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छेड़खानी के आरोप में खंभे से बांधकर पिटाई! गया में भीड़ का ‘इंसाफ’, वायरल वीडियो से कानून-व्यवस्था पर सवाल

गया के मोहनपुर में छेड़छाड़ के आरोप में एक व्यक्ति को खंभे से बांधकर पीटने का वीडियो वायरल है। पुलिस ने आरोपी को जेल भेजा, मामले की जांच जारी है।

बिहार न्यूज
जांच में जुटी पुलिस
© सोशल मीडिया
Jitendra Vidyarthi
4 मिनट

GAYAJEE: बिहार के गया जी से सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे एक वीडियो ने कानून-व्यवस्था और भीड़ के कथित ‘इंसाफ’ पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वीडियो गया ज़िला के मोहनपुर थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है, जिसमें एक व्यक्ति को खंभे से बांधकर बेरहमी से पीटते हुए देखा जा रहा है।


वायरल वीडियो को लेकर यह दावा किया जा रहा है कि खंभे से बंधा व्यक्ति अफजल मियां, ग्राम बभनी, थाना मोहनपुर, गया का रहने वाला है। उस पर एक छात्रा के साथ छेड़छाड़ करने का आरोप लगाए जाने की बात सामने आ रही है। हालांकि, वायरल वीडियो और उससे जुड़े सभी दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और ना ही फर्स्ट बिहार इसकी पुष्टि करता है। आरोप सही भी हो तो सजा देने का अधिकार भीड़ को किसने दिया? यह बड़ा सवाल उठ रहा है।


सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर किसी व्यक्ति पर छेड़छाड़ का आरोप है, तो क्या भीड़ उसे पकड़कर खंभे से बांध सकती है क्या और बेरहमी से पीट सकती है क्या? किसी पर अपराध का आरोप लगना और अदालत में अपराध साबित होना दो अलग-अलग बातें हैं। कानून ने पुलिस को जांच का अधिकार दिया है और अदालत को दोष तय कर सजा सुनाने का अधिकार दिया है। लेकिन अगर भीड़ ही सड़क पर फैसला सुनाने लगे और कथित आरोपी को खंभे से बांधकर पीटना शुरू कर दे, तो फिर कानून और न्याय व्यवस्था का क्या मतलब रह जाता है?


पीटा रहे व्यक्ति की पत्नी ने बताई अलग कहानी

वायरल मामले को लेकर अफजल मियां की पत्नी सकीना खातून के हवाले से दावा किया जा रहा है कि वह अपने पति और बच्चे के साथ घर लौट रही थीं। इसी दौरान रास्ते में एक छात्रा को एक युवक द्वारा कथित रूप से छेड़ने की घटना हुई। छात्रा के चिल्लाने पर वह युवक वहां से भाग गया। सकीना के मुताबिक, इसके बाद मौके पर पहुंचे लोगों ने उनके पति अफजल मियां को पकड़ लिया और खंभे से बांधकर उनकी बेरहमी से पिटाई कर दी। यह दावा जांच का विषय है कि वास्तविक घटना क्या थी, छात्रा के साथ छेड़छाड़ किसने की और अफजल मियां की उसमें क्या भूमिका थी। फिलहाल पुलिस ने अफजल को  जेल भेज दिया है।


ऐसे में अब पुलिस जांच से यह साफ होना जरूरी है कि अफजल मियां पर लगे आरोपों की वास्तविकता क्या है और वायरल वीडियो में जिस तरह की मारपीट दिखाई जा रही है, उसमें शामिल लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई। सवाल सिर्फ अफजल मियां का नहीं है। सवाल यह है कि आखिर कानून का राज चलेगा या भीड़ का फैसला? अगर आरोप सही है तो दोषी को अदालत से सजा मिले। अगर आरोप गलत है तो निर्दोष को न्याय मिले।लेकिन किसी भी हालत में भीड़ को कानून हाथ में लेकर सजा देने की इजाजत नहीं दी जा सकती। अब निगाह पुलिस और प्रशासन पर है..क्या वायरल वीडियो में दिख रही कथित बर्बरता की भी जांच होगी और कानून हाथ में लेने वालों पर भी कार्रवाई होगी?

गयाजी से नितम राज की रिपोर्ट