सुगौली में गैस खत्म होने की अफवाह से मचा हड़कंप, गोदाम पर लगी लंबी लाइन, एजेंसी के मालिक ने कहा..गैस की कोई कमी नहीं

मोतिहारी जिले के सुगौली में गैस खत्म होने और ईरान-इजरायल युद्ध के कारण सप्लाई रुकने की अफवाह फैलते ही गैस एजेंसी पर सैकड़ों लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। एजेंसी संचालक ने कहा कि गैस की कोई कमी नहीं है और लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mar 10, 2026, 3:20:06 PM

बिहार न्यूज

अफवाह से सावधान - फ़ोटो सोशल मीडिया

MOTIHARI: सुगौली में गैस खत्म होने की अफवाह से अचानक हड़कंप मच गया। यह अफवाह फैल गई कि इरान और इजराइल के बीच चल रहे युद्ध के कारण गैस की सप्लाई बंद हो सकती है। जिसके बाद गैस एजेंसी के गोदाम पर सैकड़ों लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। लोग खाली सिलेंडर लेकर कई घंटों तक लंबी लाइन में लगे रहे।


देखते ही देखते एजेंसी के बाहर अफरातफरी का माहौल बन गया। लोग जल्द से जल्द गैस सिलेंडर लेने के लिए कतार में खड़े हो गए। गैस एजेंसी के प्रोपराइटर बिनोद गुप्ता ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि गोदाम में पर्याप्त मात्रा में गैस उपलब्ध है और घबराने की कोई जरूरत नहीं है। 


उन्होंने स्पष्ट किया कि पहले की तरह घर-घर गैस की आपूर्ति जारी रहेगी। वहीं गोदाम के कर्मियों ने बताया कि अफवाह फैलने के कारण लोग सीधे गोदाम पहुंच रहे हैं। इससे वहां भीड़ बढ़ रही है और गांवों में गैस की गाड़ी भेजने में परेशानी हो रही है।


अभी हो क्या रहा है?

United States, Israel और Iran के बीच बढ़ते तनाव के कारण पश्चिम एशिया में हालात अस्थिर हो गए हैं। इसका असर दुनिया के तेल बाजार पर भी पड़ा है। Brent Crude Oil की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई है और कुछ समय के लिए यह लगभग 120 डॉलर प्रति बैरल तक भी चली गई थी। आम तौर पर जब कच्चा तेल महंगा होता है तो पेट्रोल और डीजल की कीमतें भी बढ़ जाती हैं।


भारत पर अभी क्या असर है?

फिलहाल भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है। इसके पीछे कुछ प्रमुख कारण बताए जा रहे हैं। भारत की सरकारी तेल कंपनियां Indian Oil Corporation,Bharat Petroleum,Hindustan Petroleum पिछले दो वर्षों में अच्छी कमाई कर चुकी हैं। इसलिए ये कंपनियां कुछ समय तक महंगे कच्चे तेल का दबाव खुद झेल सकती हैं। साथ ही सरकार भी फिलहाल आम जनता पर महंगाई का बोझ नहीं डालना चाहती।


आगे क्या हो सकता है?

अगर युद्ध जल्दी खत्म हो गया तब कच्चे तेल की कीमतें फिर कम हो सकती हैं, भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतें स्थिर रह सकती हैं। अगर तनाव लंबे समय तक जारी रहा तब कच्चा तेल और महंगा हो सकता है, तब भारत में भी पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाने पड़ सकते हैं. अभी कीमतों में बढ़ोतरी की संभावना नहीं है, लेकिन अगर पश्चिम एशिया में तनाव लंबा चला और तेल 110-120 डॉलर प्रति बैरल के आसपास रहा, तो आने वाले महीनों में पेट्रोल-डीजल महंगे हो सकते हैं।