैं। वे भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुके हैं और केंद्र सरकार के मंत्रियों तथा शीर्ष नेतृत्व के साथ उनके बेहतर समन्वय का लाभ लगातार उनके क्षेत्र को मिलता रहा है। तारापुर विधानसभा क्षेत्र से जुड़ी कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को बीते एक वर्ष में मिली स्वीकृति को इसी समन्वय और सक्रिय पहल का परिणाम माना जा रहा है।


उल्लेखनीय है कि सम्राट चौधरी ने बीते वर्ष केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को पत्र लिखकर यह अनुरोध किया था कि पशुपतिनाथ (नेपाल) से बैजनाथधाम (देवघर) तक ग्रीन फील्ड एलाइनमेंट के निर्माण को राष्ट्रीय राजमार्ग योजना में शामिल किया जाए। इसके साथ ही उन्होंने विशेष रूप से सुल्तानगंज से बैजनाथधाम तक पैदल कांवड़ियों और तीर्थयात्रियों के लिए एक अलग सर्विस रोड के निर्माण की मांग भी रखी थी। सावन के महीने में लाखों श्रद्धालु सुल्तानगंज से गंगाजल लेकर पैदल बाबा धाम जाते हैं, ऐसे में यह सर्विस रोड उनकी सुरक्षा और सुविधा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।


यदि यह परियोजना धरातल पर उतरती है तो इससे धार्मिक पर्यटन को अभूतपूर्व बढ़ावा मिलेगा। नेपाल, बिहार और झारखंड के बीच धार्मिक और सांस्कृतिक संबंध और मजबूत होंगे। साथ ही स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और क्षेत्र का आर्थिक विकास भी तेज होगा।


केंद्रीय मंत्री के सकारात्मक रुख की जानकारी खुद उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने स्थानीय प्रेस संवाददाताओं को दी, जिसके बाद क्षेत्रवासियों में खुशी की लहर दौड़ गई। लोगों को भरोसा है कि धार्मिक आस्था से जुड़ी यह महत्वाकांक्षी योजना जल्द ही स्वीकृति प्राप्त करेगी और अमल में आने के बाद न सिर्फ तारापुर बल्कि पूरे बिहार के लिए एक ऐतिहासिक और मील का पत्थर साबित होगी।