Nepal new rules: नेपाल सरकार के नए नियमों का असर मधेशी क्षेत्रों में रहने वाले नेपाली नागरिकों पर गहराई से पड़ रहा है। खासकर उनके घरेलू बजट पर इसका सीधा प्रभाव देखने को मिल रहा है, क्योंकि रोजमर्रा की जरूरी वस्तुओं पर अब अधिक खर्च करना पड़ रहा है। इसका असर सीमावर्ती भारतीय बाजारों पर भी पड़ा है, जहां नेपाली ग्राहकों की आवाजाही और खरीदारी दोनों में कमी आई है।
नरकटियागंज के पुरानी बाजार में एक विवाह समारोह में आए नेपाल के राजेश्वर प्रसाद और मुर्तुजा अंसारी ने बताया कि अप्रैल 2026 से लागू नए नियमों ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। नियम के अनुसार भारत से 100 नेपाली रुपये (करीब 62 भारतीय रुपये) से अधिक मूल्य का सामान लाने पर कस्टम ड्यूटी देना अनिवार्य कर दिया गया है। पहले घरेलू जरूरतों की बड़ी खरीद पर भी कोई टैक्स नहीं लगता था।
सत्याग्रह एक्सप्रेस से रक्सौल जा रहे नेपाली नागरिकों ने बताया कि तराई क्षेत्र के लोग रोजमर्रा की जरूरतों के लिए रक्सौल, जोगबनी और सुनौली जैसे भारतीय बाजारों पर निर्भर रहते हैं। किराना, तेल, साबुन, कपड़े और दवाइयां सस्ती होने के कारण बड़ी संख्या में लोग भारत से खरीदारी करते थे, लेकिन अब 100 रुपये से अधिक की खरीद पर 5 से 80 प्रतिशत तक टैक्स लगने से जीवनयापन महंगा हो गया है।
सीमावर्ती बाजारों के दुकानदारों का कहना है कि उनकी अधिकतर बिक्री नेपाली ग्राहकों पर निर्भर थी, लेकिन नए नियम के बाद ग्राहकों की संख्या में भारी गिरावट आई है। थोक और खुदरा दोनों बाजारों में सन्नाटा पसरा हुआ है, जिससे व्यापार प्रभावित हुआ है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इससे भारत-नेपाल के बीच लंबे समय से चली आ रही खुली आवाजाही और सामाजिक संबंधों पर भी असर पड़ रहा है। वहीं नेपाली नागरिकों ने बताया कि आर्म्ड फोर्स द्वारा चेकिंग अभियान तेज कर दिया गया है, बैग की जांच हो रही है और बिना अनुमति भारतीय वाहनों की आवाजाही पर भी रोक लगाई गई है। चेकपोस्ट पर लगातार जांच के कारण यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।




